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आतिशबाजी बनाने से बच्चों, महिलाओं को दूर रखें
Kannauj
Updated Wed, 23 Jul 2014 05:30 AM IST
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कन्नौज। जिले में आतिशबाजी बनाने वाले कारीगरों की एसपी ने अपने दफ्तर में बैठक ली। इस दौरान उन्हें कई हिदायतें देकर उनका पालन करने के निर्देश दिए। इस समय आतिशबाजी बनाने वालों की जिले में कुल 24 दुकानें हैं, जिनमें तीन के लाइसेंस निरस्त हो चुके हैं।
एसपी ने कहा कि विस्फोटक सामग्री तैयार करते समय महिलाओं व बच्चों को किसी भी दशा में न लगाएं। लाइसेंस में जो स्थल दर्शाया गया है, वहीं पर विस्फोटक पदार्थ रखकर निर्माण किया जाए। यदि दूसरे स्थान पर विस्फोटक पदार्थ रखा पाया गया तो निर्माणकर्ता के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। गोदाम को आबादी से बाहर रखा जाए। बालू रखें। आग से बचाव के अन्य उपकरणों का इंतजाम भी करें। एफएसओ को निर्देश दिए कि यदि बस्ती में गोदाम पाया गया तो उन्हें भी दंडित किया जाएगा।
बाद में उन्होंने प्रत्येक लाइसेंस धारक के रजिस्टर जांचे। इस दौरान पाया कि उक्त लोग कानपुर, इटावा व फर्रुखाबाद से विस्फोटक कच्चा माल खरीदते हैं, पर रजिस्टर पर कोई रसीद अंकित नहीं मिली। तैयार माल को बिक्री करने वाले का नाम, पता भी नहीं दर्शाया गया था। एसपी ने कहा कि विस्फोटक सामग्री तैयार करने वालों की लाइसेंस फीस बढ़ाई जाए। जिस स्थान से कच्चा माल खरीदें, उसकी रसीद भी लगाएं। जिस दुकान से कच्चा माल लिया जाए, उसका मोबाइल नंबर व नाम-पता लिखा जाए। मौजूदा स्थिति में तीन जिलों से दुकानदार माल खरीदकर अधिक मात्रा में लाते हैं, लेकिन कागजों में केवल एक किलो विस्फोटक ही अपने रजिस्टर में अंकित करते हैं। यह फर्जीवाड़ा तत्काल बंद करने या फिर कार्रवाई का सामना करने के लिए तैयार रहें। एक लाइसेंस धारक अधिक से अधिक 25 किलो विस्फोटक पदार्थ ही रख सकता है।
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एसपी ने कहा कि विस्फोटक सामग्री तैयार करते समय महिलाओं व बच्चों को किसी भी दशा में न लगाएं। लाइसेंस में जो स्थल दर्शाया गया है, वहीं पर विस्फोटक पदार्थ रखकर निर्माण किया जाए। यदि दूसरे स्थान पर विस्फोटक पदार्थ रखा पाया गया तो निर्माणकर्ता के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। गोदाम को आबादी से बाहर रखा जाए। बालू रखें। आग से बचाव के अन्य उपकरणों का इंतजाम भी करें। एफएसओ को निर्देश दिए कि यदि बस्ती में गोदाम पाया गया तो उन्हें भी दंडित किया जाएगा।
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बाद में उन्होंने प्रत्येक लाइसेंस धारक के रजिस्टर जांचे। इस दौरान पाया कि उक्त लोग कानपुर, इटावा व फर्रुखाबाद से विस्फोटक कच्चा माल खरीदते हैं, पर रजिस्टर पर कोई रसीद अंकित नहीं मिली। तैयार माल को बिक्री करने वाले का नाम, पता भी नहीं दर्शाया गया था। एसपी ने कहा कि विस्फोटक सामग्री तैयार करने वालों की लाइसेंस फीस बढ़ाई जाए। जिस स्थान से कच्चा माल खरीदें, उसकी रसीद भी लगाएं। जिस दुकान से कच्चा माल लिया जाए, उसका मोबाइल नंबर व नाम-पता लिखा जाए। मौजूदा स्थिति में तीन जिलों से दुकानदार माल खरीदकर अधिक मात्रा में लाते हैं, लेकिन कागजों में केवल एक किलो विस्फोटक ही अपने रजिस्टर में अंकित करते हैं। यह फर्जीवाड़ा तत्काल बंद करने या फिर कार्रवाई का सामना करने के लिए तैयार रहें। एक लाइसेंस धारक अधिक से अधिक 25 किलो विस्फोटक पदार्थ ही रख सकता है।
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