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निलंबित शिक्षक को बना दिया गया पीठासीन अधिकारी
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कन्नौज। लोकसभा चुनाव में बड़ी प्रशासनिक चूक सामने आई है। निलंबित शिक्षक को पीठासीन अधिकारी बना दिया गया। मामले के तूल पकड़ने पर ड्यूटी काट दी गई। वहीं लोकसभा प्रत्याशी व सेवानिवृत्त शिक्षक सुनील भारतीय की ड्यूटी पीठासीन पद पर लगा दी गई थी। उनकी ड्यूटी को भी काटा गया। उधर, जिला निर्वाचन अधिकारी की संस्तुति के बाद करीब 182 लोगों की विभिन्न कारणों के चलते ड्यूटी काटी गई है।
दूसरे चरण के प्रशिक्षण के बाद सैकड़ों की संख्या में महिलाओं व पुरुषों ने विभिन्न कारणों का हवाला देते हुए ड्यूटी काटने का अनुरोध किया था। वहीं दो मामले सुर्खियों में हैं। पहले मामले में रसूलाबाद प्राथमिक विद्यालय में नियुक्त शिक्षक शमशाद खान की पीठासीन अधिकारी के तौर पर ड्यूटी लगा दी गई। ड्यूटी लगने के कुछ दिन पहले चोरी का मोबाइल खरीदे जाने के मामले में पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। विभाग ने इस मामले में उन्हें निलंबित कर दिया था। कुछ दिन बाद उनकी ड्यूटी पीठासीन अधिकारी के तौर पर लगा दी गई। जानकारी के बाद ड्यूटी को काटा गया। दूसरे मामले में कन्नौज लोकसभा क्षेत्र से निर्दल प्रत्याशी सुनील भारती की पीठासीन अधिकारी के पद पर ड्यूटी लगा दी गई। वह काफी दिन पहले सेवानिवृत्त हो चुके हैं। उनकी ड्यूटी भी बाद में काटी गई। पीठासीन पद पर 10 ड्यूटी ऐसी लग गईं जो सेवानिवृत्त, दिव्यांग थे। इनकी ड्यूटी को काट दिया गया। फार्मासिस्ट व चिकित्साधिकारियों की करीब 68 ड्यूटी कोर्ट के निर्देश के बाद काटी गई हैं।
प्रभारी मतदान अधिकारी कार्मिक एसके सिंह ने बताया कि पीठासीन अधिकारी 82, मतदान अधिकारी प्रथम 26, मतदान अधिकारी द्वितीय 56, मतदान अधिकारी तृतीय की 20 ड्यूटी जिला निर्वाचन अधिकारी की संस्तुति पर काटी गई हैं। उधर, मतदान अधिकारी तृतीय के कर्मचारियों की संख्या कम पड़ने पर 350 कर्मचारियों को कानपुर जनपद से लिया गया है। इन कर्मचारियों को अतिरिक्त में रखा जाएगा।
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निलंबित शिक्षक को बना दिया पीठासीन अधिकारी
जिला निर्वाचन अधिकारी की संस्तुति के बाद 182 कार्मिकों की काटी गई ड्यूटी, फार्मासिस्ट, चिकित्साधिकारियों की करीब 68 ड्यूटी कोर्ट के आदेश पर काटी गईं
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दूसरे चरण के प्रशिक्षण के बाद सैकड़ों की संख्या में महिलाओं व पुरुषों ने विभिन्न कारणों का हवाला देते हुए ड्यूटी काटने का अनुरोध किया था। वहीं दो मामले सुर्खियों में हैं। पहले मामले में रसूलाबाद प्राथमिक विद्यालय में नियुक्त शिक्षक शमशाद खान की पीठासीन अधिकारी के तौर पर ड्यूटी लगा दी गई। ड्यूटी लगने के कुछ दिन पहले चोरी का मोबाइल खरीदे जाने के मामले में पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। विभाग ने इस मामले में उन्हें निलंबित कर दिया था। कुछ दिन बाद उनकी ड्यूटी पीठासीन अधिकारी के तौर पर लगा दी गई। जानकारी के बाद ड्यूटी को काटा गया। दूसरे मामले में कन्नौज लोकसभा क्षेत्र से निर्दल प्रत्याशी सुनील भारती की पीठासीन अधिकारी के पद पर ड्यूटी लगा दी गई। वह काफी दिन पहले सेवानिवृत्त हो चुके हैं। उनकी ड्यूटी भी बाद में काटी गई। पीठासीन पद पर 10 ड्यूटी ऐसी लग गईं जो सेवानिवृत्त, दिव्यांग थे। इनकी ड्यूटी को काट दिया गया। फार्मासिस्ट व चिकित्साधिकारियों की करीब 68 ड्यूटी कोर्ट के निर्देश के बाद काटी गई हैं।
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प्रभारी मतदान अधिकारी कार्मिक एसके सिंह ने बताया कि पीठासीन अधिकारी 82, मतदान अधिकारी प्रथम 26, मतदान अधिकारी द्वितीय 56, मतदान अधिकारी तृतीय की 20 ड्यूटी जिला निर्वाचन अधिकारी की संस्तुति पर काटी गई हैं। उधर, मतदान अधिकारी तृतीय के कर्मचारियों की संख्या कम पड़ने पर 350 कर्मचारियों को कानपुर जनपद से लिया गया है। इन कर्मचारियों को अतिरिक्त में रखा जाएगा।
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निलंबित शिक्षक को बना दिया पीठासीन अधिकारी
जिला निर्वाचन अधिकारी की संस्तुति के बाद 182 कार्मिकों की काटी गई ड्यूटी, फार्मासिस्ट, चिकित्साधिकारियों की करीब 68 ड्यूटी कोर्ट के आदेश पर काटी गईं