ललितपुर। शासनादेश के अनुसार नई महायोजना तैयार होने पर पुरानी महायोजना को नहीं बदला जा सकता है। सिर्फ विस्तार वाले इलाके का विकास करने के लिए नक्शा तैयार होता है। पुरानी नक्शे में छेड़छाड़ की गई थी। ऐसे में उसे निरस्त कर नए सिरे से तैयार किया गया है। तैयार नक्शे की जांच विनियमित क्षेत्र के अवर अभियंता और टाउन प्लानर कर रहे हैं।
जिले में महायोजना का जो नक्शा 1996 में तैयार हुआ था, वह 2011 तक ही मान्य था। लेकिन 2011 में शहरी विस्तार विशेष न होने से महायोजना को दस साल के लिए बढ़ा दिया गया। लेकिन इन दस सालों में शहर का जितना विकास हुआ, उसके चलते महायोजना के नक्शे की विस्तार की जरूरत थी। ताकि, विधिवत शहर का विकास हो सके। जो पहले नक्शा बनाया गया था, उसमें पुराने नक्शे में आरक्षित हरित पट्टी और अन्य जन उपयोग के लिए आरक्षित भूमियों का स्वरूप बदला गया। जो नियम विरुद्ध होने से नक्शा निरस्त कर दिया गया। दिसंबर 2023 में नक्शा बनाने की प्रक्रिया फिर शुरू हुई। गुरुग्रामइ की एक कंपनी को इसका कार्य मिला। अब नक्शा बनकर तैयार हो गया है, जिसे जिलास्तर की कमेटी के सामने प्रस्तुत किया गया है। लेकिन आम लोगों से आपत्ति मांगने से पहले विभागीय तौर पर इसकी कमियों का अध्ययन किया जा रहा है। ताकि, आपत्ति कम से कम प्राप्त आएं। विनियमित क्षेत्र के अवर अभियंता ओपी मालवीय ने बताया कि गहनता से महायोजना के नक्शे की जांच में बाद ही इसे जारी कर आपत्ति मांगी जाएंगी।