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एक डंपर बालू की कीमत 40 हजार
amarujala
Updated Sat, 08 Jul 2017 01:16 AM IST
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- फोटो : demo
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बाजार में बालू की कीमत 12 हजार से बढ़कर 40 हजार रुपये प्रति डंपर हो गई है। दरअसल शासन ने तीस सितंबर तक घाटों पर बालू का खनन बंद कर दिया गया है। इस समय मध्यप्रदेश के घाटों से बालू लाई जा रही है, जो लोगों को तीन गुने से भी अधिक दामों में मिल रही है। बालू के दाम बढ़ने से निर्माण कार्यों की लागत पर भी इसका असर पड़ रहा है।
योगी सरकार बनने के बाद मार्च में बालू के अवैध खनन पर रोक लगा दी गई थी। बालू की कमी से सभी सरकारी और गैर सरकारी निर्माण कार्य बंद होे गए थे। इस दौरान मध्य प्रदेश से बालू आ रहा था, उसकी कीमत अधिक होने के कारण लोगों के बजट से बाहर थी। नए टेंडर होने के बाद जून में घाटों से बालू का खनन शुरू हुआ तो लोगों ने राहत की सांस ली। 300 फीट बालू भरा डंपर 12 हजार रुपये का मिल रहा था। ट्रैक्टर ट्राली 1800 से 2000 रुपये की पड़ रही थी, लेकिन शासन ने बारिश के चलते 01 जुलाई से 30 सितंबर तक बालू का खनन कार्य बंद कराने के निर्देश दे दिए हैं। इससे बालू का आना फिर बंद हो गया है।
कुछ खनन ठेकेदार मध्य प्रदेश के टीकमगढ़ के विजयपुर और परेछा घाट से बालू ला रहे हैं, जिसकी वे मुंहमांगी कीमत वसूल रहे हैं। कानपुर चुंगी पर तीन सौ फुट बालू से भरे डंपर की कीमत 40 हजार रुपये मांगी जा रही है। अगर डंपर में 400 फुट तक माल है तो उसके 45 हजार रुपये तक लिए जा रहे हैं। डंपर मालिकों का कहना है कि वे जीएसटी देकर बालू झांसी तक ला रहे हैं। भाड़ा भी ज्यादा लग रहा है। इससे बालू महंगे दामों में बेच रहे हैं। हालांकि, उनकी इस मनमानी पर महानगर में निर्माण कार्य बंद होना शुरू हो गए हैं।
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हम कुछ नहीं कर सकते
शासन के निर्देश पर अवैध खनन बंद किए गए हैं। मध्यप्रदेश से आ रही बालू पर हमारा हस्तक्षेप नहीं है। कीमतों का निर्धारण बाजार के हिसाब से होता है। इसमें हम कुछ नहीं कर सकते।
कर्ण सिंह चौहान, डीएम
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बाजार में बालू की कीमत 12 हजार से बढ़कर 40 हजार रुपये प्रति डंपर हो गई है। दरअसल शासन ने तीस सितंबर तक घाटों पर बालू का खनन बंद कर दिया गया है। इस समय मध्यप्रदेश के घाटों से बालू लाई जा रही है, जो लोगों को तीन गुने से भी अधिक दामों में मिल रही है। बालू के दाम बढ़ने से निर्माण कार्यों की लागत पर भी इसका असर पड़ रहा है।
योगी सरकार बनने के बाद मार्च में बालू के अवैध खनन पर रोक लगा दी गई थी। बालू की कमी से सभी सरकारी और गैर सरकारी निर्माण कार्य बंद होे गए थे। इस दौरान मध्य प्रदेश से बालू आ रहा था, उसकी कीमत अधिक होने के कारण लोगों के बजट से बाहर थी। नए टेंडर होने के बाद जून में घाटों से बालू का खनन शुरू हुआ तो लोगों ने राहत की सांस ली। 300 फीट बालू भरा डंपर 12 हजार रुपये का मिल रहा था। ट्रैक्टर ट्राली 1800 से 2000 रुपये की पड़ रही थी, लेकिन शासन ने बारिश के चलते 01 जुलाई से 30 सितंबर तक बालू का खनन कार्य बंद कराने के निर्देश दे दिए हैं। इससे बालू का आना फिर बंद हो गया है।
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कुछ खनन ठेकेदार मध्य प्रदेश के टीकमगढ़ के विजयपुर और परेछा घाट से बालू ला रहे हैं, जिसकी वे मुंहमांगी कीमत वसूल रहे हैं। कानपुर चुंगी पर तीन सौ फुट बालू से भरे डंपर की कीमत 40 हजार रुपये मांगी जा रही है। अगर डंपर में 400 फुट तक माल है तो उसके 45 हजार रुपये तक लिए जा रहे हैं। डंपर मालिकों का कहना है कि वे जीएसटी देकर बालू झांसी तक ला रहे हैं। भाड़ा भी ज्यादा लग रहा है। इससे बालू महंगे दामों में बेच रहे हैं। हालांकि, उनकी इस मनमानी पर महानगर में निर्माण कार्य बंद होना शुरू हो गए हैं।
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हम कुछ नहीं कर सकते
शासन के निर्देश पर अवैध खनन बंद किए गए हैं। मध्यप्रदेश से आ रही बालू पर हमारा हस्तक्षेप नहीं है। कीमतों का निर्धारण बाजार के हिसाब से होता है। इसमें हम कुछ नहीं कर सकते।
कर्ण सिंह चौहान, डीएम