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पानी के लिए कीजिए इंतजार... संसाधनों की कमी के चलते अमृत योजना हुई लाचार
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झांसी। महानगर के लोगों को अभी पानी के लिए इंतजार करना होगा। हालांकि अमृत योजना के तहत पहले 2022 तक 4 लाख लोगों को पानी उपलब्ध कराने का दावा किया गया था लेकिन संसाधनों की कमी के चलते यह योजना पिछड़ गई है। अब समय बढ़ाकर 2023 कर दिया गया है। क्योंकि अभी चालीस फीसदी भी काम नहीं हुआ है इससे लगता है कि यह योजना और आगे बढ़ेगी।
झांसी में पानी का बड़ा संकट है। इस संकट को दूर करने के लिए अमृत योजना के तहत पानी की पाइपलाइन बिछाकर घरों में सप्लाई देनी है। टंकियों का निर्माण कराया जाना है। इस योजना के अंतर्गत 195 एमएलडी पानी उपलब्ध कराया जाना है। लेकिन 2019 में जल निगम ने इसके लिए इजराइल की कंपनी तहत के साथ 445 करोड़ का अनुबंध किया था। तय हुआ था कि जून 2022 तक काम पूरा कर लेंगे। लेकिन 40 फीसदी भी काम नहीं हो सका है। 7 मई को जब प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ झांसी आए थे तब इस योजना की लेटलतीफी पर गहरी नाराजगी जताते हुए कार्रवाई के लिए कहा था। लेकिन अब इस कंपनी ने समय सीमा एक साल और बढ़ा ली है। अब जून 2023 तक काम पूरा करना होगा। लेकिन जो हालात हैं उससे लगता नहीं कि काम पूरा हो सकेगा।
तहल कंपनी पर अब तक 7 करोड़ का जुर्माना
झांसी। तहल कंपनी समय से प्रोजेक्ट को पूरा नहीं कर पा रही है। स्थिति यह है कि कई बार काम में लापरवाही पर जुर्माना भी लगाया जा चुका है। अधिशासी अभियंता हिमांशु नेगी ने बताया कि अभी तक 7 करोड़ का जुर्माना कंपनी पर लगा चुका है। साथी ही समय से काम पूरा न होने पर अनुबंध भी खत्म कर दिया जाएगा।
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इसलिए थम रही योजना की रफ्तार
- पाइप की उपलब्धता नहीं हो पा रही
- कंपनी के पास बजट की कमी
- सीमेंट और सरिया के दाम बढ़ गए
- कोराना काल में दो साल काम प्रभावित रहा
- बीच में कुछ समय के लिए काम रुक गया था
ये कराए जाने हैं कार्य
इंटेक वैल - एक (माताटीला पर)
सीपी टैंक - एक (माताटीला पर)
मुख्य पाइपलाइन - 53 किमी(माताटीला से शहर तक)
जलशोधन संयंत्र - एक
स्वच्छ जलाशय - 11
ओवरहेड टैंक - 10
फीडर - 14 (शहर भर में पानी सप्लाई के लिए)
पाइपलाइन- 288 किमी (शहर भर में बिछाई जाएगी)
कंपनी को काम दिया गया है लेकिन कंपनी की रफ्तार धीमी है, इस वजह से काम देरी से हो रहा है। काम न करने पर कंपनी पर जुर्माना लगाया जा रहा है, वहीं, काम न होने पर अनुबंध भी खत्म किया जा सकता है। - हिमांशु नेगी अधिशासी अभियंता जलनिगम
कंपनी द्वारा काम करने का पूरा प्रयास किया जा रहा है। तयशुदा समय में काम करने के लिए रफ्तार बढ़ाई गई है। कोरोनाकाल की वजह से काम प्रभावित हुआ है। पाइप मिलने में दिक्कत आई थी। - अशोक गौतम, प्रोजेक्ट मैनेजर तहल कंपनी
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झांसी में पानी का बड़ा संकट है। इस संकट को दूर करने के लिए अमृत योजना के तहत पानी की पाइपलाइन बिछाकर घरों में सप्लाई देनी है। टंकियों का निर्माण कराया जाना है। इस योजना के अंतर्गत 195 एमएलडी पानी उपलब्ध कराया जाना है। लेकिन 2019 में जल निगम ने इसके लिए इजराइल की कंपनी तहत के साथ 445 करोड़ का अनुबंध किया था। तय हुआ था कि जून 2022 तक काम पूरा कर लेंगे। लेकिन 40 फीसदी भी काम नहीं हो सका है। 7 मई को जब प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ झांसी आए थे तब इस योजना की लेटलतीफी पर गहरी नाराजगी जताते हुए कार्रवाई के लिए कहा था। लेकिन अब इस कंपनी ने समय सीमा एक साल और बढ़ा ली है। अब जून 2023 तक काम पूरा करना होगा। लेकिन जो हालात हैं उससे लगता नहीं कि काम पूरा हो सकेगा।
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तहल कंपनी पर अब तक 7 करोड़ का जुर्माना
झांसी। तहल कंपनी समय से प्रोजेक्ट को पूरा नहीं कर पा रही है। स्थिति यह है कि कई बार काम में लापरवाही पर जुर्माना भी लगाया जा चुका है। अधिशासी अभियंता हिमांशु नेगी ने बताया कि अभी तक 7 करोड़ का जुर्माना कंपनी पर लगा चुका है। साथी ही समय से काम पूरा न होने पर अनुबंध भी खत्म कर दिया जाएगा।
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इसलिए थम रही योजना की रफ्तार
- पाइप की उपलब्धता नहीं हो पा रही
- कंपनी के पास बजट की कमी
- सीमेंट और सरिया के दाम बढ़ गए
- कोराना काल में दो साल काम प्रभावित रहा
- बीच में कुछ समय के लिए काम रुक गया था
ये कराए जाने हैं कार्य
इंटेक वैल - एक (माताटीला पर)
सीपी टैंक - एक (माताटीला पर)
मुख्य पाइपलाइन - 53 किमी(माताटीला से शहर तक)
जलशोधन संयंत्र - एक
स्वच्छ जलाशय - 11
ओवरहेड टैंक - 10
फीडर - 14 (शहर भर में पानी सप्लाई के लिए)
पाइपलाइन- 288 किमी (शहर भर में बिछाई जाएगी)
कंपनी को काम दिया गया है लेकिन कंपनी की रफ्तार धीमी है, इस वजह से काम देरी से हो रहा है। काम न करने पर कंपनी पर जुर्माना लगाया जा रहा है, वहीं, काम न होने पर अनुबंध भी खत्म किया जा सकता है। - हिमांशु नेगी अधिशासी अभियंता जलनिगम
कंपनी द्वारा काम करने का पूरा प्रयास किया जा रहा है। तयशुदा समय में काम करने के लिए रफ्तार बढ़ाई गई है। कोरोनाकाल की वजह से काम प्रभावित हुआ है। पाइप मिलने में दिक्कत आई थी। - अशोक गौतम, प्रोजेक्ट मैनेजर तहल कंपनी