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कोरोना से जंग में योद्धा बनकर खड़ीं वीर नारियां
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प्रीति सचान
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झांसी। कोई मरीजों की देखभाल में जुटा है, तो कोई कोरोना से बचाने के लिए लॉकडाउन का पालन करा रहा है। एक ओर जहां पूरा देश घरों में बंद है, दूसरी ओर महिला शक्ति कोरोना की जंग में जमकर जुटी हैं। कोरोना से लोगों को दूर रखने के लिए महिलाएं पूरे मनोयोग से जुटी हुई हैं। आलम यह है कि कोरोना से खतरे की परवाह न करते हुए अपराजिता बनकर महिलाएं मदद के लिए बढ़-चढ़कर आगे आ रही हैं।
कोरोना संक्रमण के चलते देशभर को लॉकडाउन कर दिया गया है। ऐसे में हर कोई घर में बंद है। लेकिन जिला अस्पताल में तैनात स्टाफ नर्स और सड़क पर तैनात महिला पुलिसकर्मी लोगों को कोरोना से बचाने के लिए पूरी मेहनत कर रही हैं।
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महानगर के सीपरी बाजार में तैनात महिला पुलिसकर्मी प्रीति सचान की ड्यूटी का समय बढ़ गया है। पहले आठ घंटे ड्यूटी करने वाली प्रीति अब 12-12 घंटे ड्यूटी कर रही हैं। इस दौरान वे घर से बाहर निकलने वाले लोगों को रोककर कोरोना के खतरे के प्रति आगाह करती हैं। साथ ही, लोगों को सैनिटाइजेशन के बारे में बताती हैं। प्रीति का कहना है कि कोरोना से लोग सुरक्षित रहें, यही सबका मकसद है। इसके साथ ही वे गरीबों को भोजन के पैकेट भी वितरित कराकर मदद करती हैं।
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जिला अस्पताल के आइसोलेशन वार्ड में तैनात स्टाफ नर्स ममता पुरोहित भी कोरोना के मरीजों और क्वारंटाइन किए गए लोगों की मदद कर रही हैं। उनके पास संसाधन सीमित हैं, लेकिन लोगों की मदद के लिए पूरे मनोयोग से जुटी हैं। मरीजों को समय पर दवा देने के साथ कोरोना का खौफ कम करने के लिए उनको प्रेरित करती हैं। उनका कहना है कि कोरोना के प्रति मरीजों को खौफ से बाहर निकालना जरूरी है। अच्छा लगता है कि कोरोना की जंग में हम मदद कर पा रहे हैं।
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आइसोलेशन वार्ड में तैनात एक और स्टाफ नर्स कल्पना भी पूरे मन से अपने कर्तव्य को पूरा कर रही हैं। वे मरीजों को मास्क लगाने और सैनिटाइजेशन के लिए प्रेरित करती हैं। कोरोना के खौफ से दूर रहकर वह मरीजों की देखभाल करने में जुटी हैं। ड्यूटी का समय भी बढ़ गया है, लेकिन उनको इसका कोई मलाल नहीं है। इसके साथ ही अपनी कॉलोनियों के लोगों को भी कोरोना के बारे में बताकर लॉकडाउन का पालन करने की नसीहत दे रही हैं।
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सिविल लाइंस निवासी परिधि नारवानी लॉकडाउन के बाद से पुलिसकर्मियों की मदद में जुटी हैं। वे विभिन्न चौराहों पर पहुंचकर पति के साथ पुलिसकर्मियों को चाय पिलाती हैं। इसके लिए सुबह वह चाय बनाकर अपने घर के आसपास तैनात पुलिसकर्मियों को बांटती हैं। साथ ही जगह-जगह जाकर पुलिसकर्मियों की मदद करती हैं। उनका कहना है कि पुलिसकर्मी हमें कोरोना से बचाने में जुटे हैं। कई तो घर भी नहीं जा पाते। ऐसे में हमारा कर्तव्य है, उनकी हर संभव मदद करें।
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कोरोना संक्रमण के चलते देशभर को लॉकडाउन कर दिया गया है। ऐसे में हर कोई घर में बंद है। लेकिन जिला अस्पताल में तैनात स्टाफ नर्स और सड़क पर तैनात महिला पुलिसकर्मी लोगों को कोरोना से बचाने के लिए पूरी मेहनत कर रही हैं।
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महानगर के सीपरी बाजार में तैनात महिला पुलिसकर्मी प्रीति सचान की ड्यूटी का समय बढ़ गया है। पहले आठ घंटे ड्यूटी करने वाली प्रीति अब 12-12 घंटे ड्यूटी कर रही हैं। इस दौरान वे घर से बाहर निकलने वाले लोगों को रोककर कोरोना के खतरे के प्रति आगाह करती हैं। साथ ही, लोगों को सैनिटाइजेशन के बारे में बताती हैं। प्रीति का कहना है कि कोरोना से लोग सुरक्षित रहें, यही सबका मकसद है। इसके साथ ही वे गरीबों को भोजन के पैकेट भी वितरित कराकर मदद करती हैं।
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जिला अस्पताल के आइसोलेशन वार्ड में तैनात स्टाफ नर्स ममता पुरोहित भी कोरोना के मरीजों और क्वारंटाइन किए गए लोगों की मदद कर रही हैं। उनके पास संसाधन सीमित हैं, लेकिन लोगों की मदद के लिए पूरे मनोयोग से जुटी हैं। मरीजों को समय पर दवा देने के साथ कोरोना का खौफ कम करने के लिए उनको प्रेरित करती हैं। उनका कहना है कि कोरोना के प्रति मरीजों को खौफ से बाहर निकालना जरूरी है। अच्छा लगता है कि कोरोना की जंग में हम मदद कर पा रहे हैं।
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आइसोलेशन वार्ड में तैनात एक और स्टाफ नर्स कल्पना भी पूरे मन से अपने कर्तव्य को पूरा कर रही हैं। वे मरीजों को मास्क लगाने और सैनिटाइजेशन के लिए प्रेरित करती हैं। कोरोना के खौफ से दूर रहकर वह मरीजों की देखभाल करने में जुटी हैं। ड्यूटी का समय भी बढ़ गया है, लेकिन उनको इसका कोई मलाल नहीं है। इसके साथ ही अपनी कॉलोनियों के लोगों को भी कोरोना के बारे में बताकर लॉकडाउन का पालन करने की नसीहत दे रही हैं।
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सिविल लाइंस निवासी परिधि नारवानी लॉकडाउन के बाद से पुलिसकर्मियों की मदद में जुटी हैं। वे विभिन्न चौराहों पर पहुंचकर पति के साथ पुलिसकर्मियों को चाय पिलाती हैं। इसके लिए सुबह वह चाय बनाकर अपने घर के आसपास तैनात पुलिसकर्मियों को बांटती हैं। साथ ही जगह-जगह जाकर पुलिसकर्मियों की मदद करती हैं। उनका कहना है कि पुलिसकर्मी हमें कोरोना से बचाने में जुटे हैं। कई तो घर भी नहीं जा पाते। ऐसे में हमारा कर्तव्य है, उनकी हर संभव मदद करें।

परधी नारवानी