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हर तरफ मची थी चीखपुकार, मदद के लिए पुकार रहीं थीं महिलाएं

Sat, 16 Oct 2021 12:39 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Sat, 16 Oct 2021 12:39 AM IST
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There was screaming everywhere, women were calling for help
झांसी। चीख पुकार, रोने और बचाओ बचाओ की आवाज। जिंदगी को बचाने के लिए जद्दोजहद करते लोग। चिरगांव के पास खंदक में ट्रॉली पलटने के बाद ऐसा ही नजारा था। हर किसी को आंखों के सामने मौत नजर आ रही थी। कुछ ऐसे थे, जो खुद को बचा न सके। मगर कुछ मौत से जंग लड़ रहे थे। कुछ देर पहले तक जिन लबों पर भजन और जयकारे थे, हादसे के बाद चीखें गूंज रही थीं। खुद को और अपनों को बचाने के लिए काफी देर तक मदद की पुकार लगाई। लेकिन इस सड़क पर लोगों की आवाजाही कम रहती है जिससे समय से मदद मिल नहीं पाई।
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चिरगांव के पास हुए हादसे ने ट्रॉली में बैठे लोगों को संभलने तक का मौका नहीं दिया। अचानक से लगे झटके के बाद एक पल में ट्रॉली खंदक में पलट गई। इस दौरान कुछ लोग ट्राली के नीचे दबकर पानी में डूब गए। जबकि कुछ ट्रॉली के बाहर पानी में गिरे। चारों ओर रोने-चिल्लाने और मदद के लिए पुकारतीं आवाजें गूंजने लगीं। खंदक में भरे पानी में इतना कीचड़ था कि पैर फंसने से लोग खुद निकल तक न सके। काफी देर बाद सड़क से गुजर रहे लोग पहुंचे और लोगों को निकाला।
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आंखों के आगे छा गया था अंधेरा
झांसी। हादसे में घायल अर्चना ने हादसे की पूरी कहानी बयां की। देवरी खुर्द गांव की अर्चना ने बताया कि मुन्नीदेवी उनकी बहन लगती थीं। मन्नत पूरी होने पर जवारों को विसर्जित करने के लिए जाना था। एक सप्ताह पहले मुन्नीदेवी ने फोन कर उनको विसर्जन में आने के लिए कहा था। बृहस्पतिवार रात को वे गांव पंडोखर पहुंचीं थीं। रातभर भजन होते रहे। सुबह सब ट्रैक्टर में सवार होकर निकले। उन्होंने बताया कि वे ट्रैक्टर में ही बैठी हुई थीं। अचानक ही ट्रैक्टर एक झटके से मुड़ा और ट्राली खंदक में जा गिरी। गिरते ही आंखों के आगे अंधेरा छा गया। चारों ओर चीखपुकार मचने लगी। काफी देर तक पानी से निकलने की कोशिश की, लेकिन कोई नहीं आया। करीब आधे घंटे बाद लोग पहुंचे तो उन्होंने खींच-खींचकर सबको बाहर निकाला। जो ट्रॉली के नीचे दब गए, उनको बाद में क्रेन बुलाकर निकाला गया।
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बेटी को सीने से लगाए बैठी थी पूजा
अर्चना ने बताया कि ट्रैक्टर में उत्सव का माहौल था। हादसे में मृतक पूजा अपनी डेढ़ साल की बेटी कृषा को सीने से लगाए बैठकर साथ में भजन गा रही थी। रास्ते में खेलते-खेलते वह सो गई थी। अचानक ट्रॉली गिरी तो पूजा ने बेटी को बचाने की कोशिश में कसकर चिपका लिया। लेकिन पानी में डूबने से दोनों की मौत हो गई।

काफी देर तक आवाज लगाते रहे
ट्रॉली गिरने के काफी देर बाद तक खंदक मेें डूबे लोग जान बचाने के लिए जुटे रहे। खंदक में उगे पौधों को पकड़कर बाहर आने की कोशिश की। मगर खंदक में भरे पानी में कीचड़ भी थी। पैर धंसने और ट्राली गिरने से कई लोग निकल नहीं सके। काफी देर तक आवाज लगाते रहेे। बाद में लोग पहुंचे फिर एक-एक कर सबको निकाला गया।
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