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जल संस्थान में हुए घपलेबाजी की जांच करेगी विजिलेंस
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झांसी। जल संस्थान में हुई घपलेबाजी की जांच अब उत्तर प्रदेश सतर्कता अधिष्ठान द्वारा की जाएगी। लगातार मिल रहीं शिकायतों के बाद शासन ने ये फैसला लिया है। हाल ही में ब्लीचिंग पाउडर की खरीद में जल संस्थान में बड़े पैमाने पर हुई गड़बड़ी सामने आई है।
हाल ही में जल संस्थान में ब्लीचिंग पाउडर की खरीद में बड़ा घपला सामने आया है। एक ही दिन में दो ऑर्डर जारी किए गए। पहला ऑर्डर 100 मीट्रिक टन का दिया गया, जबकि दूसरो 350 मीट्रिक टन का। नियमानुसार इसकी डिलीवरी सेंट्रल स्टोर झांसी में होनी थी, लेकिन इसे ललितपुर में उतारा गया। नियमानुसार न तो इसकी वीडियोग्राफी कराई गई और न ही इससे संबंधित ट्रक नंबर, बिल्टी नंबर, टोल टैक्स की रसीद आदि मिल सकी। भुगतान से ठीक पहले इसकी शिकायत हो गई, जिससे मामला खुल गया। इसके अलावा जलापूर्ति के ट्रैक्टरों के चक्कर में गड़बड़ी, भुगतान में मनमानी व अन्य उपकरणों की खरीद की भी आए दिन शिकायतें सामने आती रहती हैं। पिछले दिनों ये शिकायतें नगर निगम के पूर्व उपसभापति राजेश त्रिपाठी और भाजपा नेता चंद्रभान राय ने शासन से भी की थीं।
लगातार मिल रहीं शिकायतों के बाद शासन ने विजिलेंस जांच कराने का फैसला लिया है। सूत्रों के अनुसार विजिलेंस से भ्रष्टाचार से जुड़े तथ्य जुटाने शुरू कर दिए हैं। जांच के दायरे में कई पूर्व और वर्तमान अधिकारी और कर्मचारियों के आने की संभावना है।
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हाल ही में जल संस्थान में ब्लीचिंग पाउडर की खरीद में बड़ा घपला सामने आया है। एक ही दिन में दो ऑर्डर जारी किए गए। पहला ऑर्डर 100 मीट्रिक टन का दिया गया, जबकि दूसरो 350 मीट्रिक टन का। नियमानुसार इसकी डिलीवरी सेंट्रल स्टोर झांसी में होनी थी, लेकिन इसे ललितपुर में उतारा गया। नियमानुसार न तो इसकी वीडियोग्राफी कराई गई और न ही इससे संबंधित ट्रक नंबर, बिल्टी नंबर, टोल टैक्स की रसीद आदि मिल सकी। भुगतान से ठीक पहले इसकी शिकायत हो गई, जिससे मामला खुल गया। इसके अलावा जलापूर्ति के ट्रैक्टरों के चक्कर में गड़बड़ी, भुगतान में मनमानी व अन्य उपकरणों की खरीद की भी आए दिन शिकायतें सामने आती रहती हैं। पिछले दिनों ये शिकायतें नगर निगम के पूर्व उपसभापति राजेश त्रिपाठी और भाजपा नेता चंद्रभान राय ने शासन से भी की थीं।
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लगातार मिल रहीं शिकायतों के बाद शासन ने विजिलेंस जांच कराने का फैसला लिया है। सूत्रों के अनुसार विजिलेंस से भ्रष्टाचार से जुड़े तथ्य जुटाने शुरू कर दिए हैं। जांच के दायरे में कई पूर्व और वर्तमान अधिकारी और कर्मचारियों के आने की संभावना है।
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