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Kannauj News: नैमिषारण्य धाम में 88000 संतों से तपस्या की
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कन्नौज। सिद्धपीठ मां फूलमती मंदिर में शतचंडी महायज्ञ व श्रीमद्भागवत कथा के साथ संत सम्मेलन के तीसरे दिन रविवार को राजगद्दी हुई। इसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे।
प्रयाग पीठाधीश्वर ओंकारानंद सरस्वती ने कहा कि श्रीमद्भागवत कथा कल्याण का माध्यम है। इसका भक्तिभाव से श्रवण व अनुसरण कर मनुष्य भव सागर से पार हो जाता है। उन्होंने कहा कि नैमिषारण्य धाम में 88000 संतों से तपस्या की। इसीलिए इसे तप स्थली के नाम से जाना जाता है। सोमवार को संतों की शोभायात्रा के लिए 500 से अधिक संत मंदिर में पहुंच चुके हैं, जिनके भोजन व ठहरने की व्यवस्था मंदिर समिति द्वारा की जा मुख्य पुजारी शिखर मिश्रा ने बताया कि संत शोभा यात्रा व सम्मेलन की तैयारी पूरी कर ली गई हैं। सोमवार को धूमधाम से संत शोभायात्रा निकाली जाएगी।
ब्रह्मलीन आद्य जगदाचार्य स्वामी नारदानंद सरस्वती की पुण्यतिथि पर यह 121वां धार्मिक अनुष्ठान किया जा रहा है। यह नौ जनवरी तक चलेगा। श्रीमद्भागवत कथा दोपहर एक से शाम पांच बजे तक होती है। कार्यक्रम में स्वामी उपेंद्रानंद सरस्वती, ब्रह्मानंद सरस्वती, यज्ञाचार्य राधेश्याम मिश्र के अलावा नैमिषारण्य, गोला गोकर्णनाथ व वाराणसी के ब्रजेशपुरी आदि मौजूद रहे।
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सन्मार्ग समिति करेगी संतों का सम्मान
सोमवार को मां फूलमती मंदिर से निकलने वाली संत यात्रा का जगह-जगह नागरिकों द्वारा भव्य स्वागत व सम्मान किया जाएगा। सन्मार्ग समिति के सक्रिय सदस्य अविनाश शुक्ला ने बताया कि समिति द्वारा राजश्री टॉकीज के पास भैय्यन दुबे के मकान पर संतों पर पुष्प वर्षा मिष्ठान एवं जलपान की व्यवस्था की गई है।
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प्रयाग पीठाधीश्वर ओंकारानंद सरस्वती ने कहा कि श्रीमद्भागवत कथा कल्याण का माध्यम है। इसका भक्तिभाव से श्रवण व अनुसरण कर मनुष्य भव सागर से पार हो जाता है। उन्होंने कहा कि नैमिषारण्य धाम में 88000 संतों से तपस्या की। इसीलिए इसे तप स्थली के नाम से जाना जाता है। सोमवार को संतों की शोभायात्रा के लिए 500 से अधिक संत मंदिर में पहुंच चुके हैं, जिनके भोजन व ठहरने की व्यवस्था मंदिर समिति द्वारा की जा मुख्य पुजारी शिखर मिश्रा ने बताया कि संत शोभा यात्रा व सम्मेलन की तैयारी पूरी कर ली गई हैं। सोमवार को धूमधाम से संत शोभायात्रा निकाली जाएगी।
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ब्रह्मलीन आद्य जगदाचार्य स्वामी नारदानंद सरस्वती की पुण्यतिथि पर यह 121वां धार्मिक अनुष्ठान किया जा रहा है। यह नौ जनवरी तक चलेगा। श्रीमद्भागवत कथा दोपहर एक से शाम पांच बजे तक होती है। कार्यक्रम में स्वामी उपेंद्रानंद सरस्वती, ब्रह्मानंद सरस्वती, यज्ञाचार्य राधेश्याम मिश्र के अलावा नैमिषारण्य, गोला गोकर्णनाथ व वाराणसी के ब्रजेशपुरी आदि मौजूद रहे।
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सन्मार्ग समिति करेगी संतों का सम्मान
सोमवार को मां फूलमती मंदिर से निकलने वाली संत यात्रा का जगह-जगह नागरिकों द्वारा भव्य स्वागत व सम्मान किया जाएगा। सन्मार्ग समिति के सक्रिय सदस्य अविनाश शुक्ला ने बताया कि समिति द्वारा राजश्री टॉकीज के पास भैय्यन दुबे के मकान पर संतों पर पुष्प वर्षा मिष्ठान एवं जलपान की व्यवस्था की गई है।