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दिन भर पानी को तरसे लोग
ब्यूरो
Updated Tue, 05 Jan 2016 01:20 AM IST
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झांसी। बबीना से आने वाली राइजिंग पेयजल पाइप लाइन में सोमवार को दो स्थानों पर डिजिटल माप यंत्र को लगाने का काम पूरा कर लिया गया है। हालांकि, इसकारण झांसी महानगर व संबंधित क्षेत्रों में सोमवार को जलापूर्ति बाधित रही। इस कारण लोग दिन भर पानी के लिए भटकते रहे।
सोमवार को झांसी आवर्धन योजना (110 एमएलडी) के अंतर्गत 1300 मिलीमीटर व्यास की क्लीयर वाटर पाइप लाइन में बबीना जल शोधन केंद्र एवं राजगढ़ के निकट फ्लोमीटर (डिजीटल पानी मापने का यंत्र) लगाने का काम का किया गया। सुबह शुरू हुआ यह कार्य देर शाम को पूरा हो सका।
यह कार्य बबीना जल शोधन केंद्र के उपखंड अधिकारी अमित कटियार की देखरेख में पूरा किया गया। उन्होंने बताया कि डिजिटल माप यंत्र के लगने से पता चलेगा कि बबीना प्लांट से कितना एमएलडी पानी झांसी की तरफ छोड़ा गया है। बबीना फिल्टर व राजगढ़ में लगाए गए फ्लोमीटर के पानी में कोई अंतर आता है तो इससे पता लग जाएगा कि पाइप लाइन में लीकेज है अथवा रास्ते में अधिक पानी चोरी किया जा रहा है।
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वहीं, सोमवार को जलापूर्ति न होने से झांसी महानगर, एमईएस, आईजीएफआरआई, पीएसी, सारंध्रा नगर कालोनी, हंसारी कैंट बोर्ड झांसी/ बबीना, मेडिकल कॉलेज आदि क्षेत्रों की जलापूर्ति बाधित रही। जिन लोगों ने पहले से पानी स्टोर करके नहीं रखा, उनको हैंडपंप आदि का सहारा लेना पड़ा। इससे लोगों को परेशानी उठानी पड़ी।
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सोमवार को झांसी आवर्धन योजना (110 एमएलडी) के अंतर्गत 1300 मिलीमीटर व्यास की क्लीयर वाटर पाइप लाइन में बबीना जल शोधन केंद्र एवं राजगढ़ के निकट फ्लोमीटर (डिजीटल पानी मापने का यंत्र) लगाने का काम का किया गया। सुबह शुरू हुआ यह कार्य देर शाम को पूरा हो सका।
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यह कार्य बबीना जल शोधन केंद्र के उपखंड अधिकारी अमित कटियार की देखरेख में पूरा किया गया। उन्होंने बताया कि डिजिटल माप यंत्र के लगने से पता चलेगा कि बबीना प्लांट से कितना एमएलडी पानी झांसी की तरफ छोड़ा गया है। बबीना फिल्टर व राजगढ़ में लगाए गए फ्लोमीटर के पानी में कोई अंतर आता है तो इससे पता लग जाएगा कि पाइप लाइन में लीकेज है अथवा रास्ते में अधिक पानी चोरी किया जा रहा है।
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वहीं, सोमवार को जलापूर्ति न होने से झांसी महानगर, एमईएस, आईजीएफआरआई, पीएसी, सारंध्रा नगर कालोनी, हंसारी कैंट बोर्ड झांसी/ बबीना, मेडिकल कॉलेज आदि क्षेत्रों की जलापूर्ति बाधित रही। जिन लोगों ने पहले से पानी स्टोर करके नहीं रखा, उनको हैंडपंप आदि का सहारा लेना पड़ा। इससे लोगों को परेशानी उठानी पड़ी।