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Kannauj News: जन्म-मृत्यु प्रमाणपत्र बनाने वाले 1200 सेंटरों की होगी जांच
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कन्नौज। फर्जी जन्म प्रमाण पत्र बनाने वालों पर जिला प्रशासन ने कार्रवाई का मन बना लिया है। जिले में संचालित हो रहे 1200 कॉमन सर्विस
सेंटरों की जांच की जाएगी। इन सेंटरों पर पिछले छह माह में बनाए गए जन्म-मृत्य, आय-जाति और निवास प्रमाण पत्रों की जांच होगी। अगर जांच में फर्जी प्रमाणपत्र मिलते हैं तो सर्विस सेंटर संचालक पर कार्रवाई की जाएगी।
डीएम आशुतोष मोहन अग्निहोत्री ने फर्जी जन्म प्रमाण पत्र मामले को गंभीरता से लिया है। उन्होंने बताया कि जिले में 1200 कॉमन सर्विस सेंटर संचालित हैं। फर्जी जन्म प्रमाण पत्र बनाने वालों पर कार्रवाई की जाएगी। सभी कॉमन सर्विस सेंटरों की एसडीएम और तहसीलदारों को जांच के निर्देश दिए गए हैं। सेंटरों पर पिछले छह माह में बने जन्म-मृत्य, आय-जाति, निवास प्रमाण पत्रों की जांच की जाएगी। एसडीएम और तहसीलदार उसकी आख्या प्रस्तुत करेंगे। अगर कोई भी फर्जी प्रमाण पत्र मिलता है तो सेंटर संचालक पर कार्रवाई की जाएगी।
सदर तहसील में बना था फर्जी जन्म प्रमाण पत्र
फर्जी जन्म प्रमाण पत्र बनवाने वाले बुलाकीपुर्वा निवासी मनोज कुमार ने बीईओ को बताया था कि उन्होंने सदर तहसील में एक युवक से दोनों बच्चों के जन्म प्रमाण पत्र बनवाए थे। उन्हें यह नहीं मालूम था कि उस युवक ने दोनों बच्चों के जन्म प्रमाण पत्र फर्जी बना दिए। इसकी जानकारी होती तो वह बच्चों के प्रवेश के लिए इन जन्म प्रमाण पत्रों को नहीं लगाते।
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सेंटरों की जांच की जाएगी। इन सेंटरों पर पिछले छह माह में बनाए गए जन्म-मृत्य, आय-जाति और निवास प्रमाण पत्रों की जांच होगी। अगर जांच में फर्जी प्रमाणपत्र मिलते हैं तो सर्विस सेंटर संचालक पर कार्रवाई की जाएगी।
डीएम आशुतोष मोहन अग्निहोत्री ने फर्जी जन्म प्रमाण पत्र मामले को गंभीरता से लिया है। उन्होंने बताया कि जिले में 1200 कॉमन सर्विस सेंटर संचालित हैं। फर्जी जन्म प्रमाण पत्र बनाने वालों पर कार्रवाई की जाएगी। सभी कॉमन सर्विस सेंटरों की एसडीएम और तहसीलदारों को जांच के निर्देश दिए गए हैं। सेंटरों पर पिछले छह माह में बने जन्म-मृत्य, आय-जाति, निवास प्रमाण पत्रों की जांच की जाएगी। एसडीएम और तहसीलदार उसकी आख्या प्रस्तुत करेंगे। अगर कोई भी फर्जी प्रमाण पत्र मिलता है तो सेंटर संचालक पर कार्रवाई की जाएगी।
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सदर तहसील में बना था फर्जी जन्म प्रमाण पत्र
फर्जी जन्म प्रमाण पत्र बनवाने वाले बुलाकीपुर्वा निवासी मनोज कुमार ने बीईओ को बताया था कि उन्होंने सदर तहसील में एक युवक से दोनों बच्चों के जन्म प्रमाण पत्र बनवाए थे। उन्हें यह नहीं मालूम था कि उस युवक ने दोनों बच्चों के जन्म प्रमाण पत्र फर्जी बना दिए। इसकी जानकारी होती तो वह बच्चों के प्रवेश के लिए इन जन्म प्रमाण पत्रों को नहीं लगाते।
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