{"_id":"6192baef7f02ba2a8e76c111","slug":"the-world-s-first-cannon-that-reached-the-field-of-42-km-jhansi-news-jhs208858674","type":"story","status":"publish","title_hn":"किले के मैदान में पहुंची 42 किमी की दूरी तक वार करने वाली दुनिया की पहली तोप","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
किले के मैदान में पहुंची 42 किमी की दूरी तक वार करने वाली दुनिया की पहली तोप
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
झांसी। सेना के राष्ट्र रक्षा पर्व कार्यक्रम के लिए किले के मैदान में सेना के हथियारों का आना शुरू हो गया है। यहां सोमवार को हाल ही में विकसित एक तोप एडवांस टोड अर्टिलरी गन सिस्टम (एटीएजीएस) लाई गई, जो 42 किलोमीटर दूर स्थित टारगेट पर निशाना साधने में सक्षम है। इसके अलावा सेना के अन्य अस्त्र भी यहां लाए जा रहे हैं।
इसके अलावा यहां 25 किमी तक हवा में वार करने वाली आकाश मिसाइल भी लाई गई है। साथ ही अस्त्र मिसाइल, नाग मिसाइल, संत मिसाइल, हिलीना मिसाइल भी लाई जाएंगी। पानी के भीतर पनडुब्बी को ध्वस्त कर देने वालीं ताल व वरुणा मिसाइल भी यहां लाई जाएंगी। एंटी टैंक मिसाइल अमोघा भी यहां रहेगी। ये सभी सैन्य अस्त्र किला रोड से किले के मैदान तक बनाई गई नई सड़क के किनारे रखे जाएंगे। झांसी आगमन पर प्रधानमंत्री पहले किले में जाएंगे और यहां से निकलकर खुली जीप पर सवार होकर आयोजन स्थल किले के मैदान की ओर रुख करेंगे। इसी दरम्यान वे इन सैन्य अस्त्रों का अवलोकन करेंगे।
विदित हो कि सोमवार को यहां लाई गई तोप एडवांस टोड अर्टिलरी गन सिस्टम (एटीएजीएस) की नोडल एजेंसी डीआरडीओ है। टाटा एडवांस सिस्टम लेब्रोटरी व एक अन्य निजी कंपनी बीएफएल के सहयोग से इसे बनाया गया है। पोखरण में इसका सफल ट्रायल भी किया जा चुका है। बताया गया है कि ये सबसे अधिक दूरी तक वार करने वाली दुनिया की पहली तोप है।
विज्ञापन
विज्ञापन
इसके अलावा यहां 25 किमी तक हवा में वार करने वाली आकाश मिसाइल भी लाई गई है। साथ ही अस्त्र मिसाइल, नाग मिसाइल, संत मिसाइल, हिलीना मिसाइल भी लाई जाएंगी। पानी के भीतर पनडुब्बी को ध्वस्त कर देने वालीं ताल व वरुणा मिसाइल भी यहां लाई जाएंगी। एंटी टैंक मिसाइल अमोघा भी यहां रहेगी। ये सभी सैन्य अस्त्र किला रोड से किले के मैदान तक बनाई गई नई सड़क के किनारे रखे जाएंगे। झांसी आगमन पर प्रधानमंत्री पहले किले में जाएंगे और यहां से निकलकर खुली जीप पर सवार होकर आयोजन स्थल किले के मैदान की ओर रुख करेंगे। इसी दरम्यान वे इन सैन्य अस्त्रों का अवलोकन करेंगे।
विज्ञापन
विदित हो कि सोमवार को यहां लाई गई तोप एडवांस टोड अर्टिलरी गन सिस्टम (एटीएजीएस) की नोडल एजेंसी डीआरडीओ है। टाटा एडवांस सिस्टम लेब्रोटरी व एक अन्य निजी कंपनी बीएफएल के सहयोग से इसे बनाया गया है। पोखरण में इसका सफल ट्रायल भी किया जा चुका है। बताया गया है कि ये सबसे अधिक दूरी तक वार करने वाली दुनिया की पहली तोप है।
विज्ञापन