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Kannauj News: 24 घंटे में 22.2 मिमी. बारिश से गर्मी से राहत, जलभराव से आफत
Thu, 22 Jun 2023 11:27 PM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कन्नौज
संवाद न्यूज एजेंसी, कन्नौज
Updated Thu, 22 Jun 2023 11:27 PM IST
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उन्नाव। पिछले 24 घंटे में 22.2 मिलीमीटर (मिमी.) बारिश से जहां एक तरफ लोगों को गर्मी से राहत मिली, वहीं दूसरी ओर जलभराव की समस्या आफत बन गई। गलियों, प्रमुख रास्तों के साथ बाजारों व स्वास्थ्य केंद्र के अंदर तक पानी भर गया। लोगों का आवागमन मुश्किल हो गया। बारिश से धान की बेड़ लगाने का काम तेजी पकड़ने की उम्मीद में किसानों के चेहरे खिल उठे। उधर, जायद की फसलों को नुकसान की आशंका बढ़ गई है।
बुधवार रात से गुरुवार दोपहर 12 बजे तक रुक-रुककर कई बार झमाझम व हल्की बारिश हुई। इस दौरान शहर के कल्याणी, गांधीनगर, ईदगाह, इंद्रानगर, डीएसएन काॅलेज रोड, आदर्श नगर, हिरन नगर, पीडीनगर, कृष्णानगर, शिवनगर, सिविल लाइन आदि मोहल्ले जलभराव की चपेट में रहे। विश्वेश्वर दयाल मार्केट व कचौड़ी गली में भी पानी भर गया। इससे लोगों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ा।
नवाबगंज सीएचसी परिसर में भी पानी भर गया। मुख्य रास्ते से परिसर तक पानी भरा होने से मरीजों व तीमारदारों को इससे होकर निकलना पड़ा। बताया जाता है कि यहां पर दो नियमित और एक संविदा कर्मी के रूप में सफाई कर्मचारी तैनात हैं, लेकिन इसके बाद भी परिसर के नाले की सफाई न होने से पानी भर जाता है। चिकित्साधीक्षक डॉ. अरुण कुमार ने बताया कि नाले की सफाई कराकर पानी निकलवाने की व्यवस्था की जा रही है। इसके अलावा कस्बे में पंजाब नेशनल बैंक के पास बनी मार्केट के सामने पानी भरा होने से दुकानदारों का व्यापार ठप पड़ गया। पानी का जमाव होने से संक्रामक बीमारियों के फैलने का खतरा बढ़ गया है।
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लोगों की बात
प्लास्टिक की दुकान चलाने वाले रम्मू गुप्ता ने बताया कि ठेकेदार ने पहले तो सड़क उल्टी-सीधी बनाई और फुटपाथ व नाली नहीं बनाई। ऐसे में पानी की निकासी नहीं हो पा रही है। किराना दुकानदार हरिशंकर प्रजापति ने बताया कि दुकान के सामने पानी भर जाने से ग्राहक सामान लेने नहीं आ पा रहे हैं। सराफ शैलेंद्र कुमार ने बताया कि ठेकेदार की मनमानी से यह हालात पैदा हुए हैं। उन्होंने थोड़ी दूर तक नाला बनाया उसके बाद आगे काम ही नहीं किया। मेंटल राजपूत ने बताया कि जिस मार्केट के सामने पानी भरा है वहां लोगों ने नाला खोदने ही नहीं दिया। इसी वजह से वहां काम नहीं हो पाया और यह हालात बने हैं।
नगर पंचायत अध्यक्ष दिलीप लश्करी और ईओ सुनील कुमार ने बताया कि नागरिकों को हो रही इस समस्या से निजात दिलाने के लिए युद्ध स्तर पर ऐसा प्रबंध किया जाएगा जिससे जलभराव न हो।
