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बेलगाम टीचर और शिक्षामित्र मना रहे छुट्टी

Sat, 05 Jan 2013 05:30 AM IST
Kannauj
Kannauj Updated Sat, 05 Jan 2013 05:30 AM IST
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जलालाबाद (कन्नौज)। ठंड को देखते हुए जिलाधिकारी और बेसिक शिक्षा अधिकारी ने परिषदीय स्कूलों के बच्चों का अवकाश घोषित कर दिया है, पर इस आदेश का टीचर भी फायदा उठा रहे हैं। कई टीचर विद्यालय न आकर छुट्टियां मना रहे हैं। उधर, छुट्टी घोषित होने के बाद भी कई प्राइवेट स्कूल खुले रहे हैं। कड़ाके की ठंड में भी बच्चों को मजबूरी में स्कूल आना पड़ रहा है।
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प्राइमरी स्कूल तिलपई में शुक्रवार की सुबह सवा 11 बजे ताला लटकता मिला। यहां न तो कोई शिक्षामित्र पहुंचा और न ही टीचर। प्राइमरी स्कूल कूल्हापुर 11.54 बजे बंद था। स्कूल के बाहर आंगनबाड़ी सहायिका और रसोइया अलाव तापती मिलीं। शिक्षामित्र अन्नू द्विवेदी व सीमा कटियार मौजूद थीं। यहां हेड टीचर गायब थीं। इसी गांव के प्राइवेट स्कूल में पढ़ाई चल रही थी। यहां करीब 125 बच्चे पढ़ रहे थे।
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प्राइमरी स्कूल वैसावारी में 12.15 बजे शिक्षामित्र अनिल यादव तो मौके पर थे, पर हेड टीचर मीनाक्षी गुप्ता स्कूल नहीं पहुंचीं। ग्रामीणों ने बताया कि वे अक्सर गायब रहती हैं। प्राइमरी स्कूल ताखेपुरवा 12.20 बजे बंद मिला। यहां हेड टीचर आरती, सहायक टीचर जितेंद्र कुमार, शिक्षामित्र शिल्पा कटियार व लवली स्कूल नहीं आईं। पूर्व माध्यमिक स्कूल तेरारागी में 12.45 बजे हेड टीचर जयवीर सिंह यादव बैठे थे, जबकि सहायक टीचर मंजू और रामरक्षपाल नहीं थे।
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प्राइमरी स्कूल तेरारागी में एकमात्र शिक्षामित्र सोनी पांडेय मिलीं। प्रधानाध्यापक रीना सिंह व शिक्षामित्र रामनिवास स्कूल नहीं आए। प्राइमरी स्कूल सतवारी 1.10 बजे बंद था। यहां हेड टीचर सीमा रानी व शिक्षामित्र सुकीर्ति पाल तैनात हैं। बच्चों के साथ ये भी छुट्टी मना रही हैं। प्राइमरी स्कूल किसवापुर भी पूरे दिन नहीं खुला। जसोदा में एक निजी पब्लिक स्कूल खुला रहा। बस के जरिए बच्चे आए व घर पहुंचे। एक अन्य निजी स्कूल में बच्चों की परीक्षा कराई गई। भुलभुलियापुर स्थित निजी स्कूल में भी पढ़ाई होती रही। यहां दूर-दूर से बच्चे पढ़ने आए।

बीएसए अंबरीष यादव का कहना है कि शिक्षामित्र और टीचरों को स्कूल पहुंचकर कार्य निपटाना चाहिए। प्राइवेट स्कूलों में भी ठंड में छोटे बच्चों को बुलाना गलत है। निर्देशों का पालन न करने वालों के खिलाफ कार्रवाई होगी। बीईओ से जांच कराएंगे।

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