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कलमबंद बयान तक दर्ज नहीं करा पाई पुलिस

Sat, 24 Oct 2015 02:15 AM IST
ब्यूरो
ब्यूरो Updated Sat, 24 Oct 2015 02:15 AM IST
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The statement could not be recorded police
झांसी। इटावा की महिला सिपाही से साथी सिपाहियों द्वारा गैंगरेप के मामले में पुलिस अभी तक कलमबंद बयान भी दर्ज नहीं करवा पाई है। शुक्रवार को यह मामला उस समय फिर चर्चा में आ गया, जब राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने उत्तर प्रदेश सरकार और एसएसपी को नोटिस भेजकर दो सप्ताह में जवाब तलब किया है।
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जिले के मऊरानीपुर में लगे जल विहार मेला में ड्यूटी करने के लिए इटावा की महिला सिपाही आईं थीं। इटावा महिला थाने में तैनात इस महिला सिपाही से 28 सितंबर को साथी दो सिपाहियों ने गैंगरेप कर दिया था। पीड़िता ने झांसी से इटावा लौटने के बाद आईजी कानपुर जोन से शिकायत की थी, जिसपर इटावा के महिला थाने में मुकदमा दर्ज किया गया था। पीड़िता ने सिपाहियों के डर की वजह से मामला इटावा में दर्ज कराने का भी अनुरोध किया था। उसने वारदात के समय एक अन्य महिला सिपाही के भी गाड़ी में होने की बात कही थी।
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इटावा एसएसपी ने पीड़िता का मेडिकल परीक्षण कराकर 161 के बयान दर्ज करवाए थे। दूसरे ही दिन इटावा पुलिस ने मामला झांसी पुलिस के हवाले कर दिया। पुलिस ने इस मामले में आरोपी सिपाहियों को हिरासत में लिया तो दोनों ने खुलासा किया था कि आरोप लगाने वाली महिला सिपाही उनकी रिश्तेदार है। महिला सिपाही के परिवार से उनकी रंजिश चल रही है। जिस महिला सिपाही के वारदात के समय साथ होने की बात कही गई, उसने शपथ पत्र देकर कोई भी जानकारी होने से इनकार किया था। उसका कहना था कि वह पैसेंजर ट्रेन से झांसी गई थी न कि पीड़िता के साथ गाड़ी में। उक्त तथ्यों के आधार पर स्थानीय पुलिस इस मामले को संदिग्ध मानकर चल रहा है।
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पीड़िता बयान देने के लिए भी नहीं आई। जब मऊरानीपुर थाने का एक दरोगा पीड़िता को लेने के लिए इटावा पहुंचा तो वह बीमारी के चलते नहीं आई। हैरानी की बात है कि पीड़िता के बीमार होने की वजह से पुलिस अभी तक उसका कलमबंद बयान तक दर्ज नहीं करा सकी है।


वहीं, शुक्रवार को यह मामला उस समय फिर चर्चा में आ गया जब राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने उत्तर प्रदेश सरकार व झांसी के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को नोटिस जारी करते हुए जवाब मांगा है। आयोग ने कहा है कि अगर घटना सच है तो मानवाधिकार उल्लंघन का यह गंभीर मामला बनता है। वहीं, आयोग द्वारा नोटिस भेजने के संबंध में एसएसपी सुभाष चंद्र दुबे का कहना है कि उनके पास कोई नोटिस नहीं आया है। अगर ऐसा नोटिस आएगा तो संबंधित रिपोर्ट भेज दी जाएगी।
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