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हसेरन ब्लाक प्रमुख के पावर सीज
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कन्नौज। हसेरन ब्लाक प्रमुख उमाशंकर बेरिया के वित्तीय अनियमितताओं के आरोप में पावर सीज कर दिए गए हैं। डीपीआरओ जितेंद्र कुमार मिश्रा ने क्षेत्र पंचायत सदस्यों की सूची पंचायती राज अनुभाग-2 को भेज दी है। यह कार्रवाई प्रदेश के राज्यपाल की स्वीकृति के बाद हुई है।
ब्लाक प्रमुख हसेरन उमाशंकर बेरिया के द्वारा बरती जा रही वित्तीय एवं प्रशासनिक अनियमितता की जांच कराए जाने के जिलाधिकारी रवींद्र कुमार को शासन ने निर्देश दिए थे। जिलाधिकारी ने मामले की जांच अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व को सौंपी थी। डीपीआरओ ने 22 दिसंबर को ब्लाक प्रमुख को शासन से स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने का पत्र भेजा था। इसके बावजूद ब्लाक प्रमुख ने शासन को कोई स्पष्टीकरण नहीं दिया। अपर जिलाधिकारी ने जिलाधिकारी को उपलब्ध कराई जांच आख्या में बताया कि ब्लाक प्रमुख के चार निर्माण कार्य मानक विहीन पाए गए हैं। इसमें एक कार्य में लागत मूल्य से अधिक का भुगतान किया गया है। यह सभी कार्य मे.मां प्रेमी देवी कंक्रीट उद्योग उद्यमपुर से कराए गए हैं। फर्म की सह प्रोपराइटर प्रेमा देवी पत्नी नंदराम क्षेत्र पंचायत हसेरन के वार्ड संख्या 18 की सदस्य होने के साथ-साथ क्षेत्र पंचायत हसेरन की निर्माण समिति की सदस्य व ब्लाक प्रमुख की मां हैं। अपर जिलाधिकारी की उपलब्ध जांच आख्या पर ब्लाक प्रमुख हसेरन से स्पष्टीकरण मांगा गया। ब्लाक प्रमुख ने अपना स्पष्टीकरण न देते हुए शासन से समस्त अभिलेखों की छाया प्रतियां उपलब्ध कराए जाने का अनुरोध किया था। इससे यह प्रतीत हुआ कि वह मामले को उलझाना चाहते हैं। जांच के बाद पाया गया कि ब्लाक प्रमुख अपने पद का दुरुपयोग करते हुए दायित्वों के निर्वहन में असफल रहे हैं। अपने अधिकारों का दुरुपयोग करते हुए अपनी मां की फर्म को अनुचित लाभ पहुंचाया। प्रमुख क्षेत्र पंचायत हसेरन को मामले में दोषी ठहराया गया।
राज्यपाल ने हसेरन ब्लाक प्रमुख के पद व वित्तीय एवं प्रशासनिक शक्तियों के प्रयोग पर रोक लगा दी। प्रकरण की जांच के लिए जिलाधिकारी कन्नौज को नामित किया है। उधर डीपीआरओ जितेंद्र कुमार मिश्रा ने बताया कि राज्यपाल की स्वीकृति के बाद उनके पावर सीज कर दिए गए हैं। पंचायतीराज अनुभाग-2 को क्षेत्र पंचायत सदस्यों की सूची भी भेज दी गई है।
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हसेरन ब्लाक प्रमुख के पावर सीज
प्रदेश के राज्यपाल की स्वीकृति के बाद हुई कार्रवाई, वित्तीय अनियमितताओं का लगा था आरोप, डीपीआरओ ने पंचायती राज अनुभाग-2 को
क्षेत्र पंचायतों सदस्यों की भेजी सूची
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ब्लाक प्रमुख हसेरन उमाशंकर बेरिया के द्वारा बरती जा रही वित्तीय एवं प्रशासनिक अनियमितता की जांच कराए जाने के जिलाधिकारी रवींद्र कुमार को शासन ने निर्देश दिए थे। जिलाधिकारी ने मामले की जांच अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व को सौंपी थी। डीपीआरओ ने 22 दिसंबर को ब्लाक प्रमुख को शासन से स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने का पत्र भेजा था। इसके बावजूद ब्लाक प्रमुख ने शासन को कोई स्पष्टीकरण नहीं दिया। अपर जिलाधिकारी ने जिलाधिकारी को उपलब्ध कराई जांच आख्या में बताया कि ब्लाक प्रमुख के चार निर्माण कार्य मानक विहीन पाए गए हैं। इसमें एक कार्य में लागत मूल्य से अधिक का भुगतान किया गया है। यह सभी कार्य मे.मां प्रेमी देवी कंक्रीट उद्योग उद्यमपुर से कराए गए हैं। फर्म की सह प्रोपराइटर प्रेमा देवी पत्नी नंदराम क्षेत्र पंचायत हसेरन के वार्ड संख्या 18 की सदस्य होने के साथ-साथ क्षेत्र पंचायत हसेरन की निर्माण समिति की सदस्य व ब्लाक प्रमुख की मां हैं। अपर जिलाधिकारी की उपलब्ध जांच आख्या पर ब्लाक प्रमुख हसेरन से स्पष्टीकरण मांगा गया। ब्लाक प्रमुख ने अपना स्पष्टीकरण न देते हुए शासन से समस्त अभिलेखों की छाया प्रतियां उपलब्ध कराए जाने का अनुरोध किया था। इससे यह प्रतीत हुआ कि वह मामले को उलझाना चाहते हैं। जांच के बाद पाया गया कि ब्लाक प्रमुख अपने पद का दुरुपयोग करते हुए दायित्वों के निर्वहन में असफल रहे हैं। अपने अधिकारों का दुरुपयोग करते हुए अपनी मां की फर्म को अनुचित लाभ पहुंचाया। प्रमुख क्षेत्र पंचायत हसेरन को मामले में दोषी ठहराया गया।
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राज्यपाल ने हसेरन ब्लाक प्रमुख के पद व वित्तीय एवं प्रशासनिक शक्तियों के प्रयोग पर रोक लगा दी। प्रकरण की जांच के लिए जिलाधिकारी कन्नौज को नामित किया है। उधर डीपीआरओ जितेंद्र कुमार मिश्रा ने बताया कि राज्यपाल की स्वीकृति के बाद उनके पावर सीज कर दिए गए हैं। पंचायतीराज अनुभाग-2 को क्षेत्र पंचायत सदस्यों की सूची भी भेज दी गई है।
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हसेरन ब्लाक प्रमुख के पावर सीज
प्रदेश के राज्यपाल की स्वीकृति के बाद हुई कार्रवाई, वित्तीय अनियमितताओं का लगा था आरोप, डीपीआरओ ने पंचायती राज अनुभाग-2 को
क्षेत्र पंचायतों सदस्यों की भेजी सूची