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युवती को जलाकर मारने में एक को उम्रकैद
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कन्नौज। युवती से छेड़छाड़ और उसे जलाकर मार देने के एक मामले में मंगलवार को एससी/एसटी कोर्ट न्यायाधीश सतेंद्र कुमार ने दोषी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। 10 हजार रुपये अर्थदंड के रूप में वसूलने का आदेश दिया है।
सहायक शासकीय अधिवक्ता तरुण चंद्रा ने बताया कि तालग्राम इलाके के एक व्यक्ति ने दो दिसंबर 2014 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसमें बताया था कि चचेरी बहन बीए की पढ़ाई कर रही थी। सरमन पुत्र रूपलाल उर्फ मिठई कनौजिया उसे फोन कर परेशान करता था। 29 नवंबर 2014 को चचेरी बहन घर में अकेली थी। सरमन घर में घुस आया। वह छेड़छाड़ करने लगा। चचेरी बहन के चिल्लाने पर पड़ोसी जमा हो गए। इससे वह मौके से भाग गया। उस समय मामला आपसी सुलह-समझौते से निपट गया। इससे सरमन के हौसले बढ़ गए। दो दिसंबर को चचेरी बहन दोपहर में घर के पीछे छप्पर के नीचे लेटी थी। उसी समय सरमन ने केरोसिन छिड़ककर आग लगा दी। इससे वह बुरी तरह झुलस गई। उसकी मौत हो गई। विवेचक ने आरोप पत्र कोर्ट में दाखिल किया। कोर्ट ने आरोपी को दोषी मानते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।
न्यायाधीश सतेंद्र कुमार ने दोषी से 10 हजार रुपये अर्थदंड वसूलने का आदेश दिया। जुर्माना न जमा करने की दशा में तीन माह की अतिरिक्त सजा काटनी होगी। वसूले गए अर्थदंड से आधी धनराशि मृतका के माता-पिता को देने के आदेश न्यायाधीश ने दिए हैं।
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युवती को जलाकर मारने में एक को उम्रकैद
एससी/एसटी कोर्ट ने साढ़े पांच साल पुराने मामले में सुनाया फैसला
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सहायक शासकीय अधिवक्ता तरुण चंद्रा ने बताया कि तालग्राम इलाके के एक व्यक्ति ने दो दिसंबर 2014 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसमें बताया था कि चचेरी बहन बीए की पढ़ाई कर रही थी। सरमन पुत्र रूपलाल उर्फ मिठई कनौजिया उसे फोन कर परेशान करता था। 29 नवंबर 2014 को चचेरी बहन घर में अकेली थी। सरमन घर में घुस आया। वह छेड़छाड़ करने लगा। चचेरी बहन के चिल्लाने पर पड़ोसी जमा हो गए। इससे वह मौके से भाग गया। उस समय मामला आपसी सुलह-समझौते से निपट गया। इससे सरमन के हौसले बढ़ गए। दो दिसंबर को चचेरी बहन दोपहर में घर के पीछे छप्पर के नीचे लेटी थी। उसी समय सरमन ने केरोसिन छिड़ककर आग लगा दी। इससे वह बुरी तरह झुलस गई। उसकी मौत हो गई। विवेचक ने आरोप पत्र कोर्ट में दाखिल किया। कोर्ट ने आरोपी को दोषी मानते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।
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न्यायाधीश सतेंद्र कुमार ने दोषी से 10 हजार रुपये अर्थदंड वसूलने का आदेश दिया। जुर्माना न जमा करने की दशा में तीन माह की अतिरिक्त सजा काटनी होगी। वसूले गए अर्थदंड से आधी धनराशि मृतका के माता-पिता को देने के आदेश न्यायाधीश ने दिए हैं।
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युवती को जलाकर मारने में एक को उम्रकैद
एससी/एसटी कोर्ट ने साढ़े पांच साल पुराने मामले में सुनाया फैसला