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आकाशदीप के लिए सुराग तलाशने आई एसटीएफ, कई लोगों से पूछताछ के बाद लौटी, मिले सुराग
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कन्नौज। इंदरगढ़ इलाके के बाइक एजेंसी मालिक के बेटे आकाशदीप का अब तक सुराग नहीं लग सका है। वह 19 मार्च से लापता है। अपहरण की नामजद रिपोर्ट के बावजूद इस मामले की तह तक पुलिस नहीं पहुंच पाई है। बुधवार को आई एसटीएफ की टीम कई जगह पूछताछ करने के बाद रात में लौट गई। यह दावा किया जा रहा है कि एसटीएफ को सुराग मिले हैं।
इंदरगढ़ थाना क्षेत्र के गांव पूराराय निवासी सत्येंद्र कुमार के बेटे आकाशदीप का नादेमऊ एजेंसी जाते समय 19 मार्च को अपहरण हो गया था। पिता ने अपहरण का शक जताते हुए इंदरगढ़ थाने में नामजद रिपोर्ट दर्ज कराई थी। 16 अप्रैल को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत ने पूराराय गांव निवासी हसेरन के पूर्व ब्लाक प्रमुख उमाशंकर बेरिया, कलसान निवासी सचिन शुक्ला, अजीत कुमार व नई बस्ती कलसान निवासी विनीत सिंह का नार्को टेस्ट कराने के लिए पुलिस को अनुमति दी। इधर, थानेदार विमलेश कुमार के कोरोना संक्रमित हो जाने के कारण पुलिस स्तर से मामला आगे नहीं बढ़ सका। एसपी प्रशांत कुमार ने इसका पत्राचार लखनऊ में नार्को टेस्ट के निदेशक से किया है। वहां से तारीख तय होते ही नार्को टेस्ट के लिए आरोपियों को ले जाया जाएगा। इधर, एसटीएफ की टीम भी इस मामले में लगी हुई है। परिजन बीतें दिनों सीबीआई जांच की मांग भी कर चुके हैं।
सूत्रों के मुताबिक एसटीएफ को कुछ सुराग मिले हैं। वह सभी पहलुओं पर जांच कर रही है। एक पहलू अपहरण और दूसरा पारिवारिक है। पूछताछ में यह भी सामने आया है कि आकाशदीप किसी बात को लेकर गुस्सैल व बिगड़ैल स्वभाव का हो गया था। उसका यह स्वभाव कहीं इस घटनाक्रम से जुड़ा है या नहीं, इसे भी खंगाला जा रहा है। इस मामले में एसपी प्रशांत वर्मा का कहना है कि पुलिस व एसटीएफ इस मामले की तह तक पहुंचने में लगी है। जल्द ही वह किसी निष्कर्ष पर पहुंच जाएगी। समयावधि अधिक होते जाने की वजह से अपहरण व अन्य सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच हो रही है।
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इंदरगढ़ थाना क्षेत्र के गांव पूराराय निवासी सत्येंद्र कुमार के बेटे आकाशदीप का नादेमऊ एजेंसी जाते समय 19 मार्च को अपहरण हो गया था। पिता ने अपहरण का शक जताते हुए इंदरगढ़ थाने में नामजद रिपोर्ट दर्ज कराई थी। 16 अप्रैल को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत ने पूराराय गांव निवासी हसेरन के पूर्व ब्लाक प्रमुख उमाशंकर बेरिया, कलसान निवासी सचिन शुक्ला, अजीत कुमार व नई बस्ती कलसान निवासी विनीत सिंह का नार्को टेस्ट कराने के लिए पुलिस को अनुमति दी। इधर, थानेदार विमलेश कुमार के कोरोना संक्रमित हो जाने के कारण पुलिस स्तर से मामला आगे नहीं बढ़ सका। एसपी प्रशांत कुमार ने इसका पत्राचार लखनऊ में नार्को टेस्ट के निदेशक से किया है। वहां से तारीख तय होते ही नार्को टेस्ट के लिए आरोपियों को ले जाया जाएगा। इधर, एसटीएफ की टीम भी इस मामले में लगी हुई है। परिजन बीतें दिनों सीबीआई जांच की मांग भी कर चुके हैं।
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सूत्रों के मुताबिक एसटीएफ को कुछ सुराग मिले हैं। वह सभी पहलुओं पर जांच कर रही है। एक पहलू अपहरण और दूसरा पारिवारिक है। पूछताछ में यह भी सामने आया है कि आकाशदीप किसी बात को लेकर गुस्सैल व बिगड़ैल स्वभाव का हो गया था। उसका यह स्वभाव कहीं इस घटनाक्रम से जुड़ा है या नहीं, इसे भी खंगाला जा रहा है। इस मामले में एसपी प्रशांत वर्मा का कहना है कि पुलिस व एसटीएफ इस मामले की तह तक पहुंचने में लगी है। जल्द ही वह किसी निष्कर्ष पर पहुंच जाएगी। समयावधि अधिक होते जाने की वजह से अपहरण व अन्य सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच हो रही है।
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