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Kannauj News: बकाया मानदेय को तरस रहे 272 रोजगार सेवक
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कन्नौज। जिले में मनरेगा के तहत काम करने वाले 272 ग्राम रोजगार सेवकों के सामने आर्थिक संकट गहरा गया है। कई महीनों से मानदेय न मिलने के कारण परिवार का भरण-पोषण करना मुश्किल हो गया है। भुगतान न होने से रोजगार सेवकों में भारी आक्रोश है।
जिले के सभी ब्लॉकों में रोजगार सेवक तैनात हैं। इनमें छिबरामऊ में 40, तालग्राम में 37, सदर ब्लॉक में 47, जलालाबाद में 26, गुगरापुर में 13, सौरिख में 25, हसेरन में 27 और उमर्दा ब्लॉक में 57 रोजगार सेवक अपनी सेवाएं दे रहे हैं। यह सभी ग्रामीण विकास की योजनाओं को धरातल पर उतारने में अहम भूमिका निभाते हैं, लेकिन खुद मानदेय के लिए तरस रहे हैं। रोजगार सेवकों का कहना है कि सरकार ने जुलाई माह से वीबीजीरामजी योजना शुरू की है।
योजना का बजट भी स्वीकृत होकर आ चुका है। इसके बावजूद उनका बकाया मानदेय नहीं दिया जा रहा है। महीनों से खाते में एक रुपया भी नहीं आया है। बच्चों की स्कूल फीस, राशन और दवा के लिए कर्ज लेना पड़ रहा है। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि मानदेय की पत्रावली कोषागार में लगा दी गई है और जल्द भुगतान कर दिया जाएगा, लेकिन आश्वासन के बाद भी भुगतान नहीं होने से रोजगार सेवकों का धैर्य टूट रहा है। कई रोजगार सेवकों ने बताया कि वे दिन-रात फील्ड में काम करते हैं, फिर भी उन्हें समय पर मानदेय नहीं मिलता।
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डीसी मनरेगा दिनेश कुमार ने बताया कि विभागीय प्रक्रिया पूरी कर भुगतान की पत्रावली भेज दी गई है। जल्द ही सभी के खाते में मानदेय भेज दिया जाएगा। उधर रोजगार सेवकों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द भुगतान नहीं हुआ तो वे आंदोलन को बाध्य होंगे।
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जिले के सभी ब्लॉकों में रोजगार सेवक तैनात हैं। इनमें छिबरामऊ में 40, तालग्राम में 37, सदर ब्लॉक में 47, जलालाबाद में 26, गुगरापुर में 13, सौरिख में 25, हसेरन में 27 और उमर्दा ब्लॉक में 57 रोजगार सेवक अपनी सेवाएं दे रहे हैं। यह सभी ग्रामीण विकास की योजनाओं को धरातल पर उतारने में अहम भूमिका निभाते हैं, लेकिन खुद मानदेय के लिए तरस रहे हैं। रोजगार सेवकों का कहना है कि सरकार ने जुलाई माह से वीबीजीरामजी योजना शुरू की है।
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योजना का बजट भी स्वीकृत होकर आ चुका है। इसके बावजूद उनका बकाया मानदेय नहीं दिया जा रहा है। महीनों से खाते में एक रुपया भी नहीं आया है। बच्चों की स्कूल फीस, राशन और दवा के लिए कर्ज लेना पड़ रहा है। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि मानदेय की पत्रावली कोषागार में लगा दी गई है और जल्द भुगतान कर दिया जाएगा, लेकिन आश्वासन के बाद भी भुगतान नहीं होने से रोजगार सेवकों का धैर्य टूट रहा है। कई रोजगार सेवकों ने बताया कि वे दिन-रात फील्ड में काम करते हैं, फिर भी उन्हें समय पर मानदेय नहीं मिलता।
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डीसी मनरेगा दिनेश कुमार ने बताया कि विभागीय प्रक्रिया पूरी कर भुगतान की पत्रावली भेज दी गई है। जल्द ही सभी के खाते में मानदेय भेज दिया जाएगा। उधर रोजगार सेवकों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द भुगतान नहीं हुआ तो वे आंदोलन को बाध्य होंगे।