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तेजी से पांव पसार रहा वायरल फीवर
ब्यूराे/अमर उजाला
Updated Sun, 06 Dec 2015 12:56 AM IST
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झांसी। मौसम में बदलाव आने के साथ-साथ बीमारियां भी दस्तक देने लगी हैं। इन
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दिनों वायरल फीवर तेजी से पांव पसार रहा है। सरकारी अस्पतालों में रोजाना
50-60 मरीज भर्ती किए जा रहे हैं। प्राइवेट चिकित्सकों व अस्पतालों में भी
भीड़ है।
मौसम में आए बदलाव के कारण इन दिनों सर्दी, जुकाम और वायरल फीवर तेजी से फैल रहा है। बच्चों से लेकर बड़े तक इसकी चपेट में हैं। जिला अस्पताल और मेडिकल कॉलेज के मेडिसिन और बाल रोग विभाग में इन रोगों से ग्रस्त मरीजों की खासी भीड़ उमड़ रही है। सर्वाधिक चिंताजनक स्थिति वायरल फीवर को लेकर है। दोनों सरकारी अस्पतालों में बच्चों से लेकर हर वर्ग के करीब 50 से 60 मरीज प्रतिदिन ओपीडी में जांच के बाद भर्ती किए जा रहे हैं। यह संख्या तो भर्ती होने वालों की है, जबकि दिखाने आने वालों की संख्या इससे काफी ज्यादा है। प्राइवेट चिकित्सालयों में भी मरीजों की भीड़ लगी हुई है।
जिला संक्रामक रोग अधिकारी डॉ. एनके जैन ने बताया कि वायरल फीवर हवा के जरिए एक से दूसरे मरीज को चपेट में लेता है। बुखार से ग्रस्त मरीज जब छींकता या खांसता है, तब पास खड़ा व्यक्ति इस रोग से प्रभावित हो सकता है।
स्कूल न जाएं संक्रमित बच्चे
झांसी। वायरल फीवर का शिकार बच्चों को डॉक्टर स्कूल न जाने की सलाह दे रहे हैं। मेडिकल कॉलेज के मेडिसिन विभाग के डॉ. नूतन अग्रवाल का कहना है कि यदि वायरल फीवर से ग्रस्त बच्चा स्कूल जाएगा तो उसके बगल में बैठने वाला छात्र भी इसका शिकार हो सकता है।
यह बरतें सावधानियां
- सर्दी, जुकाम से बचाव को गर्म कपड़े पहनें
- बुखार से पीड़ित मरीज से दूरी बनाए रखें
- बुखार की संभावना पर तुरंत डॉक्टर से मिलें
मौसम में आए बदलाव के कारण इन दिनों सर्दी, जुकाम और वायरल फीवर तेजी से फैल रहा है। बच्चों से लेकर बड़े तक इसकी चपेट में हैं। जिला अस्पताल और मेडिकल कॉलेज के मेडिसिन और बाल रोग विभाग में इन रोगों से ग्रस्त मरीजों की खासी भीड़ उमड़ रही है। सर्वाधिक चिंताजनक स्थिति वायरल फीवर को लेकर है। दोनों सरकारी अस्पतालों में बच्चों से लेकर हर वर्ग के करीब 50 से 60 मरीज प्रतिदिन ओपीडी में जांच के बाद भर्ती किए जा रहे हैं। यह संख्या तो भर्ती होने वालों की है, जबकि दिखाने आने वालों की संख्या इससे काफी ज्यादा है। प्राइवेट चिकित्सालयों में भी मरीजों की भीड़ लगी हुई है।
जिला संक्रामक रोग अधिकारी डॉ. एनके जैन ने बताया कि वायरल फीवर हवा के जरिए एक से दूसरे मरीज को चपेट में लेता है। बुखार से ग्रस्त मरीज जब छींकता या खांसता है, तब पास खड़ा व्यक्ति इस रोग से प्रभावित हो सकता है।
स्कूल न जाएं संक्रमित बच्चे
झांसी। वायरल फीवर का शिकार बच्चों को डॉक्टर स्कूल न जाने की सलाह दे रहे हैं। मेडिकल कॉलेज के मेडिसिन विभाग के डॉ. नूतन अग्रवाल का कहना है कि यदि वायरल फीवर से ग्रस्त बच्चा स्कूल जाएगा तो उसके बगल में बैठने वाला छात्र भी इसका शिकार हो सकता है।
यह बरतें सावधानियां
- सर्दी, जुकाम से बचाव को गर्म कपड़े पहनें
- बुखार से पीड़ित मरीज से दूरी बनाए रखें
- बुखार की संभावना पर तुरंत डॉक्टर से मिलें