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Jhansi News: शाबाश वीर बुंदेलाे... पांचवी बार हुए फर्स्ट डिवीजन पास
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- मतदाता जागरुकता अभियानों ने दिखाया असर
- अब तक हुए 18 लोकसभा चुनावों में पांचवीं बार वोटिंग प्रतिशत 60 फीसदी से ज्यादा रहा
अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। झांसी-ललितपुर संसदीय क्षेत्र में एक बार फिर वोटों की बारिश हुई है। झांसी से ज्यादा तो ललितपुर जिले में मतदान हुआ है। वीर बुंदेलों ने वोटिंग में प्रथम श्रेणी में पास होने की हैट्रिक लगाई है। अब तक हुए 18 चुनावों में पांचवीं बार वोटिंग प्रतिशत 60 फीसदी से ज्यादा रहा।
झांसी में पहली बार 1952 में लोकसभा चुनाव हुआ था। मगर पहली बार के चुनाव में मतदाताओं में बहुत ज्यादा रुझान देखने को नहीं मिला था और 37.75 फीसदी लोगों ने ही अपने मताधिकार का प्रयोग किया था। इसके बाद 1980 तक हुए छह लोकसभा चुनावों में एक बार भी झांसी संसदीय सीट में 60 फीसदी वोटिंग नहीं हुई। 1984 में पहली बार ऐसा मौका आया, जब झांसी मतदान में प्रथम श्रेणी में पास हुआ और 61.27 फीसदी वोटिंग हुई। इसके बाद हुए तीन चुनावों में फिर वोटिंग प्रतिशत गिरकर 60 फीसदी के नीचे ही रहा। 1998 में 60.30 फीसदी वोटिंग होने पर दूसरी बार झांसी प्रथम श्रेणी में पास हो सका। 1999, 2004 और 2009 में भी 60 फीसदी से कम वोटिंग हुई। अब तक हुए चुनावों में सबसे ज्यादा 68.30 प्रतिशत वोट 2014 के लोकसभा चुनाव में पड़े। फिर 2019 में भी 67.67 प्रतिशत वोटिंग हुई। 2024 में लगातार तीसरी बार झांसी संसदीय क्षेत्र में मतदाता फर्स्ट डिवीजन पास हुए और 63.57 प्रतिशत मतदान हुआ। ये पांचवां मौका है, जब झांसी में 60 फीसदी या उससे अधिक वोटिंग हुई है।
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- अब तक हुए 18 लोकसभा चुनावों में पांचवीं बार वोटिंग प्रतिशत 60 फीसदी से ज्यादा रहा
अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। झांसी-ललितपुर संसदीय क्षेत्र में एक बार फिर वोटों की बारिश हुई है। झांसी से ज्यादा तो ललितपुर जिले में मतदान हुआ है। वीर बुंदेलों ने वोटिंग में प्रथम श्रेणी में पास होने की हैट्रिक लगाई है। अब तक हुए 18 चुनावों में पांचवीं बार वोटिंग प्रतिशत 60 फीसदी से ज्यादा रहा।
झांसी में पहली बार 1952 में लोकसभा चुनाव हुआ था। मगर पहली बार के चुनाव में मतदाताओं में बहुत ज्यादा रुझान देखने को नहीं मिला था और 37.75 फीसदी लोगों ने ही अपने मताधिकार का प्रयोग किया था। इसके बाद 1980 तक हुए छह लोकसभा चुनावों में एक बार भी झांसी संसदीय सीट में 60 फीसदी वोटिंग नहीं हुई। 1984 में पहली बार ऐसा मौका आया, जब झांसी मतदान में प्रथम श्रेणी में पास हुआ और 61.27 फीसदी वोटिंग हुई। इसके बाद हुए तीन चुनावों में फिर वोटिंग प्रतिशत गिरकर 60 फीसदी के नीचे ही रहा। 1998 में 60.30 फीसदी वोटिंग होने पर दूसरी बार झांसी प्रथम श्रेणी में पास हो सका। 1999, 2004 और 2009 में भी 60 फीसदी से कम वोटिंग हुई। अब तक हुए चुनावों में सबसे ज्यादा 68.30 प्रतिशत वोट 2014 के लोकसभा चुनाव में पड़े। फिर 2019 में भी 67.67 प्रतिशत वोटिंग हुई। 2024 में लगातार तीसरी बार झांसी संसदीय क्षेत्र में मतदाता फर्स्ट डिवीजन पास हुए और 63.57 प्रतिशत मतदान हुआ। ये पांचवां मौका है, जब झांसी में 60 फीसदी या उससे अधिक वोटिंग हुई है।
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