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Jhansi News: तीस साल बाद युवती को मृत अवस्था में मिली मां
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अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। कोतवाली के पंचकुइयां इलाके में एक दिल झकझोर देने वाला मामला सामने आया। बेटी जिस मां को बचपन से ही मरा समझ रही थी, उसके बारे में तीस साल बाद मालूम चला कि वह अब तक जिंदा थी। हालांकि, बेटी को जब सच्चाई का पता चला, तब वास्तव में उसकी मां की मौत हो चुकी थी। बेटी को मां का सिर्फ मृत चेहरा ही देखने को मिला। बेटी ने परिजनों की मदद से अपनी मां का अंतिम संस्कार कर दिया।
पंचकुइयां निवासी रामाबाई (79) पंचकुइयां मंदिर में ही फूलमाला बेचने का काम करती थी। पुजारी ने बताया कि सोमवार शाम अचानक से रामाबाई की हालत बिगड़ गई। उन लोगों ने एंबुलेंस की मदद से रामाबाई को अस्पताल पहुंचाया। यहां उनकी मौत हो गई। पुजारी के मुताबिक, रामाबाई हमेशा अकेले ही रहती थीं। उन्होंने एक बार बताया था कि वह मध्य प्रदेश के करेरा थाने के मोती गांव की रहने वाली हैं। पारिवारिक विवाद के बाद उनको ननद एवं पति ने अपमानित करके घर से निकाल दिया था। उनकी दोनों बेटियों को भी अपने पास रख लिया। तब से महिला यहीं मंदिर में रहकर जीविकोपार्जन करती थी। रामाबाई की मौत के बाद पुजारी ने उसके बताए पते पर तलाश किया। रामाबाई की बेटी मीरा के बारे में पता चला। पुजारी हरिशंकर ने जब मीरा को उसकी मां के बारे में बताया, तब उसे यकीन नहीं हुआ। पुजारी के जोर देने पर मीरा मंगलवार सुबह झांसी मेडिकल कॉलेज पहुंची। पुलिस ने उसे शव दिखाया।
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परिवार के लोगों से पूछने पर उन लोगों ने भी मीरा को उसकी मां के बारे में जानकारी दी। मीरा का कहना था कि उसे बचपन में ही बताया गया था कि उसकी मां मर चुकी है। आज उसे अपनी मां के बारे में मालूम चला लेकिन, जब वह पहुंची तब सिर्फ मां का मृत शरीर ही उसे देखने को मिला। कोतवाल राजेश पाल का कहना है कि रामाबाई के शव का पोस्टमार्टम कराया गया। बीमारी से मौत हुई। मंदिर के लोगों ने ही उनकी बेटी का पता लगाया। शव परिजनों को दे दिया गया।
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