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बच्चों के सिर से उठ गया मां का साया

Sat, 16 Oct 2021 12:45 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Sat, 16 Oct 2021 12:45 AM IST
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The shadow of the mother rose from the head of the children
झांसी। चिरगांव हादसे ने दो बच्चों के सिर से मां का साया छीन लिया। गांव पंडोखर के मुकुल और भावना मां को याद कर रो रहे थे। पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे मुकुल ने मां का शव देखा तो वह बेहोश हो गया। उसने बताया कि मां ने नवरात्र पर व्रत रखा था। वह शाम तक आने की कहकर गई थी। मेरे काम में मां हाथ बंटाती थी। हादसे में मेरा संसार उजड़ गया।
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चिरगांव हादसे में पुष्पा देवी 40 पत्नी जानकी की मौत हो गई। उनके परिवार में एक बेटा मुकुल, बेटी आरती, अन्नू और भावना हैं। बेटी आरती और अन्नू की शादी हो चुकी है। भावना और मुकुल पढ़ रहे हैं। मुकुल ने बताया कि नवरात्र में मां ने नौ दिन तक व्रत रखे थे। पूरे घर में सब कुछ वही देखती थी। मगर अब हमारा ध्यान रखने वाला कोई नहीं बचा है। पोस्टमार्टम हाउस में मुकुल मां के शव को देखकर बेहोश हो गया। उसे लोगों ने संभाला।
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पूरा करूंगा मां का सपना
झांसी। हादसे में मृतक सुनीता पत्नी रविंद्र के बेटे गोलू का रो-रोकर बुरा हाल था। पोस्टमार्टम हाउस पर जब गोलू ने मां के शव को देखा तो बुरी तरह फफक पड़ा। गोलू ने बताया कि तीन दिन से मां छिरौना जाने के लिए तैयारी कर रही थी। सुबह छह बजे वह घर से आ गई थी। गोलू का कहना था कि मां मुझे पढ़ा लिखाकर बड़ा आदमी बनाना चाहती थी। मैं मां का सपना पूरा करके दिखाऊंगा।
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