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अब आईजी ने सोशल मीडिया को बनाया हथियार
ब्यूराे/अमर उजाला
Updated Sun, 17 Jan 2016 01:01 AM IST
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झांसी। एक नंबर भरोसे की सफलता के बाद आई जी कानपुर जोन आशुतोष पांडेय ने पुलिस को और हाइटेक करने की पहल की है। इस नए प्रयोग के तहत अब पुलिस व जनता को सोशल मीडिया से जोड़ा जा रहा है। फेसबुक और वाट्स अप पुलिस का नया हथियार होगा।
आईजी आशुतोष पांडे द्वारा जनता की शिकायत दर्ज कराने के लिए शुरू किए ‘एक नंबर भरोसे का’ के अभी तक बहुत अच्छे परिणाम सामने आए हैं। पीड़ित के थाने के चक्कर लगाने के बाद भी पुलिस जिन मामलों में अब तक मुकदमा लिखने से कतराती थी, अब ‘एक नंबर भरोसे का’ पर होने वाली शिकायतों पर कार्रवाई करने को मजबूर होती है। इस नंबर की मदद से अभी तक हजारों पीड़ितों को न्याय मिल चुका है। आईजी के दिशा निर्देशों पर अब जनता को सोशल मीडिया से जोड़ने की तैयारी जोरों पर चल रही है। इस योजना के तहत रेंज के हर थाने के एक दारोगा व दो सिपाहियों को प्रशिक्षित किया गया है जिन्होंने वाट्सएप व फेस बुक पर दो प्रोफाइल (एकाउंट) बनाए हैं। इनमें एक एकाउंट से पुलिस से पुलिस व दूसरे से पुलिस व जनता को जोड़ा गया है है। फेस बुक व वाट्सअप की मदद से प्रशिक्षित पुलिस कर्मी जनता के बीच अपने फ्रैंड्स बना रहे हैं, जिसकी मदद से सूचनाओं व शिकायतों का आदान-प्रदान किया जा रहा है। इसके अलावा पुलिस कर्मी आपस में भी घटनाओं को लेकर संवाद व सूचनाओं को साझा करेंगे। इस योजना की शुरूआत के लिए कानपुर रेंज के अंतर्गत आने वाले सभी जिलों के थानों से एक उपनिरीक्षक व दो जवानों को प्रशिक्षित किया जा चुका है।
झांसी, ललितपुर व जालौन जनपद के प्रशिक्षित पुलिस कर्मियों के साथ रविवार को आई जी कानपुर जोन आशुतोष पांडेय बैठक कर इस योजना के सफल क्रियान्वयन को टिप्स देंगे।
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आईजी आशुतोष पांडे द्वारा जनता की शिकायत दर्ज कराने के लिए शुरू किए ‘एक नंबर भरोसे का’ के अभी तक बहुत अच्छे परिणाम सामने आए हैं। पीड़ित के थाने के चक्कर लगाने के बाद भी पुलिस जिन मामलों में अब तक मुकदमा लिखने से कतराती थी, अब ‘एक नंबर भरोसे का’ पर होने वाली शिकायतों पर कार्रवाई करने को मजबूर होती है। इस नंबर की मदद से अभी तक हजारों पीड़ितों को न्याय मिल चुका है। आईजी के दिशा निर्देशों पर अब जनता को सोशल मीडिया से जोड़ने की तैयारी जोरों पर चल रही है। इस योजना के तहत रेंज के हर थाने के एक दारोगा व दो सिपाहियों को प्रशिक्षित किया गया है जिन्होंने वाट्सएप व फेस बुक पर दो प्रोफाइल (एकाउंट) बनाए हैं। इनमें एक एकाउंट से पुलिस से पुलिस व दूसरे से पुलिस व जनता को जोड़ा गया है है। फेस बुक व वाट्सअप की मदद से प्रशिक्षित पुलिस कर्मी जनता के बीच अपने फ्रैंड्स बना रहे हैं, जिसकी मदद से सूचनाओं व शिकायतों का आदान-प्रदान किया जा रहा है। इसके अलावा पुलिस कर्मी आपस में भी घटनाओं को लेकर संवाद व सूचनाओं को साझा करेंगे। इस योजना की शुरूआत के लिए कानपुर रेंज के अंतर्गत आने वाले सभी जिलों के थानों से एक उपनिरीक्षक व दो जवानों को प्रशिक्षित किया जा चुका है।
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झांसी, ललितपुर व जालौन जनपद के प्रशिक्षित पुलिस कर्मियों के साथ रविवार को आई जी कानपुर जोन आशुतोष पांडेय बैठक कर इस योजना के सफल क्रियान्वयन को टिप्स देंगे।
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