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Jhansi News: बोलीं जल सहेलियां... बगराने नईं है, पानी खौं बचाने

Sat, 22 Mar 2025 01:39 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Sat, 22 Mar 2025 01:39 AM IST
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Water friends said we are not going to waste our time, we have to save water

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अमर उजाला ब्यूरो

झांसी। विश्व जल दिवस की पूर्व संध्या पर शुक्रवार को अमर उजाला की ओर से संवाद का आयोजन किया गया। इसमें जल संरक्षण व प्रबंधन की दिशा में काम कर रहीं जल सहेलियों की सहभागिता रही। इस अवसर पर महिलाओं ने ढोलक की थाप पर बुंदेली बोली में गीत गाया ‘पानी नईं बगराने, पानी खौं बचाने है...जई पानी से तुम जी रये, जई पानी से हम जी रये...’। उन्होंने भविष्य के लिए अभी से पानी बचाने पर जोर दिया।



जल सहेलियों ने कहा कि जल स्रोतों की प्रचुरता के बाद भी झांसी और बुंदेलखंड में जल संकट बना रहता है। इसकी प्रमुख वजह जल स्रोतों की व्यापक पैमाने पर अनदेखी है। जल सहेलियों ने कहा कि हाल ही में उन्होंने 300 किमी की जल यात्रा की थी। गांव-गांव जाने पर देखने को मिला कि तालाब और कुंओं के संरक्षण पर काम नहीं किया जा रहा है। गांव का पानी गांव में और खेत का पानी खेत में रोकने के उपाय भी नहीं किए जा रहे हैं। वे जल सहेली के रूप में काम करते हुए जल संरक्षण के उपाय कर रही हैं, लेकिन यह केवल महिलाओं की ही जिम्मेदारी नहीं है। पुरुषों को भी इस काम में आगे आना चाहिए, बल्कि भविष्य के लिए सभी को अभी से पानी बचाना चाहिए। दूसरों को भी इसके लिए प्रेरित करना चाहिए।
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गांव में किचन गार्डन बनाना आसान होता है। घर के बेकार पानी का इसमें उपयोग किया जा सकता है। सोखता गड्ढे भी जगह-जगह बनाए जाने चाहिए, जिनमें गांव की नालियों को जोड़ा जाना चाहिए। मौके पर जल सहेली नीलम झा, शिक्षा, नेहा, ममता, शगुन, राधा, रामकली, काजल, मेवा देवी, रानी, छाया परिहार, प्रभा, विनीता, अंजूलता, राधा कुशवाहा, चांदनी, रेखा, प्रभा देवी, हेमलता, सावित्री, राजकुमारी, भारती, राधा आदि मौजूद रहीं।
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पक्के किए जाएं बोरीबंध चेकडैम



जल सहेली महिलाओं ने बताया कि कई स्थानों पर नदियों और नालों पर उन्होंने बोरीबंध चेकडैम बनाए हैं। इसका असर भी देखने को मिला है। चेकडैम का जलस्तर तो बढ़ा ही, साथ ही आसपास के भूगर्भ जलस्तर में भी इजाफा हुआ, लेकिन समय बीतने के साथ अब बोरियां फटने लगी हैं। इसके चलते, जलस्तर भी कम होने लगा है। ऐसे में अब सरकार को इन सभी चेकडैमों का पक्का निर्माण कराना चाहिए।


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