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महापौर ने झाड़ा पल्ला, कहा- मैंने नहीं दिया था कोई आश्वासन
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झांसी। तूल पकड़ चुके व्यापारी नेता की पिटाई प्रकरण में कई दिनों के बाद आज आखिरकार महापौर रामतीर्थ सिंघल ने चुप्पी तोड़ी। उन्होंने यह साफ किया है कि उनकी ओर से किसी को कोई आश्वासन नहीं दिया गया। उनके नाम का गलत इस्तेमाल करके अफवाह फैलाई जा रही है। फोन रिकॉर्ड के साथ जल्द वह सारी बातें सार्वजनिक करेंगे।
29 जून को व्यापारी नेता संतोष साहू की पिटाई का एक वीडियो अचानक वायरल हुआ था। मालूम चला यह वीडियो 13 अप्रैल का है। उस दिन बीकेडी चौराहे के पास कार्रवाई के दौरान प्रवर्तन दल से व्यापारी नेता की भिड़त हुई थी। दस्ते में शामिल पूर्व सैन्यकर्मियों ने व्यापारी नेता को पटक कर मारा था। करीब सवा दो महीने बाद वीडियो सामने आने पर व्यापारी नेता संतोष साहू को सामने आना पड़ा। व्यापारी नेता ने सफाई देते हुए कहाकि- उसने महापौर रामतीर्थ सिंघल से शिकायत की थी। महापौर ने कार्रवाई का भरोसा दिलाते हुए शांत रहने को कहा था लेकिन, आज अमर उजाला से बात करते हुए महापौर ने व्यापारी नेता संतोष साहू की बातों को सिरे से नाकार दिया।
महापौर का कहना है कि संतोष साहू ने उनसे कोई शिकायत नहीं की थी बल्कि प्रवर्तन दल की ओर से इस संबंध में एक शिकायत आई थी। प्रवर्तन दल इस मामले को लेकर सरकारी कार्य में बाधा उत्पन्न करने के आरोप में मामला दर्ज कराना चाहता था लेकिन, उन्होंने प्रवर्तन दल को ऐसा करने से मना किया। महापौर का कहना है पिटाई का मामला उजागर होने के बाद संतोष साहू ने उनके नाम का इस्तेमाल क्यूं किया, यह उनको नहीं पता। कुछ दिनों में वह सच बात सुबूतों के साथ सार्वजनिक करेंगे। वहीं, महापौर के खुलासे के बाद एक बार फिर पिटे हुए व्यापारी नेता संतोष साहू के दावों पर सवालिया निशान खड़े हो गए।
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29 जून को व्यापारी नेता संतोष साहू की पिटाई का एक वीडियो अचानक वायरल हुआ था। मालूम चला यह वीडियो 13 अप्रैल का है। उस दिन बीकेडी चौराहे के पास कार्रवाई के दौरान प्रवर्तन दल से व्यापारी नेता की भिड़त हुई थी। दस्ते में शामिल पूर्व सैन्यकर्मियों ने व्यापारी नेता को पटक कर मारा था। करीब सवा दो महीने बाद वीडियो सामने आने पर व्यापारी नेता संतोष साहू को सामने आना पड़ा। व्यापारी नेता ने सफाई देते हुए कहाकि- उसने महापौर रामतीर्थ सिंघल से शिकायत की थी। महापौर ने कार्रवाई का भरोसा दिलाते हुए शांत रहने को कहा था लेकिन, आज अमर उजाला से बात करते हुए महापौर ने व्यापारी नेता संतोष साहू की बातों को सिरे से नाकार दिया।
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महापौर का कहना है कि संतोष साहू ने उनसे कोई शिकायत नहीं की थी बल्कि प्रवर्तन दल की ओर से इस संबंध में एक शिकायत आई थी। प्रवर्तन दल इस मामले को लेकर सरकारी कार्य में बाधा उत्पन्न करने के आरोप में मामला दर्ज कराना चाहता था लेकिन, उन्होंने प्रवर्तन दल को ऐसा करने से मना किया। महापौर का कहना है पिटाई का मामला उजागर होने के बाद संतोष साहू ने उनके नाम का इस्तेमाल क्यूं किया, यह उनको नहीं पता। कुछ दिनों में वह सच बात सुबूतों के साथ सार्वजनिक करेंगे। वहीं, महापौर के खुलासे के बाद एक बार फिर पिटे हुए व्यापारी नेता संतोष साहू के दावों पर सवालिया निशान खड़े हो गए।
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