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शहीद की पत्नी बोली, दहशतगर्द विकास पकड़ा नहीं गया बल्कि खुद किया समर्पण
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सिपाही सुल्तान सिंह की पत्नी उर्मिला। अमर उजाला
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झांसी। कानपुर में पुलिसकर्मियों की हत्या कर भागे कुख्यात विकास दुबे की उज्जैन में गिरफ्तारी की खबर सुन शहीद सुल्तान के परिजन भड़क गए। पत्नी उर्मिला ने सीधे पुलिस पर आरोप लगाते हुए कहा कि वह पकड़ा नहीं गया बल्कि स्वयं उज्जैन पहुंचकर समर्पण किया है।
कानपुर में 2 जुलाई की रात पुलिस टीम पर हुए हमले में भोजला गांव निवासी सिपाही सुल्तान सिंह वर्मा के शहीद होने के बाद से ही पत्नी व परिजनों में गुस्सा है। पत्नी ने कहा कि घटना करने के बाद वह कैसे उज्जैन पहुंच गया। बिना संरक्षण और मदद के वह वहां तक कैसे पहुंचा है। उन्होंने कहा कि पूरे मामले की सीबीआई जांच होना जरूरी है। परिजनों ने गिरफ्तारी पर भी सवाल उठाते हुए इसे सोची समझी रणनीति बताया।
परिजनों ने घटना के बाद से ही दहशतगर्द विकास दुबे के एनकाउंटर की मांग उठाई थी। पिता हरप्रसाद ने कहा कि हम सभी विकास दुबे के एनकाउंटर की उम्मीद लगाए थे, लेकिन उसकी गिरफ्तारी होना हजम नहीं होता। उसने मेरे बेटे की ही नहीं बल्कि आठ बेटों की हत्या की है। ऐेसे हत्यारे की सजा केवल मौत है।
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अस्थि विसर्जित कर लौटे परिजन
दो दिन पहले परिजन शहीद सुल्तान की अस्थियां विसर्जित करने इलाहाबाद गए थे। बुधवार की शाम परिजन घर पहुंचे थे। उन्होंने बताया कि हम सभी को उम्मीद थी कि वहां से लौटकर जरूर उसकी मौत की खबर आएगी, लेकिन गिरफ्तारी की खबर ने सभी को चौंका दिया।
सोशल मीडिया पर भी नजर आई नाराजगी
बृहस्पतिवार को गिरफ्तारी की खबर आते ही सोशल मीडिया पर भी लोगों की नाराजगी नजर आई। लोगों का कहना था कि ऐसे अपराधी का एनकाउंटर होना बहुत जरूरी था। यदि भविष्य में फिर से छूटा तो बड़ा अपराधी बनकर उभरेगा। कुछ लोगाें का कहना था कि मध्य प्रदेश पुलिस को उज्जैन में ही मार गिरा देना था। कोई यूपी पुलिस की नाकामी बता रहा था तो कोई सफेदपोशों का हाथ बताकर बचाने की बात कर रहा था। दिन भर सोशल मीडिया पर तरह-तरह के मेसेज वायरल होते रहे।
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कानपुर में 2 जुलाई की रात पुलिस टीम पर हुए हमले में भोजला गांव निवासी सिपाही सुल्तान सिंह वर्मा के शहीद होने के बाद से ही पत्नी व परिजनों में गुस्सा है। पत्नी ने कहा कि घटना करने के बाद वह कैसे उज्जैन पहुंच गया। बिना संरक्षण और मदद के वह वहां तक कैसे पहुंचा है। उन्होंने कहा कि पूरे मामले की सीबीआई जांच होना जरूरी है। परिजनों ने गिरफ्तारी पर भी सवाल उठाते हुए इसे सोची समझी रणनीति बताया।
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परिजनों ने घटना के बाद से ही दहशतगर्द विकास दुबे के एनकाउंटर की मांग उठाई थी। पिता हरप्रसाद ने कहा कि हम सभी विकास दुबे के एनकाउंटर की उम्मीद लगाए थे, लेकिन उसकी गिरफ्तारी होना हजम नहीं होता। उसने मेरे बेटे की ही नहीं बल्कि आठ बेटों की हत्या की है। ऐेसे हत्यारे की सजा केवल मौत है।
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अस्थि विसर्जित कर लौटे परिजन
दो दिन पहले परिजन शहीद सुल्तान की अस्थियां विसर्जित करने इलाहाबाद गए थे। बुधवार की शाम परिजन घर पहुंचे थे। उन्होंने बताया कि हम सभी को उम्मीद थी कि वहां से लौटकर जरूर उसकी मौत की खबर आएगी, लेकिन गिरफ्तारी की खबर ने सभी को चौंका दिया।
सोशल मीडिया पर भी नजर आई नाराजगी
बृहस्पतिवार को गिरफ्तारी की खबर आते ही सोशल मीडिया पर भी लोगों की नाराजगी नजर आई। लोगों का कहना था कि ऐसे अपराधी का एनकाउंटर होना बहुत जरूरी था। यदि भविष्य में फिर से छूटा तो बड़ा अपराधी बनकर उभरेगा। कुछ लोगाें का कहना था कि मध्य प्रदेश पुलिस को उज्जैन में ही मार गिरा देना था। कोई यूपी पुलिस की नाकामी बता रहा था तो कोई सफेदपोशों का हाथ बताकर बचाने की बात कर रहा था। दिन भर सोशल मीडिया पर तरह-तरह के मेसेज वायरल होते रहे।