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सिटी ड्रेन की सिल्ट सफाई न होने से ओवरफ्लो पानी खेतों में भरा
अचलगंज। प्रशासनिक लेटलतीफी के चलते सिटी ड्रेन की सिल्ट सफाई अधर में लटक गई। ड्रेन में सिल्ट जमा होने से पानी नहीं निकल सका। बारिश से बंथर बाईपास चौराहे से लेकर सुपासी व आसपास के गांवों में दूर-दूर तक पानी का सैलाब दिखने लगा। यहां तक पानी ओवरफ्लो होकर खेतों में भर गया। पिछले वर्ष भी ड्रेन की तबाही से क्षेत्र के बंथर आटा, सुपासी, गड़सर, कंचनखेड़ा, जेवाखेड़ा, बलियाखेड़ा, रघुनाथखेड़ा आदि गांवों के किसानों की सैकड़ों एकड़ धान की फसलें डूब कर नष्ट हो गई थीं। इस पर डीएम ने सिंचाई विभाग को नाले की सिल्ट सफाई के निर्देश दिए थे। कुछ दिन पहले डकारी स्थित सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट का निरीक्षण करने आए जल शक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने भी सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता शैलेश सिंह से जानकारी ली थी तो उन्होंने नाले का सर्वे पूरा होने की जानकारी दी थी। अभियंता ने सिल्ट सफाई के लिए 75 लाख के अनुमानित लागत का टेंडर 11 जून को पड़ने की जानकारी दी थी। समय सीमा खत्म होने के बाद भी टेंडर प्रक्रिया पूरी नहीं हुई। अभियंता जय प्रकाश ने बताया कि लखनऊ मुख्यालय में टेंडर प्रक्रिया हुई थी, लेकिन ठेकेदारों ने रुचि नहीं दिखाई। (संवाद)
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गीली मक्का सड़ने के कगार पर
गंजमुरादाबाद। रुक-रुककर हो रही बारिश के कारण तिरपाल के नीचे ढकी मक्का की फसल सड़ने के कगार पर पहुंच गई है। मक्का को सड़ने से बचाने की जद्दोजहद में जुटे किसानों ने अब खेतों में ही तिरपाल डालकर अपना डेरा जमा लिया है। क्षेत्र के रामविलास, श्याम कुमार, दयाराम, सियाराम, विकास, रामकिशोर, लाखन, देवेंद्र यादव, रवि कुमार, धीरेंद्र कुमार आदि किसानों ने बताया कि उन्होंने अपनी फसल सुखाने के लिए खेतों में फैला रखी थी। बारिश के कारण ढकी फसल में फफूंदी लगकर सड़ने की स्थिति बन गई है। सहायक विकास अधिकारी कृषि देवी सिंह ने बताया कि यदि तेज धूप निकल आए तो किसानों को अधिक नुकसान नहीं होगा। बूंदाबांदी होती रहेगी तो नुकसान होना स्वाभाविक है। (संवाद)
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आम और जामुन में बढ़ेगी मिठास
हसनगंज। पिछले 24 घंटे की बारिश से खेती किसानी को फायदा पहुंचने की उम्मीद है। धौरा कृषि विज्ञान केंद्र वैज्ञानिक डॉ. जय कुमार यादव ने बताया कि अभी प्री मानसून बारिश हुई है। जल्दी ही मानसून आने की संभावना है। किसान खरीफ की तैयारी शुरू कर सकते हैं। आम और जामुन के फलों में मिठास बढ़ जाएगी। धान की नर्सरी को भी बारिश से अधिक फायदा होगा। किसान खेतों की गहरी जुताई करें। (संवाद)
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ट्रांसफार्मर फुंंके, बिजली गुल
