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गुरु जी नदारद न हों, सुनिश्चित करेगा ‘कंट्रोल रूम’
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गुरु जी नदारद न हों, सुनिश्चित करेगा ‘कंट्रोल रूम’
झांसी। सरकारी प्राइमरी और जूनियर हाईस्कूलों से अध्यापकों के गायब रहने पर अंकुश लगाने के लिए बेसिक शिक्षा विभाग ने कवायद शुरू कर दी है। बीएसए दफ्तर में एक कंट्रोल रूम बना दिया गया है। अध्यापकों को आकस्मिक अवकाश (सीएल) लेने से पहले कंट्रोल रूम पर व्हाट्सएप या डायल कर 14 अंकों का कोड लेना होगा। छुट्टी के लिए उस कोड को डालना होगा। इस पर ही उनकी छुट्टी मानी जाएगी। इसके अलावा रोज 20-20 स्कूलों का निरीक्षण बीएसए और ब्लॉक शिक्षा अधिकारी करेंगे। इसके बाद भी अगर शिक्षकों की स्कूलों से अनुपस्थिति पर अंकुश न लगा तो रोज सुबह आठ बजे से पहले उनको स्कूलों में जाकर बच्चों के साथ सेल्फी लेकर भेजने की व्यवस्था की जाएगी।
प्राइमरी और जूनियर हाईस्कूलों में शिक्षा का स्तर बढ़ नहीं रहा है। इसका मुख्य कारण स्कूलों से शिक्षकों का गायब रहना बताया जा रहा है। इसके अलावा ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षक अपने स्थान पर किसी दूसरे से रखकर पढ़ाई करवाते हैं। इसकी शिकायत मिलने पर बाराबंकी के बीएसए ने शिक्षकों को सुबह आठ बजे से पहले बच्चों के साथ सेल्फी भेजने की व्यवस्था की है। इसकी वजह से वहां पर काफी सुधार आया है। एक महीने में ही सात सौ शिक्षकों का एक दिन का वेतन भी कटा है। इसी तरह की व्यवस्था यहां पर भी लागू करने की कवायद चल रही है। अभी बीएसए विभाग में एक कंट्रोल रूम बना दिया गया है। यह सोमवार से कार्य करने लगेगा। इसके लिए दो फोन नंबर 0510-2471581 व 2471582 आवंटित किए गए हैं। किसी भी शिक्षक को छुट्टी जाना है तो उसे इस नंबर पर व्हाट्सएप या फिर डायल कर 14 अंकों का कोड लेना होगा। छुट्टी के लिए आवेदन करने पर इस कोड को डालना होगा। इसके बाद ही उनको छुट्टी दी जाएगी। बीएसए या फिर बीईओ के निरीक्षण के दौरान कोई शिक्षक नदारद मिलता है तो उसे अनुपस्थित ही माना जाएगा। इस नंबर पर शिकायत और सुझाव भी दिए जा सकते हैं। एक महीने में इसके नतीजे देखे जाएंगे। अगर इसमें सुधार कम दिखा तो सेल्फी लेकर व्हाट्सएप से भेजने की व्यवस्था अनिवार्य रूप से लागू की जाएगी।
शिक्षा का स्तर हर हाल में सुधारा जाएगा। इसके लिए सख्त कदम भी उठाए जा रहे हैं। अब स्कूलों के रजिस्टर में छुट्टी के प्रार्थनापत्र को रखने से काम नहीं चलेगा। इसके लिए व्यवस्था में बदलाव कर दिया गया है। रोज स्कूलों का भी निरीक्षण किया जाएगा। उस दौरान शिक्षकों और बच्चों से भी जानकारी ली जाएगी। मिड-डे मील की भी गुणवत्ता के बारे में जानकारी बच्चों से ली जाएगी। हर हालत में शिक्षकों की स्कूलों में उपस्थिति को अनिवार्य किया जाएगा। स्कूल न आने वाले शिक्षकों पर सख्त कार्रवाई होगी। अगर इससे स्थिति में सुधार नहीं हुआ तो बहुत जल्द यहां भी बाराबंकी की तरह मोबाइल से स्कूल में पहुंचकर सेल्फी लेकर भेजने की व्यवस्था की जाएगी।
