{"_id":"594818fb4f1c1bbe428b4568","slug":"191497897211-kannauj-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"डाक्टरों के इस्तीफे के चलते प्राचार्य लखनऊ किए गए तलब","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
डाक्टरों के इस्तीफे के चलते प्राचार्य लखनऊ किए गए तलब
Updated Tue, 20 Jun 2017 12:11 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अमर उजाला ब्यूरो
तिर्वा (कन्नौज)। राजकीय मेडिकल कालेज में सख्ती के चलते एक माह में 10 विशेषज्ञ चिकित्सकाें ने इस्तीफे दे दिए हैं। 34 शिक्षा चिकित्सक एक माह से लगातार गैरहाजिर चल रहे हैं। एनस्थीसिया डाक्टरों की कमी के चलते मेडिकल कालेज में आपरेशन होना बंद हो गया है। स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग में भी तैनात महिला सर्जन एक सप्ताह से नहीं आ रही हैं। जिस वजह से दोपहर दो बजे के बाद सिजेरियन प्रसव के मामले में मरीज को रेफर किया जा रहा है। मेडिकल कालेज की इन गंभीर समस्याओं पर प्रदेश शासन ने मेडिकल कालेज के प्राचार्य को लखनऊ में तलब किया है। मंगलवार को बापू भवन लखनऊ में चिकित्सा शिक्षा मंत्री व प्रमुख सचिव चिकित्सा शिक्षा इस मुद्दे पर प्राचार्य से वार्ता करेंगे।
राजकीय मेडिकल कालेज में 18 अप्रैल 2017 तक 156 डाक्टर तैनात थे। इनमें 89 चिकित्सा शिक्षक व 40 जूनियर रेजीडेंट चिकित्सक, 37 सीनियर रेजीडेंट चिकित्सक की तैनाती थी। मेडिकल कालेज में चिकित्सकाें व चिकित्सा शिक्षकों की तैनाती का कोरम पूरा देख 18 अप्रैल को निरीक्षण करने आई एमसीआई की टीम ने मेडिकल कालेज को स्थाई मान्यता प्रदान कर दी।
करीब एक माह बाद मान्यता का पत्र मिलते ही मेडिकल कालेज प्रशासन ने डाक्टरों पर सख्ती शुरू कर दी। इससे पहले विशेषज्ञ चिकित्सक सप्ताह में महज एक या दो दिन ही आते थे। प्राचार्य की सख्ती के चलते उनकी गैर हाजिरी लगने लगी। गैरहाजिर वाले दिन का वेतन काटा जाने लगा। इससे विशेषज्ञ चिकित्सक नाराज हो गए। इनमें दस विशेषज्ञ चिकित्सकाें ने इस्तीफा दे दिया है।
विज्ञापन
34 डाक्टर पिछले एक माह से लगातार अनुपस्थित चल रहे हैं। इन सभी को प्राचार्य ने नोटिस भेजकर स्पष्टीकरण मांगा था। इनमें से महज सात डाक्टरों ने ही प्राचार्य को अपना स्पष्टीकरण दिया है। शेष 27 विशेषज्ञ डाक्टरों ने जवाब देने की जरूरत नहीं समझी। इस पर मेडिकल कालेज प्रशासन मान रहा है कि उक्त 27 डाक्टर भी मेडिकल कालेज में काम करने को तैयार नहीं हैं।
दस विशेषज्ञ डाक्टरों ने मेडिकल कालेज को दे दिए इस्तीफे