नवाबगंज। बुधवार रात बारिश के दौरान देवीनगर में 100 और बाईपास में 63 केवीए का ट्रांसफार्मर फुंक गया। जिससे लोगों को पूरी रात बिना बिजली के रहना पड़ा।
गुरुवार सुबह कर्मचारियों ने देवीनगर का 100 केवीए का ट्रांसफार्मर तो ठीक कर दिया लेकिन बाईपास पर लगा 63 केवीए के ट्रांसफार्मर को दिन में सही करते समय उसमें आग लग गई। जिससे पूरे दिन मोहल्ले में बिजली गुल रही। जेई आशुतोष तिवारी ने बताया कि एक ट्रांसफार्मर की खूंटी सही करा दी गई, दूसरा जल गया है जिसे जल्द बदला जाएगा। उधर, बारिश के दौरान कब्बाखेड़ा, सिटी, पीडीनगर, इब्राहिमाबाग व कुंदनरोड उपकेंद्र से जुड़े सिविल लाइन, दरोगाबाग, बंधूहार, गांधीनगर, इंद्रानगर, छोटा चौराहा, धवनरोड आदि क्षेत्रों में बिजली का संकट दिखा। नवाबगंज, हसनगंज, पुरवा, असोहा, औरास आदि क्षेत्रों में भी बिजली की आवाजाही से लोग परेशान रहे।
बिछिया संवाददाता के अनुसार बुधवार दोपहर से बिजली की अघोषित कटौती से ब्लॉक के गांव सकरन, बिछिया, तौरा, तारगांव, जरगांव, पर्डीकला नेवरना के लोग परेशान हैं। वहीं ब्लॉक मुख्यालय, सीएचसी, बीआरसी केंद्र, पशु पालन विभाग में बुधवार से बिजली न आने से सभी सरकारी काम ठप पड़े हैं। बिजली न आने से सीएचसी में अंधकार पड़ा है। बीडीओ अमित शुक्ला ने बताया कि बिजली गायब है। सभी सरकारी काम ठप पड़े हैं। जेई जुबराज सिंह ने बताया कि आंधी पानी आने से लाइन में फाल्ट आ गया है। सुधार किया जा रहा है।
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सड़कों की बिगड़ गई हालत
बारिश से जहां अधिकतम तापमान घटकर 29 से 28 डिग्री सेल्सियस हो गया। पूरे दिन आसमान में बादल छाए रहे। वहीं बारिश से सड़कों की हालत बिगड़ गई। सड़कों के गड्ढों ने मुश्किलें बढ़ा दी हैं। पानी भर जाने से गड्ढों से आवागमन मुश्किल हो गया। वहीं सब्जीमंडी में बारिश से कीचड़ हो गया। शहर व गांव के लोगों को जलभराव और कीचड़ से दो-चार होना पड़ा।
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बुधवार रात से गुरुवार दोपहर 12 बजे तक रुक-रुककर कई बार झमाझम व हल्की बारिश हुई। इस दौरान शहर के कल्याणी, गांधीनगर, ईदगाह, इंद्रानगर, डीएसएन काॅलेज रोड, आदर्श नगर, हिरन नगर, पीडीनगर, कृष्णानगर, शिवनगर, सिविल लाइन आदि मोहल्ले जलभराव की चपेट में रहे। विश्वेश्वर दयाल मार्केट व कचौड़ी गली में भी पानी भर गया। इससे लोगों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ा।
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नवाबगंज सीएचसी परिसर में भी पानी भर गया। मुख्य रास्ते से परिसर तक पानी भरा होने से मरीजों व तीमारदारों को इससे होकर निकलना पड़ा। बताया जाता है कि यहां पर दो नियमित और एक संविदा कर्मी के रूप में सफाई कर्मचारी तैनात हैं, लेकिन इसके बाद भी परिसर के नाले की सफाई न होने से पानी भर जाता है। चिकित्साधीक्षक डॉ. अरुण कुमार ने बताया कि नाले की सफाई कराकर पानी निकलवाने की व्यवस्था की जा रही है। इसके अलावा कस्बे में पंजाब नेशनल बैंक के पास बनी मार्केट के सामने पानी भरा होने से दुकानदारों का व्यापार ठप पड़ गया। पानी का जमाव होने से संक्रामक बीमारियों के फैलने का खतरा बढ़ गया है।
