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दूसरे दिन भी सुलगती रही आग
Kannauj
Updated Wed, 09 May 2012 12:00 PM IST
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तिर्वा (कन्नौज)। राज परिवार की पुरानी गढ़ी में तहसील के पुराने भवन में सोमवार की शाम लगी भयंकर आग मंगलवार की सुबह तक सुलगती रही। सुबह दस बजे के बाद राजस्व कर्मियों एवं राज परिवार ने जले सामान की क्षति का आंकलन किया। तहसीलदार की माने तो आगजनी की घटना से तहसील का कोई भी रिकार्ड खाक नहीं हुआ है। वहीं राज परिवार के प्रबंधक के मुताबिक जमींदारी समय के रिकार्ड के साथ ही लगभग बारह लाख का फर्नीचर जलकर राख हो गया है।
तहसील के पुराने भवन में सोमवार की शाम रहस्यमय तरीके से आग लग गई थी। राज परिवार के जमींदारी समय के रिकार्ड रूम से उठी यह आग हवा के झोंके से पूरे परिसर में फैल गई थी। पुराने एसडीएम कार्यालय, न्यायालय, रिकार्ड रूम , तहसीलदार न्यायालय, निबंधक कार्यालय को भी अपनी चपेट में ले लिया था। देर रात्रि दमकल विभाग की दो गाड़ियों ने लगभग छह घंटे के अथक प्रयास के बाद आग पर किसी तरह काबू पाया था। मंगलवार की सुबह सात बजे तक रिकार्ड रूम से आग सुलगती देखी गई। दस बजे के आसपास राजस्व कर्मचारियों एवं राज परिवार के प्रबंधक सत्यप्रकाश श्रीवास्तव ने रिकार्ड एवं सामानों की छानबीन की। श्री श्रीवास्तव के मुताबिक आग के चलते जमींदारी समय के सारे रिकार्ड रोकड़ बही, खसरा-खतौनी समेत लगभग दस लाख रूपए का फर्नीचर, खिड़की दरवाजे जलकर खाक हो गए। उनके मुताबिक नए भवन में स्थानांतरण के बाद तहसील प्रशासन ने न तो यह परिसर खाली किया है, न ही यहां की सुरक्षा की कोई व्यवस्था की है, जिसके चलते आवारा तत्व का यहां जमावड़ा रहता है। इसी के चलते आगजनी की घटना हुई है।
उधर तहसीलदार अवधेश श्रीवास्तव का कहना है कि आगजनी की घटना में तहसील के सारे रिकार्ड सुरक्षित है। केवल एक जनरेटर फंसा था, वह भी बच गया है। सुरक्षा की व्यवस्था को लेकर उन्होंने कोई भी टिप्पणी करने से मना कर दिया।
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तहसील के पुराने भवन में सोमवार की शाम रहस्यमय तरीके से आग लग गई थी। राज परिवार के जमींदारी समय के रिकार्ड रूम से उठी यह आग हवा के झोंके से पूरे परिसर में फैल गई थी। पुराने एसडीएम कार्यालय, न्यायालय, रिकार्ड रूम , तहसीलदार न्यायालय, निबंधक कार्यालय को भी अपनी चपेट में ले लिया था। देर रात्रि दमकल विभाग की दो गाड़ियों ने लगभग छह घंटे के अथक प्रयास के बाद आग पर किसी तरह काबू पाया था। मंगलवार की सुबह सात बजे तक रिकार्ड रूम से आग सुलगती देखी गई। दस बजे के आसपास राजस्व कर्मचारियों एवं राज परिवार के प्रबंधक सत्यप्रकाश श्रीवास्तव ने रिकार्ड एवं सामानों की छानबीन की। श्री श्रीवास्तव के मुताबिक आग के चलते जमींदारी समय के सारे रिकार्ड रोकड़ बही, खसरा-खतौनी समेत लगभग दस लाख रूपए का फर्नीचर, खिड़की दरवाजे जलकर खाक हो गए। उनके मुताबिक नए भवन में स्थानांतरण के बाद तहसील प्रशासन ने न तो यह परिसर खाली किया है, न ही यहां की सुरक्षा की कोई व्यवस्था की है, जिसके चलते आवारा तत्व का यहां जमावड़ा रहता है। इसी के चलते आगजनी की घटना हुई है।
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उधर तहसीलदार अवधेश श्रीवास्तव का कहना है कि आगजनी की घटना में तहसील के सारे रिकार्ड सुरक्षित है। केवल एक जनरेटर फंसा था, वह भी बच गया है। सुरक्षा की व्यवस्था को लेकर उन्होंने कोई भी टिप्पणी करने से मना कर दिया।
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