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दुर्ग उधमपुर एक्सप्रेस के जले कोचों में आग लगने के कारण तलाशते रहे मुख्य संरक्षा आयुक्त
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- फोटो : train accident.jpg
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झांसी। शनिवार को झांसी रेल मंडल के हेतमपुर स्टेशन की साइडिंग में खड़े किए गए उधमपुर दुर्ग एक्सप्रेस के जले कोचों की मुख्य संरक्षा आयुक्त लतीफ खान, रेलवे बोर्ड के प्रिंसिपल एक्जीक्यूटिव केपी यादव समेत 30 से अधिक अफसरों ने हालत देखी। अफसर साढ़े तीन घंटे तक आग लगने के कारणों को तलाशते रहे। आखिर तक वह किसी ठोस नतीजे तक नहीं पहुंच सके। हालांकि, सुपरवाइजरों की प्रारंभिक जांच की ज्वाइंट रिपोर्ट में प्रथम दृष्टया आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट बताया गया है।
शुक्रवार की दोपहर तीन बजे आगरा से ग्वालियर की ओर आ रही ट्रेन नंबर 20848 उधमपुर दुर्ग सुपरफास्ट एक्सप्रेस के दो वातानुकूलित कोचों में धौलपुर और मुरैना के बीच हेतमपुर स्टेशन पर आग लग गई थी। कोचों में फैले जहरीले धुएं के कारण यात्रियों का दम घुट रहा था। यात्रियों ने ट्रेन से कूदकर व दूसरे कोचों में पहुंचकर जान बचाई। इस घटना में ए वन व ए टू दो कोच जलकर बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए। जबकि एच ए वन कोच के नजदीक भी आग पहुंच गई थी। उक्त कोचों में सवार 50 से अधिक यात्रियों का 20 लाख रुपये से अधिक का सामान, नकदी, जेवरात जल गए थे। सूचना पर पहुंचीं मुरैना व धौलपुर की दमकल गाड़ियों ने आग पर काबू पाया। बाद में उक्त क्षतिग्रस्त समेत पीछे के चार कोचों को ट्रेन से अलग कर स्टेशन साइडिंग पर खड़ा कर दिया गया। जबकि बाकी ट्रेन को ढाई घंटे बाद घटनास्थल से रवाना कर दिया गया।
रेल मंत्रालय के आदेश पर शनिवार सुबह 8.30 बजे मुख्य संरक्षा आयुक्त लतीफ खान, रेलवे बोर्ड के प्रिंसिपल एक्जीक्यूटिव केपी यादव, आरपीएफ के डीआईजी आरएसपी सिंह, डीआरएम आशुतोष समेत प्रयागराज, आगरा व झांसी मंडल के 20 से अधिक अफसर स्पेशल ट्रेन से घटनास्थल पर पहुंच गए। अफसरों ने क्षतिग्रस्त कोचों का बारीकी से अवलोकन किया। साथ ही घटना के वक्त हेतमपुर स्टेशन पर तैनात स्टेशन प्रबंधक, प्वाइंट्समैन, सीएंडडब्लू स्टाफ के बयान दर्ज किए। वहीं, ग्वालियर से पहुंची फोरेंसिक टीम ने क्षतिग्रस्त कोचों से जांच के लिए नमूने लिए। दोपहर 12 बजे तक मौके पर रुकने के बाद अफसर झांसी लौट आए। मुख्य संरक्षा आयुक्त ग्वालियर बरौनी मेल से लखनऊ के लिए रवाना हो गए।
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दो करोड़ से अधिक के नुकसान का आकलन
उधमपुर दुर्ग एक्सप्रेस में नए प्रकार के एलएचबी कोच लगे थे। एक एलएचबी कोच की कीमत डेढ़ से दो करोड़ के बीच होती है। इस घटना में दो वातानुकूलित कोच जलकर बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए। इस हिसाब से हादसे मेें दो करोड़ से अधिक के नुकसान का अनुमान लगाया जा रहा है। हालांकि, सुपरवाइजरों की प्रारंभिक ज्वाइंट रिपोर्ट में सीएंडडब्लू विभाग ने खुद से संबंधित दस लाख रुपये का नुकसान बताया है।
चार सदस्यीय उच्च समिति करेगी घटना की जांच