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लोगों की बात
प्लास्टिक की दुकान चलाने वाले रम्मू गुप्ता ने बताया कि ठेकेदार ने पहले तो सड़क उल्टी-सीधी बनाई और फुटपाथ व नाली नहीं बनाई। ऐसे में पानी की निकासी नहीं हो पा रही है। किराना दुकानदार हरिशंकर प्रजापति ने बताया कि दुकान के सामने पानी भर जाने से ग्राहक सामान लेने नहीं आ पा रहे हैं। सराफ शैलेंद्र कुमार ने बताया कि ठेकेदार की मनमानी से यह हालात पैदा हुए हैं। उन्होंने थोड़ी दूर तक नाला बनाया उसके बाद आगे काम ही नहीं किया। मेंटल राजपूत ने बताया कि जिस मार्केट के सामने पानी भरा है वहां लोगों ने नाला खोदने ही नहीं दिया। इसी वजह से वहां काम नहीं हो पाया और यह हालात बने हैं।
नगर पंचायत अध्यक्ष दिलीप लश्करी और ईओ सुनील कुमार ने बताया कि नागरिकों को हो रही इस समस्या से निजात दिलाने के लिए युद्ध स्तर पर ऐसा प्रबंध किया जाएगा जिससे जलभराव न हो।
सिटी ड्रेन की सिल्ट सफाई न होने से ओवरफ्लो पानी खेतों में भरा
अचलगंज। प्रशासनिक लेटलतीफी के चलते सिटी ड्रेन की सिल्ट सफाई अधर में लटक गई। ड्रेन में सिल्ट जमा होने से पानी नहीं निकल सका। बारिश से बंथर बाईपास चौराहे से लेकर सुपासी व आसपास के गांवों में दूर-दूर तक पानी का सैलाब दिखने लगा। यहां तक पानी ओवरफ्लो होकर खेतों में भर गया। पिछले वर्ष भी ड्रेन की तबाही से क्षेत्र के बंथर आटा, सुपासी, गड़सर, कंचनखेड़ा, जेवाखेड़ा, बलियाखेड़ा, रघुनाथखेड़ा आदि गांवों के किसानों की सैकड़ों एकड़ धान की फसलें डूब कर नष्ट हो गई थीं। इस पर डीएम ने सिंचाई विभाग को नाले की सिल्ट सफाई के निर्देश दिए थे। कुछ दिन पहले डकारी स्थित सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट का निरीक्षण करने आए जल शक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने भी सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता शैलेश सिंह से जानकारी ली थी तो उन्होंने नाले का सर्वे पूरा होने की जानकारी दी थी। अभियंता ने सिल्ट सफाई के लिए 75 लाख के अनुमानित लागत का टेंडर 11 जून को पड़ने की जानकारी दी थी। समय सीमा खत्म होने के बाद भी टेंडर प्रक्रिया पूरी नहीं हुई। अभियंता जय प्रकाश ने बताया कि लखनऊ मुख्यालय में टेंडर प्रक्रिया हुई थी, लेकिन ठेकेदारों ने रुचि नहीं दिखाई। (संवाद)
गीली मक्का सड़ने के कगार पर
गंजमुरादाबाद। रुक-रुककर हो रही बारिश के कारण तिरपाल के नीचे ढकी मक्का की फसल सड़ने के कगार पर पहुंच गई है। मक्का को सड़ने से बचाने की जद्दोजहद में जुटे किसानों ने अब खेतों में ही तिरपाल डालकर अपना डेरा जमा लिया है। क्षेत्र के रामविलास, श्याम कुमार, दयाराम, सियाराम, विकास, रामकिशोर, लाखन, देवेंद्र यादव, रवि कुमार, धीरेंद्र कुमार आदि किसानों ने बताया कि उन्होंने अपनी फसल सुखाने के लिए खेतों में फैला रखी थी। बारिश के कारण ढकी फसल में फफूंदी लगकर सड़ने की स्थिति बन गई है। सहायक विकास अधिकारी कृषि देवी सिंह ने बताया कि यदि तेज धूप निकल आए तो किसानों को अधिक नुकसान नहीं होगा। बूंदाबांदी होती रहेगी तो नुकसान होना स्वाभाविक है। (संवाद)
आम और जामुन में बढ़ेगी मिठास
हसनगंज। पिछले 24 घंटे की बारिश से खेती किसानी को फायदा पहुंचने की उम्मीद है। धौरा कृषि विज्ञान केंद्र वैज्ञानिक डॉ. जय कुमार यादव ने बताया कि अभी प्री मानसून बारिश हुई है। जल्दी ही मानसून आने की संभावना है। किसान खरीफ की तैयारी शुरू कर सकते हैं। आम और जामुन के फलों में मिठास बढ़ जाएगी। धान की नर्सरी को भी बारिश से अधिक फायदा होगा। किसान खेतों की गहरी जुताई करें। (संवाद)
ट्रांसफार्मर फुंंके, बिजली गुल
नवाबगंज। बुधवार रात बारिश के दौरान देवीनगर में 100 और बाईपास में 63 केवीए का ट्रांसफार्मर फुंक गया। जिससे लोगों को पूरी रात बिना बिजली के रहना पड़ा।
गुरुवार सुबह कर्मचारियों ने देवीनगर का 100 केवीए का ट्रांसफार्मर तो ठीक कर दिया लेकिन बाईपास पर लगा 63 केवीए के ट्रांसफार्मर को दिन में सही करते समय उसमें आग लग गई। जिससे पूरे दिन मोहल्ले में बिजली गुल रही। जेई आशुतोष तिवारी ने बताया कि एक ट्रांसफार्मर की खूंटी सही करा दी गई, दूसरा जल गया है जिसे जल्द बदला जाएगा। उधर, बारिश के दौरान कब्बाखेड़ा, सिटी, पीडीनगर, इब्राहिमाबाग व कुंदनरोड उपकेंद्र से जुड़े सिविल लाइन, दरोगाबाग, बंधूहार, गांधीनगर, इंद्रानगर, छोटा चौराहा, धवनरोड आदि क्षेत्रों में बिजली का संकट दिखा। नवाबगंज, हसनगंज, पुरवा, असोहा, औरास आदि क्षेत्रों में भी बिजली की आवाजाही से लोग परेशान रहे।
बिछिया संवाददाता के अनुसार बुधवार दोपहर से बिजली की अघोषित कटौती से ब्लॉक के गांव सकरन, बिछिया, तौरा, तारगांव, जरगांव, पर्डीकला नेवरना के लोग परेशान हैं। वहीं ब्लॉक मुख्यालय, सीएचसी, बीआरसी केंद्र, पशु पालन विभाग में बुधवार से बिजली न आने से सभी सरकारी काम ठप पड़े हैं। बिजली न आने से सीएचसी में अंधकार पड़ा है। बीडीओ अमित शुक्ला ने बताया कि बिजली गायब है। सभी सरकारी काम ठप पड़े हैं। जेई जुबराज सिंह ने बताया कि आंधी पानी आने से लाइन में फाल्ट आ गया है। सुधार किया जा रहा है।
सड़कों की बिगड़ गई हालत
बारिश से जहां अधिकतम तापमान घटकर 29 से 28 डिग्री सेल्सियस हो गया। पूरे दिन आसमान में बादल छाए रहे। वहीं बारिश से सड़कों की हालत बिगड़ गई। सड़कों के गड्ढों ने मुश्किलें बढ़ा दी हैं। पानी भर जाने से गड्ढों से आवागमन मुश्किल हो गया। वहीं सब्जीमंडी में बारिश से कीचड़ हो गया। शहर व गांव के लोगों को जलभराव और कीचड़ से दो-चार होना पड़ा।