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खाद्य सुरक्षा का अधिकार हुआ साकार
ब्यूरो
Updated Wed, 06 Jan 2016 01:48 AM IST
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झांसी। राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत मंगलवार से जिले में सस्ते अनाज का वितरण शुरू हुआ। कई स्थानों पर आपूर्ति विभाग ने जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी में वितरण शुरू कराया। हालांकि, योजना की शुरुआत में तमाम पात्रों को राशन की दुकानों से खाली हाथ लौटना पड़ा।
साल 2013 में अस्तित्व में आए राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम का मंगलवार को साकार रूप देखने को मिला। जिले की 202 सरकारी राशन की दुकानों से योजना के तहत चयनितों को दो रुपये गेहूं व तीन रुपये प्रति किलोग्राम की दर से चावल उपलब्ध कराया गया।
कोछाभांवर स्थित राशन की दुकान से सस्ते राशन का वितरण सांसद प्रतिनिधि केशभान सिंह पटेल, सदर बाजार में केंद्रीय मंत्री प्रतिनिधि डा. जगदीश सिंह चौहान, मोंठ में गरौठा विधायक दीपनारायण सिंह यादव, बड़ागांव में बबीना विधायक कृष्णपाल सिंह राजपूत, मऊरानीपुर में विधायक डा. रश्मि आर्या, सदर बाजार में पूर्व पार्षद नृपेंद्र सिंह ने प्रारंभ कराया। वितरण कार्य जिला पूर्ति अधिकारी अशोक कुमार, पूर्ति निरीक्षक डॉली शर्मा आदि विभागीय अधिकारियों की निगरानी में शुरू हुआ।
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इस दौरान राशन की दुकानों पर सुबह से ही भीड़ जमा रही। तमाम उपभोक्ताओं को खाली हाथ भी वापस लौटना पड़ा। आपूर्ति विभाग द्वारा तैयार की गई पात्रों की सूची में उनके नाम नहीं मिले। इस दौरान कई दुकानों पर पर्यवेक्षण अधिकारी भी नहीं पहुंचे।
‘मुन्नी’ के कार्ड पर ‘मनीराम’ का नाम
झांसी। आपूर्ति विभाग द्वारा उपभोक्ताओं को राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत कार्डों की प्रतियां उपलब्ध कराई गईं हैं, जिसमें ढेरों अशुद्धियां सामने आ रही हैं। किसी में पता गलत है, तो किसी में नाम। महिला मुखिया के नाम की जगह पुरुष का नाम दर्ज है, वह भी किसी ऐसे व्यक्ति का जिसका उस गृहस्थी से दूर-दूर तक कोई नाता नहीं है। वहीं, कई कार्डों में परिवार को ब्योरा गलत दर्शाया गया है।
रजिस्टर में दर्ज करें नाम
झांसी। पात्र का नाम योजना में शामिल कराने व अपात्रों को बाहर करने के लिए आपूर्ति विभाग द्वारा राशन की दुकानों पर रजिस्टर रखवाया गया है, जिसमें उपभोक्ता नाम शामिल करने व अपात्र का नाम हटाने के संबंध में सूचना दे सकते हैं। विभाग द्वारा इसका परीक्षण कराया जाएगा। तदुपरांत, कार्ड जारी कर दिए जाएंगे।
यह नहीं हैं पात्र
झांसी। राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम का लाभ उन परिवारों को नहीं मिलेगा, जो आयकर दाता हैं या उनके पास चार पहिया वाहन, ट्रैक्टर, हार्वेस्टर, एसी, पांच केवीए या इससे अधिक का जेनरेटर, शस्त्र लाइसेंस, 100 वर्गमीटर या इससे अधिक का आवासीय प्लाट /मकान, अस्सी वर्गमीटर या इससे अधिक कार्पेट एरिया का व्यावसायिक स्थान है।
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साल 2013 में अस्तित्व में आए राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम का मंगलवार को साकार रूप देखने को मिला। जिले की 202 सरकारी राशन की दुकानों से योजना के तहत चयनितों को दो रुपये गेहूं व तीन रुपये प्रति किलोग्राम की दर से चावल उपलब्ध कराया गया।
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कोछाभांवर स्थित राशन की दुकान से सस्ते राशन का वितरण सांसद प्रतिनिधि केशभान सिंह पटेल, सदर बाजार में केंद्रीय मंत्री प्रतिनिधि डा. जगदीश सिंह चौहान, मोंठ में गरौठा विधायक दीपनारायण सिंह यादव, बड़ागांव में बबीना विधायक कृष्णपाल सिंह राजपूत, मऊरानीपुर में विधायक डा. रश्मि आर्या, सदर बाजार में पूर्व पार्षद नृपेंद्र सिंह ने प्रारंभ कराया। वितरण कार्य जिला पूर्ति अधिकारी अशोक कुमार, पूर्ति निरीक्षक डॉली शर्मा आदि विभागीय अधिकारियों की निगरानी में शुरू हुआ।
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इस दौरान राशन की दुकानों पर सुबह से ही भीड़ जमा रही। तमाम उपभोक्ताओं को खाली हाथ भी वापस लौटना पड़ा। आपूर्ति विभाग द्वारा तैयार की गई पात्रों की सूची में उनके नाम नहीं मिले। इस दौरान कई दुकानों पर पर्यवेक्षण अधिकारी भी नहीं पहुंचे।
‘मुन्नी’ के कार्ड पर ‘मनीराम’ का नाम
झांसी। आपूर्ति विभाग द्वारा उपभोक्ताओं को राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत कार्डों की प्रतियां उपलब्ध कराई गईं हैं, जिसमें ढेरों अशुद्धियां सामने आ रही हैं। किसी में पता गलत है, तो किसी में नाम। महिला मुखिया के नाम की जगह पुरुष का नाम दर्ज है, वह भी किसी ऐसे व्यक्ति का जिसका उस गृहस्थी से दूर-दूर तक कोई नाता नहीं है। वहीं, कई कार्डों में परिवार को ब्योरा गलत दर्शाया गया है।
रजिस्टर में दर्ज करें नाम
झांसी। पात्र का नाम योजना में शामिल कराने व अपात्रों को बाहर करने के लिए आपूर्ति विभाग द्वारा राशन की दुकानों पर रजिस्टर रखवाया गया है, जिसमें उपभोक्ता नाम शामिल करने व अपात्र का नाम हटाने के संबंध में सूचना दे सकते हैं। विभाग द्वारा इसका परीक्षण कराया जाएगा। तदुपरांत, कार्ड जारी कर दिए जाएंगे।
यह नहीं हैं पात्र
झांसी। राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम का लाभ उन परिवारों को नहीं मिलेगा, जो आयकर दाता हैं या उनके पास चार पहिया वाहन, ट्रैक्टर, हार्वेस्टर, एसी, पांच केवीए या इससे अधिक का जेनरेटर, शस्त्र लाइसेंस, 100 वर्गमीटर या इससे अधिक का आवासीय प्लाट /मकान, अस्सी वर्गमीटर या इससे अधिक कार्पेट एरिया का व्यावसायिक स्थान है।