रेलवे बोर्ड के आदेश पर उधमपुर दुर्ग एक्सप्रेस अग्निकांड की जांच के लिए मुख्यालय स्तर पर चार सदस्यीय उच्च स्तरीय समिति का गठन किया गया है। समिति में उत्तर मध्य रेलवे के प्रिंसिपल चीफ सिक्योरिटी ऑफिसर मनीष गुप्ता को अध्यक्ष बनाया गया है। इसके अलावा विद्युत, आरपीएफ व यांत्रिक विभाग के अफसर शामिल किए गए हैं। समिति को जल्द से जल्द रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए हैं।
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शुक्रवार की दोपहर तीन बजे आगरा से ग्वालियर की ओर आ रही ट्रेन नंबर 20848 उधमपुर दुर्ग सुपरफास्ट एक्सप्रेस के दो वातानुकूलित कोचों में धौलपुर और मुरैना के बीच हेतमपुर स्टेशन पर आग लग गई थी। कोचों में फैले जहरीले धुएं के कारण यात्रियों का दम घुट रहा था। यात्रियों ने ट्रेन से कूदकर व दूसरे कोचों में पहुंचकर जान बचाई। इस घटना में ए वन व ए टू दो कोच जलकर बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए। जबकि एच ए वन कोच के नजदीक भी आग पहुंच गई थी। उक्त कोचों में सवार 50 से अधिक यात्रियों का 20 लाख रुपये से अधिक का सामान, नकदी, जेवरात जल गए थे। सूचना पर पहुंचीं मुरैना व धौलपुर की दमकल गाड़ियों ने आग पर काबू पाया। बाद में उक्त क्षतिग्रस्त समेत पीछे के चार कोचों को ट्रेन से अलग कर स्टेशन साइडिंग पर खड़ा कर दिया गया। जबकि बाकी ट्रेन को ढाई घंटे बाद घटनास्थल से रवाना कर दिया गया।
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रेल मंत्रालय के आदेश पर शनिवार सुबह 8.30 बजे मुख्य संरक्षा आयुक्त लतीफ खान, रेलवे बोर्ड के प्रिंसिपल एक्जीक्यूटिव केपी यादव, आरपीएफ के डीआईजी आरएसपी सिंह, डीआरएम आशुतोष समेत प्रयागराज, आगरा व झांसी मंडल के 20 से अधिक अफसर स्पेशल ट्रेन से घटनास्थल पर पहुंच गए। अफसरों ने क्षतिग्रस्त कोचों का बारीकी से अवलोकन किया। साथ ही घटना के वक्त हेतमपुर स्टेशन पर तैनात स्टेशन प्रबंधक, प्वाइंट्समैन, सीएंडडब्लू स्टाफ के बयान दर्ज किए। वहीं, ग्वालियर से पहुंची फोरेंसिक टीम ने क्षतिग्रस्त कोचों से जांच के लिए नमूने लिए। दोपहर 12 बजे तक मौके पर रुकने के बाद अफसर झांसी लौट आए। मुख्य संरक्षा आयुक्त ग्वालियर बरौनी मेल से लखनऊ के लिए रवाना हो गए।
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दो करोड़ से अधिक के नुकसान का आकलन
उधमपुर दुर्ग एक्सप्रेस में नए प्रकार के एलएचबी कोच लगे थे। एक एलएचबी कोच की कीमत डेढ़ से दो करोड़ के बीच होती है। इस घटना में दो वातानुकूलित कोच जलकर बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए। इस हिसाब से हादसे मेें दो करोड़ से अधिक के नुकसान का अनुमान लगाया जा रहा है। हालांकि, सुपरवाइजरों की प्रारंभिक ज्वाइंट रिपोर्ट में सीएंडडब्लू विभाग ने खुद से संबंधित दस लाख रुपये का नुकसान बताया है।
चार सदस्यीय उच्च समिति करेगी घटना की जांच
रेलवे बोर्ड के आदेश पर उधमपुर दुर्ग एक्सप्रेस अग्निकांड की जांच के लिए मुख्यालय स्तर पर चार सदस्यीय उच्च स्तरीय समिति का गठन किया गया है। समिति में उत्तर मध्य रेलवे के प्रिंसिपल चीफ सिक्योरिटी ऑफिसर मनीष गुप्ता को अध्यक्ष बनाया गया है। इसके अलावा विद्युत, आरपीएफ व यांत्रिक विभाग के अफसर शामिल किए गए हैं। समिति को जल्द से जल्द रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए हैं।