{"_id":"627005b01c883712a2655894","slug":"vigilance-investigation-started-against-five-officers-including-former-dm-of-jhansi-jhansi-news-jhs2198732113","type":"story","status":"publish","title_hn":"झांसी के पूर्व डीएम समेत पांच अफसरों के खिलाफ विजिलेंस जांच शुरू","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
झांसी के पूर्व डीएम समेत पांच अफसरों के खिलाफ विजिलेंस जांच शुरू
विज्ञापन
झांसी। झांसी के जिलाधिकारी रहे जगन्नाथ सिंह, चित्रकूट के पूर्व डीएम ओम सिंह देशवाल, चित्रकूट के पूर्व सीडीओ भूपेंद्र त्रिपाठी, तत्कालीन डीडीओ प्रेमचंद्र द्विवेदी समेत पांच अफसरों पर चित्रकूट में तैनाती के दौरान आय से अधिक संपत्ति एकत्रित करने के आरोप में शासन ने विजिलेंस से जांच शुरू कराई है। सरकार की इजाजत मिलने के साथ ही सतर्कता अधिष्ठान ने अपनी जांच शुरू कर दी है।
पूर्व आईएएस अधिकारी जगन्नाथ सिंह झांसी में 9 फरवरी 2003 से 28 जुलाई 2003 तक जिलाधिकारी रहे थे। बाद में शासन ने इनका तबादला झांसी से चित्रकूट जिलाधिकारी के रूप में कर दिया था। यहां तैनाती के दौरान इन पर खूब आरोप लगे। शासन के संज्ञान में आया कि कि चित्रकूट में तैनाती के दौरान तत्कालीन जिलाधिकारी जगन्नाथ सिंह ने अवैध खनन समेत अन्य अनियमितताएं करके आय से अधिक संपत्ति अर्जित की। उनकेअलावा वर्ष 2004 से 2010 के बीच चित्रकूट में ही जिलाधिकारी रहे ओम सिंह देशवाल, तत्कालीन सीडीओ भूपेंद्र त्रिपाठी, डीडीओ प्रेमचंद्र द्विवेदी, डीआरडीए के परियोजना अधिकारी सोमपाल समेत बारह अन्य कर्मचारियों के खिलाफ शिकायत को सही पाते हुए विजिलेंस को जांच करने के निर्देश दिए हैं। गृह विभाग की ओर से पिछले दिनों जांच आरंभ करने के आदेश दे दिए गए। आदेश के बाद झांसी सतर्कता अधिष्ठान ने जांच शुरू कर दी। विजिलेंस टीम ने इनकी संपत्ति के ब्यौरे खंगालने शुरू कर दिए। रजिस्ट्री कार्यालय से इनकी अचल-चल संपंत्ति, इनकम टैक्स से संबंधी सभी डिटेल्स एवं बैंक खातों की सूचना समेत शेयर बाजार में निवेश के ब्यौरे तलब किए गए हैं। विजिलेंस टीम इन अफसरों की बेनामी संपत्ति के ब्यौरे भी खंगाल रही है। एसपी (विजिलेंस) आलोक शर्मा ने जांच शुरू होने की पुष्टि की है। उनका कहना है कि शासन ने कुछ दिनों पहले ही इसकी इजाजत दी है।
विज्ञापन
पूर्व आईएएस अधिकारी जगन्नाथ सिंह झांसी में 9 फरवरी 2003 से 28 जुलाई 2003 तक जिलाधिकारी रहे थे। बाद में शासन ने इनका तबादला झांसी से चित्रकूट जिलाधिकारी के रूप में कर दिया था। यहां तैनाती के दौरान इन पर खूब आरोप लगे। शासन के संज्ञान में आया कि कि चित्रकूट में तैनाती के दौरान तत्कालीन जिलाधिकारी जगन्नाथ सिंह ने अवैध खनन समेत अन्य अनियमितताएं करके आय से अधिक संपत्ति अर्जित की। उनकेअलावा वर्ष 2004 से 2010 के बीच चित्रकूट में ही जिलाधिकारी रहे ओम सिंह देशवाल, तत्कालीन सीडीओ भूपेंद्र त्रिपाठी, डीडीओ प्रेमचंद्र द्विवेदी, डीआरडीए के परियोजना अधिकारी सोमपाल समेत बारह अन्य कर्मचारियों के खिलाफ शिकायत को सही पाते हुए विजिलेंस को जांच करने के निर्देश दिए हैं। गृह विभाग की ओर से पिछले दिनों जांच आरंभ करने के आदेश दे दिए गए। आदेश के बाद झांसी सतर्कता अधिष्ठान ने जांच शुरू कर दी। विजिलेंस टीम ने इनकी संपत्ति के ब्यौरे खंगालने शुरू कर दिए। रजिस्ट्री कार्यालय से इनकी अचल-चल संपंत्ति, इनकम टैक्स से संबंधी सभी डिटेल्स एवं बैंक खातों की सूचना समेत शेयर बाजार में निवेश के ब्यौरे तलब किए गए हैं। विजिलेंस टीम इन अफसरों की बेनामी संपत्ति के ब्यौरे भी खंगाल रही है। एसपी (विजिलेंस) आलोक शर्मा ने जांच शुरू होने की पुष्टि की है। उनका कहना है कि शासन ने कुछ दिनों पहले ही इसकी इजाजत दी है।
विज्ञापन