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वर्षा ऋतु में प्याज-धनिया की पैदावार देगी तीन गुना आमदनी
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कन्नौज। अमर उजाला तथा चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय कानपुर के संयुक्त अभियान उत्थान: अ स्टार्टअप के तहत पांच दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ सोमवार को कृषि विज्ञान केंद्र अनौगी में हुआ। पहले दिन किसानों को सब्जियों की पैदावार और विपणन की जानकारी दी गई। कृषि वैज्ञानिकों ने बताया कि यदि वर्षा ऋतु में प्याज और धनिया की पैदावार की जाए तो किसान तीन गुना तक आमदनी कर सकते हैं।
केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं अध्यक्ष डा. वीके कनौजिया ने बताया कि 18 जनवरी को कलक्ट्रेट में हुए कार्यक्रम में रजिस्टर्ड कृषकों एवं नव युवकों को प्रशिक्षण के लिए चयनित किया गया था। प्रशिक्षण में सोमवार को 60 किसान शामिल हुए। इन्हें सब्जी उत्पादन, पशुपालन, बीज उत्पादन, मधुमक्खी पालन, सिलाई, खाद्य प्रसंस्करण विषयों में रोजगार के लिए प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रशिक्षण 18 से 22 फरवरी तक चलेगा।
पांच दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्घाटन रीजनल रिसर्च स्टेशन भारतीय भूमि एवं जल संरक्षण शोध संस्थान आगरा के प्रधान वैज्ञानिक एवं अध्यक्ष डा. एसके दुबे ने किया। उन्होंने बताया कि सब्जी उत्पादन से स्वयं तथा अन्य बेरोजगार युवकों को रोजगार उपलब्ध कराया जा सकता है। जैविक विधि से सब्जी उत्पादन में नए अवसर सृजित हो सकते हैं। इससे स्वास्थ्य से भरपूर सब्जी पैदा कर उचित दामों पर बड़े शहरों तथा विदेशों में बेच सकते हैं। बेमौसमी सब्जियों को खुले में तथा पॉली हाउस में लगाया जा सकता है। शिमला मिर्च, ब्रोकली, टमाटर, खीरा, तरबूज व ऐसी सब्जियां वर्ष भर बाजार में उपलब्ध हैं। इनकी पैदावार कर लाभ उठाना चाहिए। डा. एसके दुबे ने नेपाली मल्च ड्रिप सिंचाई बेड बनाकर सब्जी उत्पादन करने के तरीकों की जानकारी दी। कृषि विज्ञान केंद्र के अध्यक्ष डा. वीके कनौजिया ने बताया कि वर्षा ऋतु में धनिया तथा प्याज उगाकर तीन गुना तक आमदनी की जा सकती है। उत्पादन तकनीक के बारे में भी किसानों को जानकारी दी गई। प्रतिदिन चलने वाले कार्यक्रम की रूपरेखा पर भी प्रकाश डाला गया।
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सेंटर आफ एक्सीलेंस फॉर वेजिटेबल के वैज्ञानिक डा. बीएस यादव ने सब्जियों की पौध उत्पादन के विभिन्न तरीकों की जानकारी दी। बताया कि पौध की पैदावार अपने आप में सशक्त रोजगार है। जो कई अन्य लोगों को भी रोजगार दे सकता है। केंद्र के वैज्ञानिक डा. विनोद कुमार ने सब्जियों की पैदावार में प्रारंभिक आवश्यकताओं की भूमिका, भूमि के प्रकार तथा भूमि की तैयारी की जानकारी दी। केंद्र के अन्य वैज्ञानिक डा. पीएस कटिहार ने सब्जियों में प्रयोग किए जाने वाले पोषक तत्वों की उपयोगिता, देने के तरीके तथा कार्बनिक खादों के प्रयोग संबंधित जानकारी दी।
इस मौके पर कृषक महेंद्र कटियार, फूल सिंह, अरुण कुमार तिवारी, प्रदीप कुशवाहा, भगवानदीन, रामपाल वर्मा, उमेंद्र सिंह कुशवाहा, रामचंद्र, अनिल कुमार, लाल सिंह, सोनू, सतीश चंद्र, शिवकांत, राहुल सिंह कुशवाहा, जितेंद्र सिंह, रमाकांत और उमानाथ आदि लोग मौजूद रहे।
वर्षा ऋतु में प्याज-धनिया की पैदावार देगी तीन गुना आमदनी
कृषि विज्ञान केंद्र अनौगी में स्वरोजगार हेतु सब्जी की पैदावार व विपणन विषय पर स्टार्ट अप प्रशिक्षण की हुई शुरुआत
अमर उजाला तथा चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय कानपुर के संयुक्त अभियान उत्थान: अ स्टार्टअप के तहत शुरू हुआ पांच दिवसीय प्रशिक्षण
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केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं अध्यक्ष डा. वीके कनौजिया ने बताया कि 18 जनवरी को कलक्ट्रेट में हुए कार्यक्रम में रजिस्टर्ड कृषकों एवं नव युवकों को प्रशिक्षण के लिए चयनित किया गया था। प्रशिक्षण में सोमवार को 60 किसान शामिल हुए। इन्हें सब्जी उत्पादन, पशुपालन, बीज उत्पादन, मधुमक्खी पालन, सिलाई, खाद्य प्रसंस्करण विषयों में रोजगार के लिए प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रशिक्षण 18 से 22 फरवरी तक चलेगा।
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पांच दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्घाटन रीजनल रिसर्च स्टेशन भारतीय भूमि एवं जल संरक्षण शोध संस्थान आगरा के प्रधान वैज्ञानिक एवं अध्यक्ष डा. एसके दुबे ने किया। उन्होंने बताया कि सब्जी उत्पादन से स्वयं तथा अन्य बेरोजगार युवकों को रोजगार उपलब्ध कराया जा सकता है। जैविक विधि से सब्जी उत्पादन में नए अवसर सृजित हो सकते हैं। इससे स्वास्थ्य से भरपूर सब्जी पैदा कर उचित दामों पर बड़े शहरों तथा विदेशों में बेच सकते हैं। बेमौसमी सब्जियों को खुले में तथा पॉली हाउस में लगाया जा सकता है। शिमला मिर्च, ब्रोकली, टमाटर, खीरा, तरबूज व ऐसी सब्जियां वर्ष भर बाजार में उपलब्ध हैं। इनकी पैदावार कर लाभ उठाना चाहिए। डा. एसके दुबे ने नेपाली मल्च ड्रिप सिंचाई बेड बनाकर सब्जी उत्पादन करने के तरीकों की जानकारी दी। कृषि विज्ञान केंद्र के अध्यक्ष डा. वीके कनौजिया ने बताया कि वर्षा ऋतु में धनिया तथा प्याज उगाकर तीन गुना तक आमदनी की जा सकती है। उत्पादन तकनीक के बारे में भी किसानों को जानकारी दी गई। प्रतिदिन चलने वाले कार्यक्रम की रूपरेखा पर भी प्रकाश डाला गया।
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सेंटर आफ एक्सीलेंस फॉर वेजिटेबल के वैज्ञानिक डा. बीएस यादव ने सब्जियों की पौध उत्पादन के विभिन्न तरीकों की जानकारी दी। बताया कि पौध की पैदावार अपने आप में सशक्त रोजगार है। जो कई अन्य लोगों को भी रोजगार दे सकता है। केंद्र के वैज्ञानिक डा. विनोद कुमार ने सब्जियों की पैदावार में प्रारंभिक आवश्यकताओं की भूमिका, भूमि के प्रकार तथा भूमि की तैयारी की जानकारी दी। केंद्र के अन्य वैज्ञानिक डा. पीएस कटिहार ने सब्जियों में प्रयोग किए जाने वाले पोषक तत्वों की उपयोगिता, देने के तरीके तथा कार्बनिक खादों के प्रयोग संबंधित जानकारी दी।
इस मौके पर कृषक महेंद्र कटियार, फूल सिंह, अरुण कुमार तिवारी, प्रदीप कुशवाहा, भगवानदीन, रामपाल वर्मा, उमेंद्र सिंह कुशवाहा, रामचंद्र, अनिल कुमार, लाल सिंह, सोनू, सतीश चंद्र, शिवकांत, राहुल सिंह कुशवाहा, जितेंद्र सिंह, रमाकांत और उमानाथ आदि लोग मौजूद रहे।
वर्षा ऋतु में प्याज-धनिया की पैदावार देगी तीन गुना आमदनी
कृषि विज्ञान केंद्र अनौगी में स्वरोजगार हेतु सब्जी की पैदावार व विपणन विषय पर स्टार्ट अप प्रशिक्षण की हुई शुरुआत
अमर उजाला तथा चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय कानपुर के संयुक्त अभियान उत्थान: अ स्टार्टअप के तहत शुरू हुआ पांच दिवसीय प्रशिक्षण