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विसरा हुए खराब, अधूरा रह गया अंतिम संस्कार
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visra investigation incomplete
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झांसी। पोस्टमार्टम हाउस की कोठरी में रखे विसरे अब लगभग खराब हो चुके हैं। ऐसे में अंतिम संस्कार भी अधूरा रह गया है। छह माह तक ही विसरा सुरक्षित रहता है। ऐसे में सालों का समय बीतने के बाद अब यह विसरे किसी काम के नहीं रह गए। धर्र्माचार्यों का कहना है कि परीक्षण कराकर इन अंगों का दाह संस्कार वैैसे ही किया जाना चाहिए, जैसे इनके शव के शेष हिस्से का किया गया।
महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कालेज के पोस्टमार्टम हाउस में 1994 से विसरा रखे हैं। विसरा की संख्या भी एक लाख से ऊपर होगी। विसरा मेें मृतक के गुर्दे का कुछ हिस्सा, किडनी का कुछ हिस्सा, आंत का कुछ हिस्सा और पेट की थैली रखी जाती है। इन सभी को नमक के संतृप्त घोल में शीशे के पॉट में सील करके रखा गया था।
लंबा समय बीत जाने के बाद सभी खराब हो चुके हैं। कई विसरे ऐसे हैं, जिनके बारे में परिजनों को कोई जानकारी नहीं है। विसरा में जिन अंगों को रखा गया, उन मृतकों का दाह संस्कार भी पुलिस की लापरवाही के कारण अधूरा रह गया। धर्माचार्य महंत विष्णु दत्त स्वामी ने बताया कि कुछ अंगों को छोड़कर शव का दाह संस्कार किया जाए तो वह पूर्ण नहीं होगा। पूरे शरीर का अंतिम संस्कार होने पर ही मुक्ति मिलेगी। उन्होेंने बताया कि जो भी अंग पोस्टमार्टम हाउस में रखें हैं, उनका भी अंतिम संस्कार किया जा सकता है।
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स्वास्थ्य विभाग करेगा बैठक
स्वास्थ्य विभाग ने पोस्टमार्टम हाउस में रखे विसरों को नष्ट कराने के लिए आगे की कार्रवाई करेगा। जल्द ही विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक कर जानकारी जुटाई जाएगी। इसके बाद नष्ट करने की प्रक्रिया तैयार होगी। सीएमओ डॉ. जीके निगम ने बताया कि जल्द ही इस संबंध में बैठक कर हल निकाला जाएगा।
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महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कालेज के पोस्टमार्टम हाउस में 1994 से विसरा रखे हैं। विसरा की संख्या भी एक लाख से ऊपर होगी। विसरा मेें मृतक के गुर्दे का कुछ हिस्सा, किडनी का कुछ हिस्सा, आंत का कुछ हिस्सा और पेट की थैली रखी जाती है। इन सभी को नमक के संतृप्त घोल में शीशे के पॉट में सील करके रखा गया था।
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लंबा समय बीत जाने के बाद सभी खराब हो चुके हैं। कई विसरे ऐसे हैं, जिनके बारे में परिजनों को कोई जानकारी नहीं है। विसरा में जिन अंगों को रखा गया, उन मृतकों का दाह संस्कार भी पुलिस की लापरवाही के कारण अधूरा रह गया। धर्माचार्य महंत विष्णु दत्त स्वामी ने बताया कि कुछ अंगों को छोड़कर शव का दाह संस्कार किया जाए तो वह पूर्ण नहीं होगा। पूरे शरीर का अंतिम संस्कार होने पर ही मुक्ति मिलेगी। उन्होेंने बताया कि जो भी अंग पोस्टमार्टम हाउस में रखें हैं, उनका भी अंतिम संस्कार किया जा सकता है।
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स्वास्थ्य विभाग करेगा बैठक
स्वास्थ्य विभाग ने पोस्टमार्टम हाउस में रखे विसरों को नष्ट कराने के लिए आगे की कार्रवाई करेगा। जल्द ही विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक कर जानकारी जुटाई जाएगी। इसके बाद नष्ट करने की प्रक्रिया तैयार होगी। सीएमओ डॉ. जीके निगम ने बताया कि जल्द ही इस संबंध में बैठक कर हल निकाला जाएगा।