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Jhansi: तीन दिन से लापता दिव्यांग का शव तालाब में मिला, परिवार में मचा कोहराम, मऊरानीपुर क्षेत्र का मामला
Tue, 25 Aug 2026 01:32 PM IST
दीपक महाजन
संवाद न्यूज एजेंसी, झांसी
संवाद न्यूज एजेंसी, झांसी
Published by: दीपक महाजन
Updated Tue, 25 Aug 2026 01:32 PM IST
सार
पुलिस ने स्थानीय लोगों की मदद से शव को बाहर निकलवाया। बेटे का शव देखते ही पिता बदहवास हो गया। शव को कब्जे में लेकर पुलिस आगे की कार्रवाई में जुट गई है।
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कमलेंदु रिछारिया की फाइल फोटो।
- फोटो : संवाद
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विस्तार
मऊरानीपुर कोतवाली क्षेत्र के नीता कॉलोनी निवासी 27 वर्षीय कमलेंदु रिछारिया का शव मंगलवार सुबह बाजपेयी तालाब में तैरता मिला। युवक तीन दिन से संदिग्ध परिस्थितियों में लापता था। शव मिलने की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और उसे कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। घटना के बाद परिजनों में कोहराम मच गया।
बताया गया कि नीता कॉलोनी निवासी राकेश रिछारिया का पुत्र कमलेंदु तीन दिन पहले रात करीब एक बजे घर से अचानक निकल गया था। परिजनों के मुताबिक, घर में पारिवारिक अनबन के बाद वह घर से निकला था। इसके बाद से परिजन उसकी लगातार तलाश कर रहे थे, लेकिन उसका कोई सुराग नहीं मिल सका। मंगलवार सुबह बाजपेयी तालाब पर मौजूद कर्मचारियों की नजर पानी में तैर रहे शव पर पड़ी। उन्होंने तत्काल पुलिस और नगर पालिका प्रशासन को सूचना दी। जानकारी मिलते ही अतिरिक्त निरीक्षक इंद्रपाल सरोज पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। इसी दौरान बेटे की तलाश कर रहे राकेश रिछारिया भी तालाब पर पहुंच गए। पुलिस ने स्थानीय लोगों की मदद से शव को बाहर निकलवाया। शिनाख्त कमलेंदु के रूप में होते ही पिता बदहवास हो गए। घटना की जानकारी मिलते ही परिजनों में चीख-पुकार मच गई।
परिजनों के मुताबिक, कमलेंदु पढ़ाई में बेहद होनहार था और पैर से दिव्यांग था। उसने पिछले वर्ष मध्य प्रदेश हाईकोर्ट, जबलपुर से संबंधित परीक्षा सफलतापूर्वक पास की थी। हालांकि केंद्र सरकार का दिव्यांग प्रमाण पत्र नहीं बन पाने के कारण उसकी नियुक्ति नहीं हो सकी थी। परिजनों के अनुसार, इसे लेकर वह मानसिक रूप से परेशान रहता था।
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पुलिस ने शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
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बताया गया कि नीता कॉलोनी निवासी राकेश रिछारिया का पुत्र कमलेंदु तीन दिन पहले रात करीब एक बजे घर से अचानक निकल गया था। परिजनों के मुताबिक, घर में पारिवारिक अनबन के बाद वह घर से निकला था। इसके बाद से परिजन उसकी लगातार तलाश कर रहे थे, लेकिन उसका कोई सुराग नहीं मिल सका। मंगलवार सुबह बाजपेयी तालाब पर मौजूद कर्मचारियों की नजर पानी में तैर रहे शव पर पड़ी। उन्होंने तत्काल पुलिस और नगर पालिका प्रशासन को सूचना दी। जानकारी मिलते ही अतिरिक्त निरीक्षक इंद्रपाल सरोज पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। इसी दौरान बेटे की तलाश कर रहे राकेश रिछारिया भी तालाब पर पहुंच गए। पुलिस ने स्थानीय लोगों की मदद से शव को बाहर निकलवाया। शिनाख्त कमलेंदु के रूप में होते ही पिता बदहवास हो गए। घटना की जानकारी मिलते ही परिजनों में चीख-पुकार मच गई।
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परिजनों के मुताबिक, कमलेंदु पढ़ाई में बेहद होनहार था और पैर से दिव्यांग था। उसने पिछले वर्ष मध्य प्रदेश हाईकोर्ट, जबलपुर से संबंधित परीक्षा सफलतापूर्वक पास की थी। हालांकि केंद्र सरकार का दिव्यांग प्रमाण पत्र नहीं बन पाने के कारण उसकी नियुक्ति नहीं हो सकी थी। परिजनों के अनुसार, इसे लेकर वह मानसिक रूप से परेशान रहता था।
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पुलिस ने शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।