फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Kannauj News ›   715 mein sirph 15 shikshan sansthaon mein aag se nipatane ke intajaam

715 में सिर्फ 15 शिक्षण संस्थाओं में आग से निपटने के इंतजाम

Wed, 11 Dec 2019 11:51 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Wed, 11 Dec 2019 11:51 PM IST
विज्ञापन
715 mein sirph 15 shikshan sansthaon mein aag se nipatane ke intajaam
तालग्राम में टिन शेड में चलता विद्यालय। - फोटो : KANNAUJ
कन्नौज। सूरत और दिल्ली में भीषण अग्निकांड की घटनाओं के बाद भी जिले के कोचिंग सेंटर, मान्यता प्राप्त और सरकारी विद्यालयों में आग से निपटने के पुख्ता इंतजाम नहीं किए गए। अधिकांश स्कूल व कोचिंग सेंटर निर्धारित मानकों को पूरा नहीं कर रहे हैं। इससे कभी भी छात्र-छात्राओं की जान आफत में फंस सकती है।
विज्ञापन

जिले में 250 इंटर कालेज संचालित हैं। 280 कोचिंग सेंटर और 85 डिग्री कालेज हैं। इन शिक्षण संस्थानों में से सिर्फ 15 ही अग्निशमन विभाग के मानकों पर खरे साबित हुए हैं। इनके पास अग्निशमन विभाग की एनओसी (अनापत्ति प्रमाण पत्र) है। बाकी विद्यालयाें और कोचिंग सेंटरों में हादसों से बचाव के इंतजाम नहीं हैं। 24 मई 2019 को गुजरात के सूरत में कोचिंग सेंटर में आग लगने से 20 छात्रों की मौत के बाद सुप्रीम कोर्ट ने सभी शिक्षण संस्थानों के लिए अग्निशमन विभाग की एनओसी को अनिवार्य किया था। इस आदेश का पालन अभी तक नहीं हो सका।
विज्ञापन

अग्निशमन विभाग ने शिक्षण संस्थानों का निरीक्षण कर अधिकारियों को पत्र लिखकर व्यवस्थाएं दुरुस्त कराने के लिए कहा था। इसके बाद भी आला अधिकारियों ने ध्यान नहीं दिया। इससे छात्र-छात्राओं को मौत के साये में शिक्षा लेनी पड़ रही है। जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में छप्पर और टिन शेड के नीचे कई शिक्षण संस्थान चल रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

खतरे के भवन में जल रहे ज्ञान के दीपक
शिक्षण संस्थान प्रबंधक मानकों को ठेंगा दिखा रहे हैं। शहर की गलियों और मोहल्लों में बहु मंजिला इमारतों में कोचिंग चल रही हैं। कोचिंग सेंटर के भवन नेशनल बिल्ड़िग कोड (एनबीसी) 2005 के मानक पर खरे नहीं हैं। अफसरों की लापरवाही के कारण बच्चे जर्जर भवनों व टिन के कमरों में बैठकर शिक्षा की जोत जला रहे हैं। मुख्य अग्निशमन अधिकारी एमपी सिंह ने बताया कि जिले में एक भी कोचिंग सेंटर अग्निशमन व एनबीसी के मानकों पर खरा नहीं है।
पंजीकरण से लेकर नवीनीकरण तक सेटिंग
मानकों के अनुसार किसी भी शिक्षण संस्थान का पंजीकरण तभी संभव है, जब शिक्षण संस्थान प्रबंधन के पास एनबीसी, अग्निशमन विभाग की एनओसी हो। ऐसा होता नहीं है। बीएसए और डीआईओएस कार्यालय के बाबू निर्माणाधीन भवन का ही पंजीकरण कर देते हैं। इसके बाद हर साल मानक विहीन भवनों का पंजीकरण होता रहता है। अगर इन भवनों में कभी आग लगती है तो बड़ा हादसा हो सकता है।

62 प्रबंधकों को दिया जा चुका नोटिस
अग्नि सुरक्षा के मानकों का मखौल उड़ाने वाले 62 शिक्षण संस्थानों के प्रबंधकों को अग्निशमन विभाग नोटिस भेज चुका है। इसके बाद भी भवनों में अग्नि सुरक्षा यंत्रों, इमरजेंसी गेट नहीं लगाए गए हैं। मुख्य अग्निशमन अधिकारी एमपी सिंह ने बताया कि वरिष्ठ अधिकारियों को 62 नोटिसों की एक कॉपी भेजी जा चुकी है। जल्द ही अधिकारियों के निर्देश पर अभियान चलाकर ऐसे शिक्षण संस्थानों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed