{"_id":"64d52bb8a88d3c8cf40b3484","slug":"147-dilapidated-schools-that-strengthen-the-foundation-of-the-new-generation-kannauj-news-c-214-1-knj1003-1595-2023-08-10","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kannauj News: नई पीढ़ी की नींव मजबूत करने वाले 147 स्कूल जर्जर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kannauj News: नई पीढ़ी की नींव मजबूत करने वाले 147 स्कूल जर्जर
Thu, 10 Aug 2023 11:56 PM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कन्नौज
संवाद न्यूज एजेंसी, कन्नौज
Updated Thu, 10 Aug 2023 11:56 PM IST
विज्ञापन
कन्नौज। देश की नींव मजबूत कराने की अहम जिम्मेदारी निभाने वाले बेसिक शिक्षा विभाग के स्कूलों की इमारत खुद ही खस्ताहाल है। इनमें पढ़ना बच्चों के लिए खतरे से खाली नहीं है। यह आरोप नहीं, बल्कि खुद बेसिक शिक्षा विभाग का खुद का सर्वे है। विभागीय सर्वे की रिपोर्ट के मुताबिक जिले के 1459 में से 147 स्कूल जर्जर हैं। इनमें बच्चों को पढ़ाना खतरनाक है। रिपोर्ट के आधार पर बच्चों को एहतियातन पास के दूसरे स्कूल में शिफ्ट कर दिया गया है।
बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से यह सर्वे बारिश का मौसम शुरू होने के पहले ही करवाया था। उसमें सभी ब्लॉक के बीईओ से रिपोर्ट मांगी गई। उसी के आधार पर सभी ब्लॉक के बीईओ ने क्षेत्र के स्कूलों की पड़ताल की। इसमें सामने आया कि कई स्कूलों की इमारत पूरी तरह जर्जर हो चुकी है। किसी की छत टपक रही है तो किसी की दीवारों में दरार आ चुकी है। इसी तरह की शिकायत जिले के 147 स्कूलों में आई। अब इस रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई होनी है।
-- -- -- -- -- -- -- -- --
तीन विभाग की कमेटी करेगी जांच
बेसिक शिक्षा विभाग के सर्वे के आधार पर चिह्नित किए गए 147 स्कूलों की जांच के लिए तीन विभागों की कमेटी बनाई गई है। इसमें आरईडी के एक्सईएन, पीडब्लूडी के एई और लघु सिंचाई विभाग की एई को शामिल किया गया है। इन विभागों की संयुक्त टीम मौके पर जाकर यह पड़ताल करेगी कि कौन सी इमारत गिराने के लायक है और किसमें मरम्मत से ही काम चल सकता है। इंजीनियरों की रिपोर्ट के आधार पर ही आगे की कार्रवाई होगी।
विज्ञापन
-- -- -- -- -- -- -- -- -- --
दो साल पहले हुए सर्वे में मिले थे 71 स्कूल
बेसिक शिक्षा विभाग के मुताबिक दो साल पहले भी इसी तरह का सर्वे हुआ था। उसमें 71 स्कूल की इमारत चिह्नित की गई थी। उसमें से 56 को जर्जर घोषित किया गया था, 15 को मरम्मत के लायक माना गया था। विभाग का तो दावा है कि तब के सर्वे के मुताबिक जर्जर स्कूलों की जगह पर स्कूल की नई इमारत बन गई थी। सच्चाई यह हैै कि पिछले सर्वे में शामिल स्कूलों की मरम्मत नहीं होने से उन स्कूलों को फिर से इस साल की लिस्ट में शामिल किया गया है।
-- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- --
निर्वाचन आयोग के सर्वे में भी फेल हो चुके हैं कई स्कूल
वर्ष 2024 में होने वाले लोकसभा चुनाव के लिए पोलिंग बूथों के सत्यापन के दौरान भी जिले के कई स्कूलों को जर्जर पाया गया है। उनकी जगह किसी दूसरे स्कूल या इमारत में पोलिंग स्टेशन बनाने की सिफारिश की गई है। पहले 21 सेंटर को बदलने की बात कही गई। दोबारा सत्यापन में नौ सेंटर चिह्नित किए गए। उसमें सात स्कूल शामिल हैं। उसमें छिबरामऊ का प्राइमरी स्कूल फखरपुर, सदर ब्लॉक का जलालपुर-अमरा पूमावि, सदर का ही सिटी प्राइमरी स्कूल बाबा हाजी, उदैतापुर कन्या प्राइमरी स्कूल, रावतपुर कन्या पूमा स्कूल, हसेरन ब्लॉक का सुखसेनपुर प्राइमरी स्कूल भी शामिल है।
-- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- --
जिले में इस तरह चिन्हित हुए हैं जर्जर स्कूल
-छिबरामऊ में 31, तालग्राम में 20, हसेरन में 17, कन्नौज सदर में 16, उमर्दा में 16, जलालाबाद में 16, सौरिख में 15, गुगरापुर में 15, -कन्नौज नगर में 01
-- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -
विभागीय सर्वे में 147 स्कूल चिह्नित किए गए हैं। अब तीन विभागाें की टीम इनकी जांच करेगी। उसी के आधार पर इन्हें गिराने या मरम्मत करने का फैसला होगा। रिपोर्ट के आधार पर ही आगे का काम होगा। तब तक इन स्कूलों के बच्चों को पास के दूसरे स्कूल में शिफ्ट करवा दिया गया है।
कौस्तुभ सिंह, बीएसए कन्नौज
विज्ञापन
बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से यह सर्वे बारिश का मौसम शुरू होने के पहले ही करवाया था। उसमें सभी ब्लॉक के बीईओ से रिपोर्ट मांगी गई। उसी के आधार पर सभी ब्लॉक के बीईओ ने क्षेत्र के स्कूलों की पड़ताल की। इसमें सामने आया कि कई स्कूलों की इमारत पूरी तरह जर्जर हो चुकी है। किसी की छत टपक रही है तो किसी की दीवारों में दरार आ चुकी है। इसी तरह की शिकायत जिले के 147 स्कूलों में आई। अब इस रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई होनी है।
विज्ञापन
तीन विभाग की कमेटी करेगी जांच
बेसिक शिक्षा विभाग के सर्वे के आधार पर चिह्नित किए गए 147 स्कूलों की जांच के लिए तीन विभागों की कमेटी बनाई गई है। इसमें आरईडी के एक्सईएन, पीडब्लूडी के एई और लघु सिंचाई विभाग की एई को शामिल किया गया है। इन विभागों की संयुक्त टीम मौके पर जाकर यह पड़ताल करेगी कि कौन सी इमारत गिराने के लायक है और किसमें मरम्मत से ही काम चल सकता है। इंजीनियरों की रिपोर्ट के आधार पर ही आगे की कार्रवाई होगी।
विज्ञापन
दो साल पहले हुए सर्वे में मिले थे 71 स्कूल
बेसिक शिक्षा विभाग के मुताबिक दो साल पहले भी इसी तरह का सर्वे हुआ था। उसमें 71 स्कूल की इमारत चिह्नित की गई थी। उसमें से 56 को जर्जर घोषित किया गया था, 15 को मरम्मत के लायक माना गया था। विभाग का तो दावा है कि तब के सर्वे के मुताबिक जर्जर स्कूलों की जगह पर स्कूल की नई इमारत बन गई थी। सच्चाई यह हैै कि पिछले सर्वे में शामिल स्कूलों की मरम्मत नहीं होने से उन स्कूलों को फिर से इस साल की लिस्ट में शामिल किया गया है।
निर्वाचन आयोग के सर्वे में भी फेल हो चुके हैं कई स्कूल
वर्ष 2024 में होने वाले लोकसभा चुनाव के लिए पोलिंग बूथों के सत्यापन के दौरान भी जिले के कई स्कूलों को जर्जर पाया गया है। उनकी जगह किसी दूसरे स्कूल या इमारत में पोलिंग स्टेशन बनाने की सिफारिश की गई है। पहले 21 सेंटर को बदलने की बात कही गई। दोबारा सत्यापन में नौ सेंटर चिह्नित किए गए। उसमें सात स्कूल शामिल हैं। उसमें छिबरामऊ का प्राइमरी स्कूल फखरपुर, सदर ब्लॉक का जलालपुर-अमरा पूमावि, सदर का ही सिटी प्राइमरी स्कूल बाबा हाजी, उदैतापुर कन्या प्राइमरी स्कूल, रावतपुर कन्या पूमा स्कूल, हसेरन ब्लॉक का सुखसेनपुर प्राइमरी स्कूल भी शामिल है।
जिले में इस तरह चिन्हित हुए हैं जर्जर स्कूल
-छिबरामऊ में 31, तालग्राम में 20, हसेरन में 17, कन्नौज सदर में 16, उमर्दा में 16, जलालाबाद में 16, सौरिख में 15, गुगरापुर में 15, -कन्नौज नगर में 01
विभागीय सर्वे में 147 स्कूल चिह्नित किए गए हैं। अब तीन विभागाें की टीम इनकी जांच करेगी। उसी के आधार पर इन्हें गिराने या मरम्मत करने का फैसला होगा। रिपोर्ट के आधार पर ही आगे का काम होगा। तब तक इन स्कूलों के बच्चों को पास के दूसरे स्कूल में शिफ्ट करवा दिया गया है।
कौस्तुभ सिंह, बीएसए कन्नौज