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Kannauj News: 132 बीघा जमीन सरकारी में दर्ज
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छिबरामऊ। सौरिख क्षेत्र के गांव सुल्तानपुर गांव में बिना अनुमति अनुसूचित जाति की जमीन का बैनामा करा लिया गया। एसडीएम ने 20 दिसंबर 2024 का आदेश गुरुवार को निरस्त कर दिया। इस जमीन को सरकारी में दर्ज किया गया।
सौरिख के सुल्तानपुर में 132 बीघा जमीन अनुसूचित जाति के लोगों को पट्टा की गई थी। सड़क किनारे की बेशकीमती जमीन होने की वजह से लोगों की नजरें इस जमीन पर टिक गईं। कुछ लोगों ने बिना अनुमति लिए अनुसूचित जाति के युवक से जमीन का बैनामा करा लिया गया। मामला अधिकारियों के संज्ञान में आया। तत्कालीन एसडीएम ने मामले पर रोक लगा दी।
शिकायत के बाद एसडीएम ज्ञानेंद्र कुमार द्विवेदी ने इस प्रकरण की छानबीन कराई। इसके बाद 132 बीघा जमीन को लेकर 20 दिसंबर 2024 के आदेश को निरस्त कर दिया। जमीन को राज्य सरकार में दर्ज किया गया। अभिलेखों में अमलदरामद को आदेश की प्रति तहसीलदार को भेजी गई। एसडीएम ने बताया कि यह प्रकरण लंबे समय से चल रहा था। फर्जी आदेश के आधार पर इस जमीन को चढ़वाया गया था। बिना अनुमति लिए अनुसूचित जाति के व्यक्ति से बैनामा भी कराया गया, जबकि अनुसूचित जाति के व्यक्ति से जमीन का बैनामा कराने से पहले अनुमति ली जाती है। ऐसे में पहले के आदेश को निरस्त कर दिया गया है।
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सौरिख के सुल्तानपुर में 132 बीघा जमीन अनुसूचित जाति के लोगों को पट्टा की गई थी। सड़क किनारे की बेशकीमती जमीन होने की वजह से लोगों की नजरें इस जमीन पर टिक गईं। कुछ लोगों ने बिना अनुमति लिए अनुसूचित जाति के युवक से जमीन का बैनामा करा लिया गया। मामला अधिकारियों के संज्ञान में आया। तत्कालीन एसडीएम ने मामले पर रोक लगा दी।
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शिकायत के बाद एसडीएम ज्ञानेंद्र कुमार द्विवेदी ने इस प्रकरण की छानबीन कराई। इसके बाद 132 बीघा जमीन को लेकर 20 दिसंबर 2024 के आदेश को निरस्त कर दिया। जमीन को राज्य सरकार में दर्ज किया गया। अभिलेखों में अमलदरामद को आदेश की प्रति तहसीलदार को भेजी गई। एसडीएम ने बताया कि यह प्रकरण लंबे समय से चल रहा था। फर्जी आदेश के आधार पर इस जमीन को चढ़वाया गया था। बिना अनुमति लिए अनुसूचित जाति के व्यक्ति से बैनामा भी कराया गया, जबकि अनुसूचित जाति के व्यक्ति से जमीन का बैनामा कराने से पहले अनुमति ली जाती है। ऐसे में पहले के आदेश को निरस्त कर दिया गया है।
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