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माइनर हुआ ओवरफ्लो, ढाई सौ बीघा फसल जलमग्न
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छिबरामऊ। विकास खंड क्षेत्र के ग्राम हरिहरपुर के पास अतरौली माइनर में छोड़े गए पानी से बाढ़ के हालात हो गए। ओवरफ्लो हुए माइनर से क्षेत्र के तीन गांव की लगभग ढाई सौ बीघा फसल जलमग्न हो गई। पीड़ित किसानों ने नहर विभाग की लापरवाही को लेकर उनके खिलाफ प्रदर्शन कर मुआवजे की मांग की।
अतरौली माइनर की पूरी तरह सफाई नहीं कराए जाने से उसमें छोड़ा गया पानी ओवरफ्लो हो गया, जिससे क्षेत्र के ग्राम हरिहरपुर, कोठीनगला और राजापुर की लगभग ढाई सौ बीघा आलू, गेहूं व सरसों की फसल जलमग्न हो गई। नहर विभाग की लापरवाही से चौपट हुई फसल को लेकर क्षेत्र के किसानों में रोष व्याप्त है। किसानों ने मुआवजे की मांग को लेकर प्रदर्शन किया। हरिहरपुर के पूर्व प्रधान विवेक दीक्षित ने बताया कि नहर विभाग ने अतरौली माइनर की ठेके पर सफाई कराई थी। ठेकेदार ने बजाय मजदूरों के जेसीबी से आधी-अधूरी कोठी नगला तक केवल सफाई कराई। आगे का हिस्सा बिना सफाई के ही छोड़ दिया गया। इसी कारण जब नहर विभाग द्वारा माइनर में पानी छोड़ा गया, तो वह ओवरफ्लो हो गया, जिससे किसानों की फसलें चौपट हो गईं। उन्होंने पीड़ित किसानों को मुआवजा दिलाने की मांग की।
हरिहरपुर के किसान मनमोहन तिवारी, राजपाल बाथम, श्रीभगवान दीक्षित, शिवप्रकाश दीक्षित व राजकिशोर दीक्षित ने शासन-प्रशासन से चौपट हुई फसल के मुआवजे की मांग की। मनमोहन तिवारी ने बताया कि उनकी 8 बीघा गेहूं, 10 बीघा आलू, रवींद्रनाथ त्रिवेदी का 8 बीघा आलू, 7 बीघा गेहूं, रक्षपाल का 5 बीघा आलू, 2 बीघा गेहूं, भगवानदास का 6 बीघा गेहूं, शिवप्रकाश का 4 बीघा आलू, भूरे कठेरिया का 3 बीघा गेहूं, चंद्रप्रकाश तिवारी का 8 बीघा आलू, विनोद त्रिवेदी का 5 बीघा गेहूं, विजयकिशन का 6 बीघा गेहूं, शेखर का 10 बीघा आलू, सुधाकर का छह बीघा गेहूं, तीन बीघा सरसों, नरवेश सिंह का 8 बीघा गेहूं व 2 बीघा आलू, राजकिशोर दीक्षित का 5 बीघा आलू ओवरफ्लो हुए माइनर में चौपट हो गया। इसके अलावा अन्य किसानों की भी फसलें चौपट हुई हैं।
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नहर विभाग के जेई प्रदीप ने बताया कि समस्या की जानकारी होते ही वह पूरे प्रयास से उसके समाधान में जुट गए हैं। पानी बंद करा दिया गया है। एक-दो दिन में व्यवस्था काबू में कर ली जाएगी। उन्होंने यह भी बताया कि पहले पानी नहीं आता था, ऐसे में लोगों ने जगह-जगह माइनर की पटरियां काटकर मेड़ बना ली थी, जिसकी वजह से यह समस्या आई है। जहां तक सवाल माइनर की सफाई का है, तो संबंधित ठेकेदार को साढ़े चार किलोमीटर की सफाई का ठेका दिया गया था, जो अभी पूरा भी नहीं हुआ है। उसे निर्देशित कर दिया गया है कि माइनर की पूरी तरह सफाई कराई जाए। वह लगातार समस्या पर नजर बनाए हैं।
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अतरौली माइनर की पूरी तरह सफाई नहीं कराए जाने से उसमें छोड़ा गया पानी ओवरफ्लो हो गया, जिससे क्षेत्र के ग्राम हरिहरपुर, कोठीनगला और राजापुर की लगभग ढाई सौ बीघा आलू, गेहूं व सरसों की फसल जलमग्न हो गई। नहर विभाग की लापरवाही से चौपट हुई फसल को लेकर क्षेत्र के किसानों में रोष व्याप्त है। किसानों ने मुआवजे की मांग को लेकर प्रदर्शन किया। हरिहरपुर के पूर्व प्रधान विवेक दीक्षित ने बताया कि नहर विभाग ने अतरौली माइनर की ठेके पर सफाई कराई थी। ठेकेदार ने बजाय मजदूरों के जेसीबी से आधी-अधूरी कोठी नगला तक केवल सफाई कराई। आगे का हिस्सा बिना सफाई के ही छोड़ दिया गया। इसी कारण जब नहर विभाग द्वारा माइनर में पानी छोड़ा गया, तो वह ओवरफ्लो हो गया, जिससे किसानों की फसलें चौपट हो गईं। उन्होंने पीड़ित किसानों को मुआवजा दिलाने की मांग की।
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हरिहरपुर के किसान मनमोहन तिवारी, राजपाल बाथम, श्रीभगवान दीक्षित, शिवप्रकाश दीक्षित व राजकिशोर दीक्षित ने शासन-प्रशासन से चौपट हुई फसल के मुआवजे की मांग की। मनमोहन तिवारी ने बताया कि उनकी 8 बीघा गेहूं, 10 बीघा आलू, रवींद्रनाथ त्रिवेदी का 8 बीघा आलू, 7 बीघा गेहूं, रक्षपाल का 5 बीघा आलू, 2 बीघा गेहूं, भगवानदास का 6 बीघा गेहूं, शिवप्रकाश का 4 बीघा आलू, भूरे कठेरिया का 3 बीघा गेहूं, चंद्रप्रकाश तिवारी का 8 बीघा आलू, विनोद त्रिवेदी का 5 बीघा गेहूं, विजयकिशन का 6 बीघा गेहूं, शेखर का 10 बीघा आलू, सुधाकर का छह बीघा गेहूं, तीन बीघा सरसों, नरवेश सिंह का 8 बीघा गेहूं व 2 बीघा आलू, राजकिशोर दीक्षित का 5 बीघा आलू ओवरफ्लो हुए माइनर में चौपट हो गया। इसके अलावा अन्य किसानों की भी फसलें चौपट हुई हैं।
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नहर विभाग के जेई प्रदीप ने बताया कि समस्या की जानकारी होते ही वह पूरे प्रयास से उसके समाधान में जुट गए हैं। पानी बंद करा दिया गया है। एक-दो दिन में व्यवस्था काबू में कर ली जाएगी। उन्होंने यह भी बताया कि पहले पानी नहीं आता था, ऐसे में लोगों ने जगह-जगह माइनर की पटरियां काटकर मेड़ बना ली थी, जिसकी वजह से यह समस्या आई है। जहां तक सवाल माइनर की सफाई का है, तो संबंधित ठेकेदार को साढ़े चार किलोमीटर की सफाई का ठेका दिया गया था, जो अभी पूरा भी नहीं हुआ है। उसे निर्देशित कर दिया गया है कि माइनर की पूरी तरह सफाई कराई जाए। वह लगातार समस्या पर नजर बनाए हैं।