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सुस्त पड़ा राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन
Kannauj
Updated Wed, 08 Oct 2014 05:32 AM IST
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कन्नौज। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन कार्यक्रम के तहत महिला स्वयं सहायता समूह के गठन में ढिलाई बरती जा रही है। इस पर परियोजना निदेशक एके सिंह ने नाराजगी जताई है। पत्र भेजकर खंड विकास अधिकारियों को कार्यप्रणाली में तेजी लाने को कहा है।
छिबरामऊ में लक्ष्य 38 के सापेक्ष 12, तालग्राम में 28 में पांच, सौरिख में 24 में दो, हसेरन में 16 में दो, जलालाबाद में 15 में पांच, गुगरापुर में 10 में दो, कन्नौज में 33 में पांच और उमर्दा में 36 में 10 ( जनपद में कुल लक्ष्य 200 के सापेक्ष 43) समूहों का ही गठन हो सका है।
इस स्थिति से स्पष्ट है कि ब्लाकों के सहायक विकास अधिकारी (आईएसबी) एवं संबंधित ग्राम विकास अधिकारी इस कार्य में रुचि नहीं ले रहे हैं। बीडीओ भी एनआरएलएम योजना की ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं। उन्होंने फरमान जारी किया है कि लक्ष्य पूर्ति कराना बीडीओ सुनिश्चित कराएं। वेतन का भुगतान तभी किया जाएगा जब वे समूह गठन का लक्ष्य पूरा कर देंगे।
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छिबरामऊ में लक्ष्य 38 के सापेक्ष 12, तालग्राम में 28 में पांच, सौरिख में 24 में दो, हसेरन में 16 में दो, जलालाबाद में 15 में पांच, गुगरापुर में 10 में दो, कन्नौज में 33 में पांच और उमर्दा में 36 में 10 ( जनपद में कुल लक्ष्य 200 के सापेक्ष 43) समूहों का ही गठन हो सका है।
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इस स्थिति से स्पष्ट है कि ब्लाकों के सहायक विकास अधिकारी (आईएसबी) एवं संबंधित ग्राम विकास अधिकारी इस कार्य में रुचि नहीं ले रहे हैं। बीडीओ भी एनआरएलएम योजना की ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं। उन्होंने फरमान जारी किया है कि लक्ष्य पूर्ति कराना बीडीओ सुनिश्चित कराएं। वेतन का भुगतान तभी किया जाएगा जब वे समूह गठन का लक्ष्य पूरा कर देंगे।
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