{"_id":"949b274b3d567b56557672b2556924d0","slug":"the-injection-needle-stuck-broken-hip-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"कूल्हे में इंजेक्शन की सुई टूटकर फंसी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कूल्हे में इंजेक्शन की सुई टूटकर फंसी
ब्यूरो
Updated Tue, 27 Oct 2015 01:10 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
झांसी। महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज में एक मरीज के कूल्हे में इंजेक्शन लगाते वक्त सुई टूटकर फंस गई। डॉक्टर पहले उसे रेफर करने की जुगत में लगे रहे, बाद में मरीज के विरोध करने पर ऑपरेशन कर सुई शरीर से बाहर निकाली गई।
जानकारी के मुताबिक तीन दिन पहले शिवम सोलंकी को किसी बीमारी के चलते मेडिकल कॉलेज के वार्ड नंबर तीन में भर्ती किया गया था। सर्जरी विभाग के अंतर्गत उसका इलाज चल रहा था। स्टाफ नर्स द्वारा पेन किलर इंजेक्शन लगाते समय सुई टूटकर कूल्हे में फंस गई। चिकित्सकोें को इसकी सूचना दी गई तो पहले वे टूटी सुई खोजने में लगे रहे, लेकिन उसका पता नहीं लगा सका।
आरोप है कि चिकित्सकों ने सुई ज्यादा भीतर चली जाने की बात कहते हुए मरीज को दिल्ली रेफर करने की कोशिश की तो वह बिफर गया। मरीज द्वारा कड़ा विरोध दर्ज कराने पर केस ऑर्थो विभाग में रेफर कर दिया गया। सोमवार को आर्थो विभाग में सी-आर्म मशीन के जरिए सुई का पता लगाया गया और ऑपरेशन कर उसे बाहर निकाल लिया गया। उधर, सीएमएस डॉ. हरिश्चंद्र आर्या ने पूछे जाने पर बताया कि यह बात सही है कि मरीज के कूल्हे में इंजेक्शन लगाते समय सुई टूट गई थी, जिसको ऑपरेशन करके निकला दिया गया है। उन्होंने इसमें किसी की लापरवाही और घटिया प्रॉडक्ट सप्लाई के आरोप को गलत बताया है।
विज्ञापन
.
लापरवाही या खराब प्रॉडक्ट की सप्लाई
ऐसे केस आम तौर पर कम ही देखने को मिलते हैं। मेडिकल कॉलेज में सुई टूटने की घटना ने कई सवालों को जन्म दे दिया है। पहल सवाल नर्स द्वारा सुई लगाते समय घोर लापरवाही करने का उठ रहा है। वहीं, मेडिकल कॉलेज में सप्लाई हो रहे प्रॉडक्ट की क्वालिटी पर भी सवाल उठ रहा है। माना जा रहा है कि कमजोर सुई होने के कारण यह टूट गई।
विज्ञापन
जानकारी के मुताबिक तीन दिन पहले शिवम सोलंकी को किसी बीमारी के चलते मेडिकल कॉलेज के वार्ड नंबर तीन में भर्ती किया गया था। सर्जरी विभाग के अंतर्गत उसका इलाज चल रहा था। स्टाफ नर्स द्वारा पेन किलर इंजेक्शन लगाते समय सुई टूटकर कूल्हे में फंस गई। चिकित्सकोें को इसकी सूचना दी गई तो पहले वे टूटी सुई खोजने में लगे रहे, लेकिन उसका पता नहीं लगा सका।
विज्ञापन
आरोप है कि चिकित्सकों ने सुई ज्यादा भीतर चली जाने की बात कहते हुए मरीज को दिल्ली रेफर करने की कोशिश की तो वह बिफर गया। मरीज द्वारा कड़ा विरोध दर्ज कराने पर केस ऑर्थो विभाग में रेफर कर दिया गया। सोमवार को आर्थो विभाग में सी-आर्म मशीन के जरिए सुई का पता लगाया गया और ऑपरेशन कर उसे बाहर निकाल लिया गया। उधर, सीएमएस डॉ. हरिश्चंद्र आर्या ने पूछे जाने पर बताया कि यह बात सही है कि मरीज के कूल्हे में इंजेक्शन लगाते समय सुई टूट गई थी, जिसको ऑपरेशन करके निकला दिया गया है। उन्होंने इसमें किसी की लापरवाही और घटिया प्रॉडक्ट सप्लाई के आरोप को गलत बताया है।
विज्ञापन
.
लापरवाही या खराब प्रॉडक्ट की सप्लाई
ऐसे केस आम तौर पर कम ही देखने को मिलते हैं। मेडिकल कॉलेज में सुई टूटने की घटना ने कई सवालों को जन्म दे दिया है। पहल सवाल नर्स द्वारा सुई लगाते समय घोर लापरवाही करने का उठ रहा है। वहीं, मेडिकल कॉलेज में सप्लाई हो रहे प्रॉडक्ट की क्वालिटी पर भी सवाल उठ रहा है। माना जा रहा है कि कमजोर सुई होने के कारण यह टूट गई।