{"_id":"6a3c19db48a36a7b5e07969a","slug":"90-nursing-homes-and-clinics-registered-department-to-conduct-inspections-kannauj-news-c-214-1-knj1023-151356-2026-06-24","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kannauj News: 90 नर्सिंग होम-क्लीनिक पंजीकृत, विभाग करेगा जांच","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kannauj News: 90 नर्सिंग होम-क्लीनिक पंजीकृत, विभाग करेगा जांच
विज्ञापन
कन्नौज। सड़कों पर मक्का सुखाने को लेकर प्रशासन की सख्ती अब रंग लाने लगी है। कई दिनों से लगातार चल रहे अभियान के बाद किसानों ने सड़कों की बजाय घरों के बाहर, खाली प्लॉटों और निजी स्थानों पर मक्का सुखाना शुरू कर दिया है। बुधवार को महादेवी घाट के निकट गंगागंज क्षेत्र में इसका असर साफ दिखाई दिया। यहां कई किसान तिरपाल बिछाकर अपने घरों और खाली प्लॉटों में मक्का सुखाते नजर आए।
दरअसल, जिले में मक्का की फसल तैयार होने के बाद बड़ी संख्या में किसान सड़कों पर फसल फैलाकर सुखा रहे थे। इससे यातायात प्रभावित होने के साथ दुर्घटनाओं का खतरा भी बढ़ रहा था। खासकर दोपहिया वाहन चालकों को फिसलन और अवरोध का सामना करना पड़ रहा था। इसी का नतीजा है कि अब कई ग्रामीणों ने सड़क छोड़कर निजी जमीन और खाली प्लॉटों का सहारा लेना शुरू कर दिया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़कों से मक्का हटने से आवागमन सुगम होगा। दुर्घटनाओं की आशंका भी कम होगी। हालांकि प्रशासन अभी भी पूरी तरह संतुष्ट नहीं है और अभियान लगातार जारी रखा गया है।
एआरटीओ इज्या तिवारी का कहना है कि सड़क पर मक्का सुखाने से यातायात बाधित होने के साथ दुर्घटनाओं की संभावना बढ़ जाती है। लगातार अभियान चलाकर किसानों को समझाया जा रहा है। अधिकांश किसान सहयोग कर रहे हैं और फसल को सुरक्षित स्थानों पर सुखा रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
दरअसल, जिले में मक्का की फसल तैयार होने के बाद बड़ी संख्या में किसान सड़कों पर फसल फैलाकर सुखा रहे थे। इससे यातायात प्रभावित होने के साथ दुर्घटनाओं का खतरा भी बढ़ रहा था। खासकर दोपहिया वाहन चालकों को फिसलन और अवरोध का सामना करना पड़ रहा था। इसी का नतीजा है कि अब कई ग्रामीणों ने सड़क छोड़कर निजी जमीन और खाली प्लॉटों का सहारा लेना शुरू कर दिया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़कों से मक्का हटने से आवागमन सुगम होगा। दुर्घटनाओं की आशंका भी कम होगी। हालांकि प्रशासन अभी भी पूरी तरह संतुष्ट नहीं है और अभियान लगातार जारी रखा गया है।
विज्ञापन
एआरटीओ इज्या तिवारी का कहना है कि सड़क पर मक्का सुखाने से यातायात बाधित होने के साथ दुर्घटनाओं की संभावना बढ़ जाती है। लगातार अभियान चलाकर किसानों को समझाया जा रहा है। अधिकांश किसान सहयोग कर रहे हैं और फसल को सुरक्षित स्थानों पर सुखा रहे हैं।
विज्ञापन