फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Kannauj News ›   मौज के लिए कानपुर रेफर हो रहे बंदी

मौज के लिए कानपुर रेफर हो रहे बंदी

Fri, 07 Dec 2018 10:39 PM IST
Updated Fri, 07 Dec 2018 10:39 PM IST
विज्ञापन
मौज के लिए कानपुर रेफर हो रहे बंदी
कन्नौज। आपराधिक वारदातों से खौफ पैदा करने वाले बंदी या फिर कैदी सांठगांठ कर बीमारी के नाम पर मौज करते हैं। पैसों के दम पर जेल से लेकर जिला अस्पताल और मेडिकल कालेज तिर्वा से लेकर कानपुर के अस्पतालों में बीमारी के नाम पर यह हर शौक पूरा करते हैं। डॉक्टर, फार्मासिस्ट और जेल के अधिकारी रकम लेकर कैदियों की मदद कर रहे हैं। इसका खुलासा जिला जेल अस्पताल के फार्मासिस्ट और जिला अस्पताल के फार्मासिस्ट के बीच बातचीत का ऑडियो वायरल होने से हुआ। इसमें कैदियों को रेफर करने पर खर्चा-पानी देने की बात कही जा रही है।
विज्ञापन



जिला जेल अनौगी कैदियों को सुख-सुविधाएं मुहैया कराने के नाम पर कई सालों से चर्चा में है। जेल में इस समय 800 कैदियों में से 35 महिलाएं हैं। जेल पहुंचे बंदी या कैदी अक्सर बीमार होने और वर्षों पुरानी बीमारी उभरने की बात कहते हैं। इसके बाद यह जेल प्रशासन के अधिकारियों, फार्मासिस्ट और डॉक्टरों को लालच देकर कई दिनों तक अस्पतालों में भर्ती होकर मौज करते हैं। इसका खुलासा शुक्रवार को हुआ। जिला जेल अनौगी के अस्पताल में तैनात एक फार्मासिस्ट दोपहर करीब एक बजे जिला अस्पताल की इमरजेंसी यूनिट में पहुंचता है। यहां ड्यूटी पर मौजूद एक फार्मासिस्ट को परिचय देकर जेल से आने वाले मरीजों को कानपुर रेफर करने की बात कहता है। इसके एवज में वह खर्चा-पानी व सेवा का लालच देता है।
विज्ञापन



जिला अस्पताल के फार्मासिस्ट से मोबाइल नंबर मांगते हुए फोन पर बात करने की बात कहता है। इस दौरान वहां मौजूद एक युवक ने मोबाइल में फार्मासिस्ट के बीच बातचीत को रिकार्ड कर वायरल कर दिया। इस मामले में जेलर शिव कुमार यादव ने बताया कि फिलहाल गंभीर बीमारियों से ग्रसित कैदियों को ही जिला अस्पताल व मेडिकल कालेज भर्ती कराया जाता है। ऑडियो सुनने के बाद ही वह कुछ कह सकते हैं। सीएमओ कृष्ण स्वरूप ने बताया कि मामला गंभीर है। जांच कर कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन



जेल के अस्पताल में पूरी होती हैं जरूरतें
कन्नौज। सूत्रों के अनुसार जब भी कोई प्रभावशाली बंदी जेल भेजा जाता है, उसकी तुरंत दो जरूरतें होती हैं। एक लेटने के लिए पलंग और दूसरा अच्छा खाना। ये चीजें जेल में मौजूद डॉक्टर मुहैया करा सकता है। कैदी को बीमार दिखाकर कारागार के अस्पताल में भर्ती कर लिया जाता है। यहां लेटने के साथ-साथ उसे अच्छा भोजन मुहैया कराया जाता है।

मौज के लिए कानपुर रेफर हो रहे बंदी
जिला अस्पताल के फार्मासिस्ट और जेल अस्पताल के फार्मासिस्ट के वायरल अॅाडियो से हुआ खुलासा
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed