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योगी सरकार 2.0: मुकाम से दूर हैं विकास की कई परियोजनाएं

Sun, 26 Mar 2023 01:13 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Sun, 26 Mar 2023 01:13 AM IST
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Yogi Sarkar 2.0: Many development projects are far from the destination
झांसी। योगी सरकार के दूसरे कार्यकाल के एक साल पूरे होने के बाद भी जिले में आम लोगों की सहूलियत और विकास से जुड़ीं कई परियोजनाओं का काम अपना मुकाम हासिल नहीं कर पाया है। कई योजनाएं कागजों में ही उलझी हुईं हैं, वे फाइलों से बाहर नहीं आ पा रही हैं, जबकि जिन पर काम चल रहा है, उनमें से भी कई की रफ्तार बेहद मंद पड़ी हुई है। ऐसे में सरकार के विकास के बड़े-बड़े दावे और वादे जमीन पर अपना असर नहीं दिखा पा रहे हैं।
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डिफेंस कॉरिडोर: अभी एक ईंट भी नहीं लगी
डिफेंस कॉरिडोर के झांसी नोड की पहली यूनिट की आधारशिला प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 19 नवंबर 2021 को रखी थी। उन्होंने भारत डायनामिक्स लिमिटेड (बीडीएल) की इकाई का शिलान्यास किया था। कंपनी यहां 400 करोड़ रुपये का निवेश करने जा रही थी। इकाई की स्थापना के लिए कंपनी को जमीन भी दे दी गई थी। लेकिन, अब तक एक ईंट भी नहीं लगी है। स्थिति यह है कि डिफेंस कॉरिडोर के लिए ली गई जमीन पर खेती की जा रही है।
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हवा में ही है हवाई अड्डा
प्रदेश में पहली बार योगी सरकार के गठन के बाद झांसी में हवाई अड्डा बनाने की कोशिशें शुरू कर दी गईं थीं। लेकिन, यह कोशिशें दूसरे कार्यकाल के एक साल पूरे होने के बाद भी फाइलों से बाहर नहीं आ पाईं हैं। पहले सेना की हवाई पट्टी पर हवाई अड्डा बनाने की योजना तैयार की गई थी और 25 सीटर विमान उड़ाने की योजना थी, लेकिन यह कवायद आगे नहीं बढ़ पाई। इसके बाद करारी में जमीन चिह्नित की गई। लेकिन, मामला यहां भी नहीं जम पाया। हवाई अड्डा अब भी हवा में ही लटका हुआ है।
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500 बेड अस्पताल: 12 करोड़ देने में लगे छह साल
महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज में 500 बेड के अस्पताल का काम अखिलेश सरकार में शुरू किया गया था। लगभग 90 प्रतिशत काम पूरा कर लिया गया था। सरकार बदलने के बाद काम बाधित हो गया था। निर्माण पूरा करने के लिए 12 करोड़ रुपये की आवश्यकता थी। प्रदेश सरकार की ओर से छह साल बाद यह राशि जारी की गई है, जिससे अब इसका काम जल्द पूरा होने की उम्मीद जगी है। बता दें कि मेडिकल कॉलेज में बुंदेलखंड के सभी जनपदों से मरीज आते हैं। मरीजों की ज्यादा संख्या की वजह से यहां अक्सर स्वास्थ्य सेवाएं बौनी साबित होने लगती हैं। ऐसे में 500 बेड के अस्पताल को बेहद उपयोगी बताया जा रहा है।

पानी पहुंचाने की रफ्तार है धीमी
जल जीवन मिशन के तहत 648 गांवों के 2,09,754 घरों तक पानी पहुंचाया जाना है। इस योजना की घोषणा फरवरी 2019 में प्रधानमंत्री ने की थी। जून 2020 में मुख्यमंत्री ने इसका शिलान्यास किया था। काम पूरा करने की मियाद जून 2023 तय की गई थी। लेकिन, अब भी 30 फीसदी काम बाकी है। जबकि, गर्मी ने दस्तक दे दी है और कई इलाकों में पानी की किल्लत शुरू हो गई है। परियोजना का काम समय पर पूरा होना अब भी चुनौती बना हुआ है।

अन्ना पशुओं से नहीं मिली निजात
योगी सरकार के पहली बार अस्तित्व में आने के बाद बुंदेलखंड को अन्ना पशुओं से निजात दिलाने के बड़े-बड़े दावे और वादे किए गए थे। इसके लिए बड़े पैमाने पर गो आश्रय स्थल भी बनाए गए हैं। बावजूद, समस्या का समाधान नहीं हो पाया है। गांव की पगडंडियां हों या शहर की गलियां, यहां तक कि हाईवे पर भी छुट्टा जानवर डेरा डाले रहते हैं। आए दिन यह दुर्घटना का सबब भी बन रहे हैं। अभी हाल ही में पूंछ में सड़क पर खड़े छुट्टा पशु की वजह से बाइक सवार एक महिला की मौत हो गई थी।

एरच बांध: न जांच पूरी हुई, न काम शुरू हुआ
जिले के गरौठा इलाके में गंभीर जल संकट बना रहता है। पेयजल के अलावा सिंचाई के पानी की भी किल्लत बनती रहती है। इस समस्या के समाधान के लिए साल 2015 में एरच बांध का निर्माण शुरू किया गया था। साल 2018 तक इस प्रोजेक्ट पर 401 करोड़ रुपये की धनराशि भी खर्च की जा चुकी थी। लेकिन, इसके बाद बांध निर्माण में गड़बड़ी के आरोप लगने लगे। इसकी जांच शुरू हो गई, जिससे काम भी बंद हो गया। तब से यही स्थिति बनी हुई है। जबकि, मुख्यमंत्री भी कई बार इस बांध का निर्माण जल्द पूरा कराने का भरोसा दे चुके हैं।

यह काम भी होना है बाकी...
- ग्वालियर रोड रेलवे क्रॉसिंग पर ओवरब्रिज का निर्माण किया जा रहा है। इसका काम मार्च 2023 में पूरा किया जाना था, लेकिन काम पिछड़ गया है। इसके निर्माण में तीन माह का समय और लग सकता है। काम में देरी की वजह इस सड़क का यातायात बुरी तरह से बाधित बना हुआ है।

- हंसारी में रेलवे क्रॉसिंग पर ओवरब्रिज निर्माण की कवायद पहली बार योगी सरकार के गठन के बाद ही शुरू कर दी गई थी। लेकिन, अब भी यह योजना फाइलों में ही झूल रही है।
- सरकार की ओर से झांसी में मेट्रो चलाने की घोषणा साल 2018 में की गई थी। लेकिन, अब इसके चार साल बाद डीपीआर बनाने का काम शुरू हुआ है।
- नए बस स्टैंड का निर्माण नहीं हो पाया। ट्रांसपोर्ट नगर बनाने की कवायद भी साकार रूप नहीं ले पाई।
- लक्ष्मी ताल व आंतिया ताल के सौंदर्यीकरण काम भी पूरा नहीं हो पाया।

ये मिली हैं सौगातें...
- महानगर में शुरू हुआ सिटी बसों का संचालन
- सीपरी बाजार में ओवरब्रिज का निर्माण हुआ पूरा
- प्रमुख सड़कों की दशा में सुधार हुआ, यातायात व्यवस्था भी बेहतर हुई, ग्रामीण क्षेत्र की सड़कों का भी हुआ विकास
- जल जीवन मिशन व अमृत योजना के तहत कई इलाकों में पहुंचा पानी
- पानी वाली धर्मशाला का हुआ विकास
- किले की तलहटी के नीचे हुआ पर्यटन विकास
- ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में झांसी में निवेश के लिए 234 कंपनियों ने एमओयू किए साइन। इससे क्षेत्र विकास और बेरोजगारी दूर होने की जगी उम्मीद।
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