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Jhansi News: कई गांवों के ग्रामीणों को आवागमन के लिए किश्ती का सहारा

Wed, 26 Aug 2026 01:10 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Wed, 26 Aug 2026 01:10 AM IST
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Villagers from several villages rely on boats for commuting.
संवाद न्यूज एजेंसी
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भंडरा। मऊरानीपुर तहसील क्षेत्र के ग्राम बिरगुआं घाट स्थित उर नदी पर पुल नहीं बना है, जिससे आसपास के कई गांवों के लोगों को नदी पार करने के लिए किश्ती का सहारा लेना पड़ता है। यहां तक कि बच्चों को भी स्कूल जाने के लिए जोखिम उठाना पड़ता है। बारिश की वजह से इन दिनों नदी का जलस्तर बढ़ा हुआ है। ऐसे में जोखिम और भी बढ़ गया है।
स्थानीय ग्रामीणों ने बताया कि पूर्व में सिंचाई विभाग ने बिरगुआं घाट पर आवागमन के लिए सरकारी नाव की व्यवस्था की थी। इससे स्कूली बच्चे, किसान, ग्रामीण और राहगीर नदी पार करते थे। लेकिन, कुछ सालों बाद विभाग ने यह व्यवस्था खत्म कर दी। अब ग्रामीण दो निजी किश्तियों के सहारे नदी पार करने को मजबूर हैं।
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जबकि, ग्राम बिरगुआं, कुंअरपुरा, खकौरा, भानपुरा सहित आसपास के अन्य गांव और मध्य प्रदेश के कई गांवों के लोगों का भी इसी घाट से आवागमन होता है। बड़ी संख्या में किसानों की खेती उर नदी के दूसरी ओर है, जिससे लोगों को रोजाना आवागमन करना पड़ता है। बारिश में नदी में उफान आने पर किश्ती डगमगाने लगती है, जिससे हादसे का खतरा बना रहता है।
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स्थानीय चंद्रप्रकाश बादल, सुबोध गुप्ता, बबलू सिंह बुंदेला, राजेंद्र सिंह, धीरेंद्र सिंह तोमर, बृजेंद्र सिंह तोमर, लोकेंद्र सिंह तोमर, शेर सिंह चौहान, उमेश मिश्रा, दिलीप यादव आदि ने नदी पर पुल निर्माण की मांग की है।
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