फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Jhansi News ›   venchuri remove stench frome toilet

ट्रेन के प्रसाधन से बदबू भगाएगा ‘वेंचुरी’

Sun, 15 Sep 2019 02:00 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Sun, 15 Sep 2019 02:00 AM IST
विज्ञापन
venchuri remove stench frome toilet
ट्रेन के प्रसाधन से बदबू भगाएगा ‘वेंचुरी’
विज्ञापन

मुकेश साहू
झांसी। जल्द ही चलती ट्रेन में शौचालय (प्रसाधन) का उपयोग करने पर मुसाफिरों को बदबू का सामना नहीं करना होगा। रेल प्रशासन मंडल से संचालित 25 से अधिक ट्रेनों के शौचालयों में वेंचुरी उपकरण लगाने जा रहा है। वेंचुरी शौचालय में शुद्ध हवा को अंदर लाकर दूसरे रास्ते से बदबू को निकालने का काम करेगा। एक उपकरण को लगाने में तीन हजार रुपये का खर्च होगा। शुरूआत में 1044 कोचों में यह व्यवस्था की जा रही है। इसके लिए टेंडर प्रक्रिया अंतिम चरण में चल रही है।
रेल मंडल से संचालित 25 से अधिक ट्रेनों में 508 कोच लगे हैं। इन सभी कोचों में बायो टॉयलेट की सुविधा प्रदान की कर दी गई है। इसके लिए उक्त कोचों में 1950 बायो टैंक लगाए गए हैं। साथ ही प्रशासन कोच और उनके शौचालय को और बेहतर बनाने में लगा है। इसी पहल के तहत अब कोच के शौचालय में वेंचुरी उपकरण लगने जा रहे हैं। जिस दिशा में ट्रेन चलती है उस दिशा से यह उपकरण शुद्ध हवा को लेकर शौचालय के अंदर लाता है और दूसरे सिरे से दुर्गंध बाहर चली जाती है। इससे शौचालय में बदबू नहीं रहती है। साथ ही सभी शौचालय के दरवाजे के नीचे रोशनदान भी बनाए जाएंगे। इस संबंध में जनसंपर्क अधिकारी ने बताया कि मंडल से संचालित ट्रेनों के शौचालयों में वेंचुरी उपकरण लगाने के लिए टेंडर डल गए हैं। जल्द ही इनको लगाने काम शुरू हो जाएगा।
विज्ञापन

बुंदेलखंड एक्सप्रेस में है यह सुविधा
ग्वालियर से वाराणसी के बीच चलने वाली बुंदेलखंड एक्सप्रेस में रेलवे की उत्कृष्ट योजना के तहत बदलाव किया गया है। इस ट्रेन में उत्कृष्ट प्रणाली का एक रैक चलने लगा है। इस रैक का आधुनिक तरीके से कायाकल्प किया गया है। कोच के अंदर व बाहर नए रंगों में पेंटिंग की गई है, जिससे माहौल रंगबिरंगा दिखाई देता है। शौचालय, वॉश बेसन व दरवाजे के आसपास की दीवारों को भी रंगा गया है। आरामदायक शौचालय बनाए गए हैं। शौचालय के बाहर प्लास्टिक के मैट बिछाए गए हैं। साथ ही शौचालय में वेंचुरी उपकरण भी लगाए गए हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

यह ट्रेनें होती हैं संचालित
मंडल से झांसी-बांद्रा एक्सप्रेस, झांसी - लखनऊ इंटरसिटी, प्रथम स्वतंत्रता संग्राम एक्सप्रेस, झांसी-इटावा एक्सप्रेस, झांसी-इंदौर एक्सप्रेस, उत्तर प्रदेश संपर्क क्रांति, बुंदेलखंड एक्सप्रेस, चंबल एक्सप्रेस, झांसी - कानपुर पैसेंजर, झांसी - लखनऊ पैसेंजर, झांसी- खजुराहो पैसेंजर, झांसी- बीना पैसेंजर, झांसी- आगरा पैसेंजर, झांसी- बांदा पैसेंजर, ग्वालियर - आगरा पैसेंजर, झांसी- इटारसी पैसेंजर आदि ट्रेनों का संचालन होता है।

यह होता है वेंचुरी
किसी पाइप में द्रव का प्रवाह होने पर जहां पाइप पतला होता है (अर्थात जहां द्रव का वेग अधिक होता है) वहां द्रव का दाब कम हो जाता है, इसे ही वेंचुरी प्रभाव कहते हैं। इस प्रभाव का नामकरण इटली के भौतिक विज्ञानी गिओवानी बतिस्ता वेंचुरी के नाम पर किया गया है। यह बरनोली के सिद्धांत पर कार्य करता है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed