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डिफेंस कॉरिडोर के लिए तीन हजार एकड़ जमीन और ली जाएगी
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डिफेंस कॉरिडोर के लिए तीन हजार एकड़ जमीन और ली जाएगी
सब हेड... दो कंपनियों से करार होने के बाद शासन की ओर से मिले दायरा बढ़ाने के संकेत
- जल्द तीसरे चरण का शुरू होगा काम
अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। डिफेंस कॉरिडोर के लिए जमीन लेने का काम दो चरणों में लगभग पूरा कर लिया गया है। लेकिन, अब जल्द ही इसका तीसरा चरण भी शुरू होने जा रहा है। लखनऊ में आयोजित डिफेंस एक्सपो में दो कंपनियों द्वारा यहां उद्योग लगाने के लिए एमओयू साइन करने के बाद अब तक ली गई जमीन कम नजर आने लगी है, जिससे अब जल्द ही तीसरा चरण शुरू कर आसपास की लगभग तीन हजार एकड़ जमीन और ली जाएगी।
डिफेंस कॉरिडोर कानपुर, आगरा, अलीगढ़, चित्रकूट, लखनऊ व झांसी में बनाया जा रहा है। ये 5071.19 हेक्टेअर जमीन पर विकसित किया जाना है। इसमें सबसे ज्यादा 3,025 हेक्टेअर जमीन झांसी जनपद की है। उत्तर प्रदेश विकास प्राधिकरण (यूपीडा) द्वारा दो चरणों में 95 फीसदी जमीन की खरीद की जा चुकी है। बाकी की कार्रवाई भी तेजी से जारी है। लेकिन, अब तक ली गई जमीन अपर्याप्त हो रही है। क्योंकि, लखनऊ में हुए डिफेंस एक्सेपो में दो एमओयू साइन हुए हैं। टाइटन एविएशन एंड एयरोस्पेस इंडिया लिमिटेड यहां 6,000 एकड़ में अपनी यूनिट स्थापित करने जा रही है। जबकि, 100 एकड़ जमीन पर स्टंप्स श्यूले एंड सोंप्पा लिमिटेड अपनी इकाई स्थापित करेगी। आने वाले दिनों में और भी कंपनियों के करार होने की संभावना है। इसे ध्यान में रखते हुए अब जमीन क्रय करने के लिए तीसरा चरण शुरू किया जा रहा है, जिसमें तीन हजार एकड़ जमीन और ली जाएगी। ये जमीन पहले से ली गई जमीन के इर्दगिर्द ली जाएगी।
डिफेंस कॉरिडोर के लिए अब तक ली गई जमीन के इर्दगिर्द और जमीन की पर्याप्त उपलब्धता है। मांग के अनुसार जमीन क्रय कर ली जाएगी।
- शिवसहाय अवस्थी, जिलाधिकारी
इन गांवों में ली गई जमीन
झांसी। डिफेंस कॉरिडोर के लिए गरौठा तहसील के ग्राम एरच, गेंदाकबूला, कठर्री, झबरा, नैकेरा व लभेरा में जमीन ली गई है। ग्रामीणों को सर्किल रेट से चार गुना अधिक कीमत दी गई है। एरच में 40 लाख रुपये प्रति हेक्टेअर की दर से जमीन ली गई है। जबकि, अन्य सभी स्थानों पर 30.80 लाख रुपये प्रति हेक्टेअर का भुगतान किया गया है।
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सब हेड... दो कंपनियों से करार होने के बाद शासन की ओर से मिले दायरा बढ़ाने के संकेत
- जल्द तीसरे चरण का शुरू होगा काम
अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। डिफेंस कॉरिडोर के लिए जमीन लेने का काम दो चरणों में लगभग पूरा कर लिया गया है। लेकिन, अब जल्द ही इसका तीसरा चरण भी शुरू होने जा रहा है। लखनऊ में आयोजित डिफेंस एक्सपो में दो कंपनियों द्वारा यहां उद्योग लगाने के लिए एमओयू साइन करने के बाद अब तक ली गई जमीन कम नजर आने लगी है, जिससे अब जल्द ही तीसरा चरण शुरू कर आसपास की लगभग तीन हजार एकड़ जमीन और ली जाएगी।
डिफेंस कॉरिडोर कानपुर, आगरा, अलीगढ़, चित्रकूट, लखनऊ व झांसी में बनाया जा रहा है। ये 5071.19 हेक्टेअर जमीन पर विकसित किया जाना है। इसमें सबसे ज्यादा 3,025 हेक्टेअर जमीन झांसी जनपद की है। उत्तर प्रदेश विकास प्राधिकरण (यूपीडा) द्वारा दो चरणों में 95 फीसदी जमीन की खरीद की जा चुकी है। बाकी की कार्रवाई भी तेजी से जारी है। लेकिन, अब तक ली गई जमीन अपर्याप्त हो रही है। क्योंकि, लखनऊ में हुए डिफेंस एक्सेपो में दो एमओयू साइन हुए हैं। टाइटन एविएशन एंड एयरोस्पेस इंडिया लिमिटेड यहां 6,000 एकड़ में अपनी यूनिट स्थापित करने जा रही है। जबकि, 100 एकड़ जमीन पर स्टंप्स श्यूले एंड सोंप्पा लिमिटेड अपनी इकाई स्थापित करेगी। आने वाले दिनों में और भी कंपनियों के करार होने की संभावना है। इसे ध्यान में रखते हुए अब जमीन क्रय करने के लिए तीसरा चरण शुरू किया जा रहा है, जिसमें तीन हजार एकड़ जमीन और ली जाएगी। ये जमीन पहले से ली गई जमीन के इर्दगिर्द ली जाएगी।
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डिफेंस कॉरिडोर के लिए अब तक ली गई जमीन के इर्दगिर्द और जमीन की पर्याप्त उपलब्धता है। मांग के अनुसार जमीन क्रय कर ली जाएगी।
- शिवसहाय अवस्थी, जिलाधिकारी
इन गांवों में ली गई जमीन
झांसी। डिफेंस कॉरिडोर के लिए गरौठा तहसील के ग्राम एरच, गेंदाकबूला, कठर्री, झबरा, नैकेरा व लभेरा में जमीन ली गई है। ग्रामीणों को सर्किल रेट से चार गुना अधिक कीमत दी गई है। एरच में 40 लाख रुपये प्रति हेक्टेअर की दर से जमीन ली गई है। जबकि, अन्य सभी स्थानों पर 30.80 लाख रुपये प्रति हेक्टेअर का भुगतान किया गया है।
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