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महंगाई रुलाए, बजट बिगड़ा जाए, माननीयों के माथे पर तो जरा सा बल भी न आए

Tue, 27 Oct 2020 01:57 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Tue, 27 Oct 2020 01:57 AM IST
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Vegetable rate increase
झांसी। प्याज, आलू और टमाटर के दाम रुला रहे हैं। त्योहारी सीजन में दाल पर भी महंगाई का रंग चढ़ा है। यूं कहिए कि लोगों की रसोई का बजट बुरी तरह से बिगड़ गया। सब्जियों का आलम तो यह है कि मंडी से बाहर निकलते ही रेट में भारी अंतर देखने को मिलता है। मंडी में प्याज 22 से 35 है तो बाहर 60। मंडी में पुराना आलू 30 से 35 तक है तो बाहर 40 से 45। नया आलू मंडी में 38 से 40 है जो बाहर 60 रुपये किलो तक। वहीं, टमाटर मंडी में 25 रुपये किलो तक बिक रहा है तो बाहर 50 से 60 तक रुपये किलो में। कुल मिलाकर सब्जियों पर इस तरह की महंगाई अफसरों की अनदेखी की वजह से है। किसी सांसद और विधायक ने भी इस तरफ कोई ध्यान नहीं दिया है। यह तो ऐसी महंगाई है जिसे स्थानीय स्तर पर जरा सी प्लानिंग के साथ रोका जा सकता है। अफसरों के साथ मीटिंग करके कीमतें कंट्रोल करने को योजना बनाई जा सकती है। लेकिन शायद हमारे माननीय को इस महंगाई से कोई फर्क पड़ नहीं रहा। पब्लिक की पीड़ा वह समझ नहीं पा रहे हैं। तभी तो वह इस तरफ से खामोशी अख्तियार किए हुए हैं।
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इतना तो कर ही सकते हैं सांसद और विधायक
झांसी। मंडी समिति और बाहर सब्जियों में भारी अंतर है। चलिए मान लेते हैं तो मंडी समिति से सब्जी लाने वाले 10 से 5 रुपये का मुनाफा कमाते हैं लेकिन यहां तो डबल रेट पर सब्जियां बेची जा रही हैं। मंडी में टमाटर 25 रुपये तक है लेकिन बाहर 60 रुपये किलो तक बिक रहा है। इसके लिए जनप्रतिनिधियों को चाहिए कि वह कीमतों को कंट्रोल करने के लिए अफसरों के साथ मीटिंग करें। महंगाई कम करने को प्लान बनाया जाए। चेकिंग की व्यवस्था की जाए। मंडी प्रशासन, आपूर्ति विभाग के साथ दूसरे विभागों को लगाकर पड़ताल कराई जाए। ऐसा करने से रेट काफी कम हो सकते हैं। प्रशासन से कहा जाए कि भंडारण करने वालों पर कार्रवाई की जाए। अफसर देखें कि कहीं प्याज और आलू का भंडारण तो नहीं हो रहा है। व्यापारियों के साथ भी मीटिंग की जाए।
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बबीना विधायक राजीव सिंह पारीछा का कहना है कि मुनाफाखोरी रोकने के लिए जिला प्रशासन को पत्र लिखा है। सोमवार को ही हमने इस संबंध में पत्र भेजा है। ताकि मनमानी कीमतों पर काबू पाया जा सके। प्रशासन से कहा गया है कि तत्काल कीमतों पर नियंत्रण लाया जाए।
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सदर विधायक रवि शर्मा का कहना है कि कहीं भी किसी खाद्य पदार्थ की कोई कमी नहीं है। कुछ लोग मुनाफाखोरी के चलते दाम बढ़ाए हैं लेकिन जल्द ही इस पर काबू पा लिया जाएगा। प्रशासनिक टीमें इस पर काम करेंगी। इस संबंध में अफसरों से बात की जा रही है।

गरौठा विधायक जवाहर लाल राजपूत का कहना है कि प्रति किलो पर 10 से 5 रुपये का मुनाफा चल जाता है लेकिन दोगुने दाम तो मुनाफाखोरी के दायरे में आते हैं। प्रशासन से कहा गया है कि तत्काल निगरानी कमेटियां बनाईं जाएं। जब किसानों की सब्जियां सस्ती मिल रही हैं तो उन्हें महंगा क्यों बेचा जा रहा है।
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