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हरिवंश कुमार, बीएसए, झांसी
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झांसी। सरकारी प्राइमरी और जूनियर हाईस्कूलों से अध्यापकों के गायब रहने पर अंकुश लगाने के लिए बेसिक शिक्षा विभाग ने कवायद शुरू कर दी है। बीएसए दफ्तर में एक कंट्रोल रूम बना दिया गया है। अध्यापकों को आकस्मिक अवकाश (सीएल) लेने से पहले कंट्रोल रूम पर व्हाट्सएप या डायल कर 14 अंकों का कोड लेना होगा। छुट्टी के लिए उस कोड को डालना होगा। इस पर ही उनकी छुट्टी मानी जाएगी। इसके अलावा रोज 20-20 स्कूलों का निरीक्षण बीएसए और ब्लॉक शिक्षा अधिकारी करेंगे। इसके बाद भी अगर शिक्षकों की स्कूलों से अनुपस्थिति पर अंकुश न लगा तो रोज सुबह आठ बजे से पहले उनको स्कूलों में जाकर बच्चों के साथ सेल्फी लेकर भेजने की व्यवस्था की जाएगी।
प्राइमरी और जूनियर हाईस्कूलों में शिक्षा का स्तर बढ़ नहीं रहा है। इसका मुख्य कारण स्कूलों से शिक्षकों का गायब रहना बताया जा रहा है। इसके अलावा ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षक अपने स्थान पर किसी दूसरे से रखकर पढ़ाई करवाते हैं। इसकी शिकायत मिलने पर बाराबंकी के बीएसए ने शिक्षकों को सुबह आठ बजे से पहले बच्चों के साथ सेल्फी भेजने की व्यवस्था की है। इसकी वजह से वहां पर काफी सुधार आया है। एक महीने में ही सात सौ शिक्षकों का एक दिन का वेतन भी कटा है। इसी तरह की व्यवस्था यहां पर भी लागू करने की कवायद चल रही है। अभी बीएसए विभाग में एक कंट्रोल रूम बना दिया गया है। यह सोमवार से कार्य करने लगेगा। इसके लिए दो फोन नंबर 0510-2471581 व 2471582 आवंटित किए गए हैं। किसी भी शिक्षक को छुट्टी जाना है तो उसे इस नंबर पर व्हाट्सएप या फिर डायल कर 14 अंकों का कोड लेना होगा। छुट्टी के लिए आवेदन करने पर इस कोड को डालना होगा। इसके बाद ही उनको छुट्टी दी जाएगी। बीएसए या फिर बीईओ के निरीक्षण के दौरान कोई शिक्षक नदारद मिलता है तो उसे अनुपस्थित ही माना जाएगा। इस नंबर पर शिकायत और सुझाव भी दिए जा सकते हैं। एक महीने में इसके नतीजे देखे जाएंगे। अगर इसमें सुधार कम दिखा तो सेल्फी लेकर व्हाट्सएप से भेजने की व्यवस्था अनिवार्य रूप से लागू की जाएगी।
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शिक्षा का स्तर हर हाल में सुधारा जाएगा। इसके लिए सख्त कदम भी उठाए जा रहे हैं। अब स्कूलों के रजिस्टर में छुट्टी के प्रार्थनापत्र को रखने से काम नहीं चलेगा। इसके लिए व्यवस्था में बदलाव कर दिया गया है। रोज स्कूलों का भी निरीक्षण किया जाएगा। उस दौरान शिक्षकों और बच्चों से भी जानकारी ली जाएगी। मिड-डे मील की भी गुणवत्ता के बारे में जानकारी बच्चों से ली जाएगी। हर हालत में शिक्षकों की स्कूलों में उपस्थिति को अनिवार्य किया जाएगा। स्कूल न आने वाले शिक्षकों पर सख्त कार्रवाई होगी। अगर इससे स्थिति में सुधार नहीं हुआ तो बहुत जल्द यहां भी बाराबंकी की तरह मोबाइल से स्कूल में पहुंचकर सेल्फी लेकर भेजने की व्यवस्था की जाएगी।
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हरिवंश कुमार, बीएसए, झांसी