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20 साल से कायम है बादशाहत
ब्यूूराे/अमर उजाला, कन्नौज
Updated Sat, 06 Feb 2016 12:26 AM IST
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ब्लाक प्रमुख पद पर बृजकिशोर सिंह यादव ने अपना दबदबा
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कायम रखा। इस सीट पर उनके परिवार का 20 साल से कब्जा है। इस बार वह स्वयं
निर्विरोध निर्वाचित हो गए हैं। इससे पहले उनकी पत्नी सुमन यादव ब्लाक
प्रमुख थी। वह पिछले 15 साल से इस सीट पर काबिज रहीं।
हालांकि, बीच में एक बार आरक्षण के चलते उन्होंने अपने चालक अवधेश को ब्लाक प्रमुख पद पर जितवाकर गेंद अपने ही पाले में रखी थी। अब से 20 साल पहले ब्लाक प्रमुख के पद पर बृजकिशोर सिंह यादव ने अपनी पत्नी सुमन यादव को वर्ष 95 में प्रतिष्ठापूर्ण चुनाव में जीत हासिल कराई थी।
उसके बाद से आज तक इस सीट पर उनका ही कब्जा चला आ रहा है। वर्ष 2000 में हुए चुनाव में एक बार फिर से सुमन यादव ने जीत का परचम फहराया था, पर वर्ष 2005 में ब्लाक प्रमुख का पद आरक्षण में सुरक्षित होने पर उन्होंने अपने चालक अवधेश कुमार को चुनाव लड़ाकर अपनी नेतृत्व क्षमता का लोहा मनवाया था।
उसके बाद 2010 में हुए चुनाव में एक बार फिर सुमन यादव ने ब्लाक प्रमुख पद के लिए चुनाव लड़ा और शानदार जीत हासिल की। तीन बार ब्लाक प्रमुख के पद पर काबिज रह चुकी सुमन यादव ने इस बार यह कुर्सी अपने पति बृजकिशोर सिंह यादव को सौंप दी।
परिणाम यह हुआ कि 115 क्षेत्र पंचायत सदस्य वाले महत्वपूर्ण ब्लाक प्रमुख चुनाव में पांच फरवरी को कराए गए नामांकन में उनके खिलाफ किसी भी प्रत्याशी ने नामांकन नहीं कराया। ऐसी स्थिति में वह निर्विरोध निर्वाचित होंगे। ज्ञात हो कि छिबरामऊ में वर्ष 1980 में ग्राम असेह से बीडीसी का चुनाव जीते जागेश्वर दयाल मिश्रा ब्लाक प्रमुख चुने गए थे।
वर्ष 1985 में औराई के बीडीसी सदस्य रामविलास त्रिपाठी ने ब्लाक प्रमुख बनने का सौभाग्य प्राप्त किया और फिर 1990 में हुए चुनाव में एक बार फिर से जागेश्वर दयाल मिश्रा ब्लाक प्रमुख चुने गए। 1995 के बाद से अब तक इस सीट पर बृजकिशोर यादव के परिवार का ही दबदबा कायम है।
इस बार वह सपा प्रत्याशी के रूप में चुनाव मैदान में उतरे थे और उनके खिलाफ किसी ने नामांकन दाखिल नहीं किया, जिससे वह इस बार निर्विरोध ब्लाक प्रमुख चुने जाएंगे। ज्ञात हो कि बृजकिशोर यादव परास्नातक है और इंटर कालेज में प्रधानाचार्य हैं।
हालांकि, बीच में एक बार आरक्षण के चलते उन्होंने अपने चालक अवधेश को ब्लाक प्रमुख पद पर जितवाकर गेंद अपने ही पाले में रखी थी। अब से 20 साल पहले ब्लाक प्रमुख के पद पर बृजकिशोर सिंह यादव ने अपनी पत्नी सुमन यादव को वर्ष 95 में प्रतिष्ठापूर्ण चुनाव में जीत हासिल कराई थी।
उसके बाद से आज तक इस सीट पर उनका ही कब्जा चला आ रहा है। वर्ष 2000 में हुए चुनाव में एक बार फिर से सुमन यादव ने जीत का परचम फहराया था, पर वर्ष 2005 में ब्लाक प्रमुख का पद आरक्षण में सुरक्षित होने पर उन्होंने अपने चालक अवधेश कुमार को चुनाव लड़ाकर अपनी नेतृत्व क्षमता का लोहा मनवाया था।
उसके बाद 2010 में हुए चुनाव में एक बार फिर सुमन यादव ने ब्लाक प्रमुख पद के लिए चुनाव लड़ा और शानदार जीत हासिल की। तीन बार ब्लाक प्रमुख के पद पर काबिज रह चुकी सुमन यादव ने इस बार यह कुर्सी अपने पति बृजकिशोर सिंह यादव को सौंप दी।
परिणाम यह हुआ कि 115 क्षेत्र पंचायत सदस्य वाले महत्वपूर्ण ब्लाक प्रमुख चुनाव में पांच फरवरी को कराए गए नामांकन में उनके खिलाफ किसी भी प्रत्याशी ने नामांकन नहीं कराया। ऐसी स्थिति में वह निर्विरोध निर्वाचित होंगे। ज्ञात हो कि छिबरामऊ में वर्ष 1980 में ग्राम असेह से बीडीसी का चुनाव जीते जागेश्वर दयाल मिश्रा ब्लाक प्रमुख चुने गए थे।
वर्ष 1985 में औराई के बीडीसी सदस्य रामविलास त्रिपाठी ने ब्लाक प्रमुख बनने का सौभाग्य प्राप्त किया और फिर 1990 में हुए चुनाव में एक बार फिर से जागेश्वर दयाल मिश्रा ब्लाक प्रमुख चुने गए। 1995 के बाद से अब तक इस सीट पर बृजकिशोर यादव के परिवार का ही दबदबा कायम है।
इस बार वह सपा प्रत्याशी के रूप में चुनाव मैदान में उतरे थे और उनके खिलाफ किसी ने नामांकन दाखिल नहीं किया, जिससे वह इस बार निर्विरोध ब्लाक प्रमुख चुने जाएंगे। ज्ञात हो कि बृजकिशोर यादव परास्नातक है और इंटर कालेज में प्रधानाचार्य हैं।