तिर्वा (कन्नौज)। पिछले एक पखवारे के दौरान त्वचा रोग विभाग में तैनात सीनियर रेजीडेंट चिकित्सक डा. गोपाल सिंह धनिक ने इस्तीफा मेडिकल कालेज को भेज दिया है। इसके अलावा ईएनटी विभाग के एसआर डा. बृजेंद्र कुमार शुक्ला, हड्डी रोग विभाग में तैनात प्रोफेसर डा. परिजाद गुप्ता, सर्जरी विभाग में तैनात प्रोफेसर बसंत मोहन सिंघल, कम्युनिटी मेडिसिन विभाग में लेक्चरर पद पर तैनात डा. संदीप सिंह, एनस्थीसिया में लेक्चरर डा. अंशुमान शुक्ला ने इस्तीफे भेज दिए हैं। इसी तरह सर्जरी विभाग के सहायक प्रोफेसर डा. निखिल सिंह, फार्माकोलाजी विभाग में लेक्चरर डा. देवेंद्र कुमार, ईएनटी विभाग में लेक्चरर डा. मधुकर वशिष्ठ व एनस्थीसिया विभाग में असिस्टेंट प्रोफेसर डा. पराग अग्रवाल ने इस्तीफे मेडिकल कालेज को भेज दिए हैं। प्राचार्य डा. डीएस मारतोलिया ने इन सभी 10 चिकित्सकों के इस्तीफे मिल जाने की बात को स्वीकारा है।
गैर हाजिर 34 चिकित्सा शिक्षकों की बर्खास्तगी पर मांगी राय
तिर्वा (कन्नौज)। राजकीय मेडिकल कालेज के प्राचार्य डा. डीएस मारतोलिया ने बताया कि पिछले एक माह से लगातार गैर हाजिर चल रहे 34 चिकित्सा शिक्षकों के मामले में उन्होंने प्रदेश के चिकित्सा शिक्षा महानिदेशक कार्यालय को पत्र भेजकर राय मांगी है, कि क्यों न इन सभी को बर्खास्त कर दिया जाए। प्राचार्य के मुताबिक चिकित्सा शिक्षकों की तैनाती सीधे शासन स्तर पर डीजीएमई कार्यालय से की जाती है। इस वजह से उन पर कार्रवाई भी डीजीएमई स्तर से होगी। उन्होंने बताया कि प्रमुख सचिव चिकित्सा शिक्षा की ओर से एक पत्र मिला है। पत्र में उन्हें मंगलवार को लखनऊ बापू भवन में बुलाया गया है। यहां प्रदेश के चिकित्सा शिक्षा मंत्री, प्रमुख सचिव चिकित्सा शिक्षा व डीजीएमई के साथ मेडिकल कालेज की समस्याओं पर विस्तार से चर्चा होगी।
- मंगलवार को बापू भवन में कैबिनेट मंत्री व प्रमुख सचिव से होगी वार्ता
- 34 चिकित्सा शिक्षक एक माह से लगातार गैर हाजिर
विज्ञापन
तिर्वा (कन्नौज)। राजकीय मेडिकल कालेज में सख्ती के चलते एक माह में 10 विशेषज्ञ चिकित्सकाें ने इस्तीफे दे दिए हैं। 34 शिक्षा चिकित्सक एक माह से लगातार गैरहाजिर चल रहे हैं। एनस्थीसिया डाक्टरों की कमी के चलते मेडिकल कालेज में आपरेशन होना बंद हो गया है। स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग में भी तैनात महिला सर्जन एक सप्ताह से नहीं आ रही हैं। जिस वजह से दोपहर दो बजे के बाद सिजेरियन प्रसव के मामले में मरीज को रेफर किया जा रहा है। मेडिकल कालेज की इन गंभीर समस्याओं पर प्रदेश शासन ने मेडिकल कालेज के प्राचार्य को लखनऊ में तलब किया है। मंगलवार को बापू भवन लखनऊ में चिकित्सा शिक्षा मंत्री व प्रमुख सचिव चिकित्सा शिक्षा इस मुद्दे पर प्राचार्य से वार्ता करेंगे।
राजकीय मेडिकल कालेज में 18 अप्रैल 2017 तक 156 डाक्टर तैनात थे। इनमें 89 चिकित्सा शिक्षक व 40 जूनियर रेजीडेंट चिकित्सक, 37 सीनियर रेजीडेंट चिकित्सक की तैनाती थी। मेडिकल कालेज में चिकित्सकाें व चिकित्सा शिक्षकों की तैनाती का कोरम पूरा देख 18 अप्रैल को निरीक्षण करने आई एमसीआई की टीम ने मेडिकल कालेज को स्थाई मान्यता प्रदान कर दी।
विज्ञापन
करीब एक माह बाद मान्यता का पत्र मिलते ही मेडिकल कालेज प्रशासन ने डाक्टरों पर सख्ती शुरू कर दी। इससे पहले विशेषज्ञ चिकित्सक सप्ताह में महज एक या दो दिन ही आते थे। प्राचार्य की सख्ती के चलते उनकी गैर हाजिरी लगने लगी। गैरहाजिर वाले दिन का वेतन काटा जाने लगा। इससे विशेषज्ञ चिकित्सक नाराज हो गए। इनमें दस विशेषज्ञ चिकित्सकाें ने इस्तीफा दे दिया है।
विज्ञापन
34 डाक्टर पिछले एक माह से लगातार अनुपस्थित चल रहे हैं। इन सभी को प्राचार्य ने नोटिस भेजकर स्पष्टीकरण मांगा था। इनमें से महज सात डाक्टरों ने ही प्राचार्य को अपना स्पष्टीकरण दिया है। शेष 27 विशेषज्ञ डाक्टरों ने जवाब देने की जरूरत नहीं समझी। इस पर मेडिकल कालेज प्रशासन मान रहा है कि उक्त 27 डाक्टर भी मेडिकल कालेज में काम करने को तैयार नहीं हैं।
दस विशेषज्ञ डाक्टरों ने मेडिकल कालेज को दे दिए इस्तीफे
तिर्वा (कन्नौज)। पिछले एक पखवारे के दौरान त्वचा रोग विभाग में तैनात सीनियर रेजीडेंट चिकित्सक डा. गोपाल सिंह धनिक ने इस्तीफा मेडिकल कालेज को भेज दिया है। इसके अलावा ईएनटी विभाग के एसआर डा. बृजेंद्र कुमार शुक्ला, हड्डी रोग विभाग में तैनात प्रोफेसर डा. परिजाद गुप्ता, सर्जरी विभाग में तैनात प्रोफेसर बसंत मोहन सिंघल, कम्युनिटी मेडिसिन विभाग में लेक्चरर पद पर तैनात डा. संदीप सिंह, एनस्थीसिया में लेक्चरर डा. अंशुमान शुक्ला ने इस्तीफे भेज दिए हैं। इसी तरह सर्जरी विभाग के सहायक प्रोफेसर डा. निखिल सिंह, फार्माकोलाजी विभाग में लेक्चरर डा. देवेंद्र कुमार, ईएनटी विभाग में लेक्चरर डा. मधुकर वशिष्ठ व एनस्थीसिया विभाग में असिस्टेंट प्रोफेसर डा. पराग अग्रवाल ने इस्तीफे मेडिकल कालेज को भेज दिए हैं। प्राचार्य डा. डीएस मारतोलिया ने इन सभी 10 चिकित्सकों के इस्तीफे मिल जाने की बात को स्वीकारा है।
गैर हाजिर 34 चिकित्सा शिक्षकों की बर्खास्तगी पर मांगी राय
तिर्वा (कन्नौज)। राजकीय मेडिकल कालेज के प्राचार्य डा. डीएस मारतोलिया ने बताया कि पिछले एक माह से लगातार गैर हाजिर चल रहे 34 चिकित्सा शिक्षकों के मामले में उन्होंने प्रदेश के चिकित्सा शिक्षा महानिदेशक कार्यालय को पत्र भेजकर राय मांगी है, कि क्यों न इन सभी को बर्खास्त कर दिया जाए। प्राचार्य के मुताबिक चिकित्सा शिक्षकों की तैनाती सीधे शासन स्तर पर डीजीएमई कार्यालय से की जाती है। इस वजह से उन पर कार्रवाई भी डीजीएमई स्तर से होगी। उन्होंने बताया कि प्रमुख सचिव चिकित्सा शिक्षा की ओर से एक पत्र मिला है। पत्र में उन्हें मंगलवार को लखनऊ बापू भवन में बुलाया गया है। यहां प्रदेश के चिकित्सा शिक्षा मंत्री, प्रमुख सचिव चिकित्सा शिक्षा व डीजीएमई के साथ मेडिकल कालेज की समस्याओं पर विस्तार से चर्चा होगी।
- मंगलवार को बापू भवन में कैबिनेट मंत्री व प्रमुख सचिव से होगी वार्ता
- 34 चिकित्सा शिक्षक एक माह से लगातार गैर हाजिर